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Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर रोडवेज डिपो के पास खुद की बसें नहीं

Thu, 07 Nov 2024 11:27 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2024 11:27 PM IST
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Lakhimpur Roadways Depot does not have its own buses
लखीमपुर खीरी। लखीमपुर का रोडवेज बस स्टेशन परिसर लंबे समय से अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। रोडवेज डिपो के पास न तो खुद की बसें हैं न ही परिसर ठीक से बना है। रोडवेज परिसर में ऊबड़-खाबड़ खड़ंजा है, जो चालक-परिचलकों के साथ ही यात्रियों के लिए मुसीबत से कम नहीं है।
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लखीमपुर डिपो के पास वर्कशॉप न होने की वजह से एक भी निगम की बस नहीं है। सभी बसें अनुबंधित हैं। लखीमपुर रोडवेज डिपो में 87 अनुबंधित बसें हैं, जो लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, गोला, धौरहरा आदि मार्गों पर चलती हैं। यह बसें रोजाना 29 से 30 हजार किलोमीटर का सफर तय कर 10 से 11 लाख रुपये की आय करतीं हैं।
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अनुबंधित बसों के मार्ग पहले से तय हैं। नए मार्ग पर बसों का संचालन नहीं कर सकते हैं। ऐसे में लखीमपुर की बसें पुराने मार्गों पर चलती हैं। पलिया, मैगलगंज सहित कई ऐसे मार्ग हैं, जिस पर आज तक एक भी बस शुरू नहीं हो सकी। इन मार्गों के यात्रियों को सरकारी बस का सफर नसीब नहीं हो पा रहा।
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रोडवेज डिपो को लंबे समय से वर्कशॉप के लिए जमीन की तलाश है, लेकिन उपलब्ध नहीं हो पा रही है। यही वजह है कि आज तक न तो वर्कशॉप बन पाया न ही निगम की बस मिल सकीं। निगम की बस न होने पर नए मार्गों पर बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है, जो यात्रियों के लिए दिक्कतों से कम नहीं है।
लखीमपुर रोडवेज का लंबे समय से कायाकल्प नहीं हो सका है। परिसर में ईटों का खड़ंजा बिछा है, जो कई जगह पर बैठ चुका है। ऐसे में उस परिसर में यात्रियों को चलने में दिक्कतें होती हैं। हालांकि विभाग की ओर से इसके कायाकल्प को लेकर कई बार शासन को पत्र लिखा, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर मामला जैसे का तैसा पड़ा है।
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बरसात में बढ़ जाती हैं दिक्कतें
परिसर ऊबड़-खाबड़ होने के साथ ही कई जगह गड्ढे बन चुके हैं। बरसात के सीजन में उन गड्ढों में पानी भर जाता है। ऐसे में यात्रियों को आने-जाने की अगल परेशानी होती है।

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जमीन उपलब्ध न होने की वजह से आज तक वर्कशॉप नहीं बन सका। यही वजह है कि डिपो में सभी अनुबंधित बसें हैं। रोडवेज परिसर को लेकर भी कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। एक बार फिर से पत्र लिखा जाएगा।
-गीता सिंह, एआरएम, लखीमपुर डिपो
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