{"_id":"615cbecf8ebc3e09c641e125","slug":"lakhimpur-kheri-incident-driver-hari-om-was-working-with-ajay-mishra-teni-for-the-last-10-years","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखीमपुर खीरी बवाल: पिछले 10 साल से अजय मिश्र टेनी के यहां नौकरी कर रहा था हरिओम, मौत के बाद घर पर पसरा सन्नाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखीमपुर खीरी बवाल: पिछले 10 साल से अजय मिश्र टेनी के यहां नौकरी कर रहा था हरिओम, मौत के बाद घर पर पसरा सन्नाटा
Wed, 06 Oct 2021 08:38 AM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, फरधान (लखीमपुर खीरी)
संवाद न्यूज एजेंसी, फरधान (लखीमपुर खीरी)
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 06 Oct 2021 08:38 AM IST
सार
चाचा चंद्रभाल ने बताया कि घर की हालत ठीक ना होने के कारण हरिओम ज्यादा पढ़ाई नहीं कर सका था। कमाने खाने के चक्कर में ड्राइवरी लाइन पकड़ ली बाद में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के यहां नौकरी करने लगा।
विज्ञापन
भांजे के साथ ड्राइवर हरिओम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तिकुनियां थाना क्षेत्र में रविवार को हुए दंगे में फरधान थाना क्षेत्र के परसेहरा बुजुर्ग निवासी हरिओम की मौत के बाद उसके घर में सन्नाटा पसरा है। घरवाले उस वक्त को कोस रहे हैं, जब ऐसी घटना घटी।
विज्ञापन
हरिओम के चाचा चंद्रभाल का कहना है कि फरधान थाना क्षेत्र के गांव परसेहरा बुजुर्ग निवासी राधेश्याम मिश्र के दो बेटे और तीन बेटियों समेत पांच संतानें थीं। हरिओम मिश्र दो बहनों में छोटा था। हरिओम करीब दस साल से खीरी के मौजूदा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी की गाड़ी चलाते आ रहा था। जब से वह विधायक थे, तभी से हरिओम उनके यहां ड्राइवर था और अपने बीमार पिता का इलाज कराने के साथ-साथ घर के सारे खर्च उठाता था। दो बहनों की शादी की। इसके बाद एक छोटी बहन और एक छोटे भाई साथ में बूढ़े मां बाप के साथ घर चला रहा था।
विज्ञापन
चाचा चंद्रभाल ने बताया कि घर की हालत ठीक ना होने के कारण हरिओम ज्यादा पढ़ाई नहीं कर सका था। कमाने खाने के चक्कर में ड्राइवरी लाइन पकड़ ली बाद में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के यहां नौकरी करने लगा। उन्होंने बताया कि इस वक्त हरिओम आशीष मिश्र उर्फ मोनू की गाड़ी चलाता था। तीन अक्तूबर रविवार को जिले में होने वाले डिप्टी सीएम के कार्यक्रम में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी का भी कार्यक्रम था। जिसके चलते उनकी गाड़ियों में से एक गाड़ी हरिओम मिश्रा भी चला रहे थे। दंगाइयों की झड़प में हरिओम मिश्रा की जान चली गई। हरिओम की मौत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घरवालों का रो रो कर बुरा हाल है हर व्यक्ति की जुबान पर अब यही बात है बीमार बाप, मां, भाई और बहन की देखभाल कौन करेगा।
विज्ञापन
कोई भी जिम्मेदार नेता नहीं पहुंचा दाह संस्कार में
घरवालों का कहना है कि रविवार को हुए तिकुनिया कांड में मृतक हरिओम मिश्रा के अंतिम संस्कार में कोई भी भाजपा नेता नहीं पहुंचा। यहां तक कि थाना पुलिस ने भी मौके पर जाकर जानकारी लेने और न किसी अप्रिय घटना होने के बचाव की तैयारी की। नेता और पुलिस के न पहुंचना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।