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प्राइवेट स्कूलों में कमीशनबाजी के विरोध में फूटा गुस्सा
ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 07 Apr 2016 10:18 PM IST
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वकील
- फोटो : अमर उजाला
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डीएम दफ्तर के बाहर प्रदर्शन, अंदर जमीन पर बैठ गए लोग
प्राइवेट स्कूलों की कमीनशनबाजी और धांधली के खिलाफ गुरुवार को लोगों में काफी गुस्सा दिखा। भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष समिति के बैनर तले गुरुवार को कई संगठनों ने शिक्षा व्यवस्था के नाम पर संचालित शोषण व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई और समिति के बैनर तले प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन व शिक्षा माफिया के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उसके बाद डीएम से मिलकर ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने की बात कही।
भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष समिति सहित कई संगठनों ने प्राइवेट विद्यालयों पर अभिभावकों का शोषण करने की बात कहते हुए दोषी प्रबंध तंत्र के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। यूपी बार कौंसिल के सदस्य और पूर्व चेयरमैन अजय शुक्ला के नेतृत्व में अधिवक्ता संघ उत्तर प्रदेश, जनाधिकार मंच सहित कई संगठनों ने डीएम को ज्ञापन देते हुए अवगत कराया कि शहर के अधिकतर विद्यालय अभिभावकों का शोषण करने के उद्देश्य से एनसीआरटी की किताबे न चलाकर प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें मोटे कमीशन के बदले चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को निर्धारित स्थानों से ही कोर्स, ड्रेस, जूता चप्पल आदि लेने के लिए विवश किया जाता है, कई विद्यालयों में 12 महीने के स्थान पर 13 महीने का शुल्क वसूल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट विद्यालय वाले प्रत्येक वर्ष प्रवेश शुल्क के नाम धन उगाही कर रहे है। साथ ही उन्होंने गेहूं खरीद के नाम पर महज दिखावा करने करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए किसानों से वास्तविक गेहूं खरीद सुनिश्चित करने की मांग की है। इस दौरान नरेंद्र वर्मा, बाबूराम राजवंशी, हिमांशी तिवारी, अंजना पंाडेय, सुरेंद्र सिन्हा, रमेश अग्रवाल, आशा रस्तोगी, राजकुमार त्रिवेदी, आफताब अहमद, गोपाल जी कश्यप, मशकूर अली अमित महाजन, नीरज रस्तोगी, गणेश शंकर मिश्र, सईद जितेंद्र पांडेय आशीष बाजपेई, इंदू त्रिवेदी सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।
जब धरने पर बैठ गए वकील
जब वकीलों का जत्था नारेबाजी करते हुए ज्ञापन देने पहुंचा तो डीएम आकाशदीप ने एकाएक कक्ष में इतने सारे प्रदर्शनकारियों के प्रवेश पर आपत्ति जाहिर करते हुए उनकी बात सुनने से ही मना कर दिया, बोले पांच लोगों का प्रतिनिधिमंडल बना लो। उनकी बात सुनी जाएगी, इस पर वकीलों ने डीएम कार्यालय को किसी व्यक्ति विशेष की जागीर न होने की बात कहते हुए विरोध जताया और विरोध जताते हुए कार्यालय के अंदर ही फर्श पर बैठ गए। इस पर डीएम आकाशदीप यू टर्न लेते हुए सभी प्रदर्शनकारियों से कहा, अपनी बात बताओ। तब सभी मान गए। इसके बाद डीएम ने ज्ञापन लिया और कार्रवाई करने का भरोसा भी दे दिया।
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प्राइवेट स्कूलों की कमीनशनबाजी और धांधली के खिलाफ गुरुवार को लोगों में काफी गुस्सा दिखा। भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष समिति के बैनर तले गुरुवार को कई संगठनों ने शिक्षा व्यवस्था के नाम पर संचालित शोषण व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई और समिति के बैनर तले प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन व शिक्षा माफिया के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उसके बाद डीएम से मिलकर ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने की बात कही।
भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष समिति सहित कई संगठनों ने प्राइवेट विद्यालयों पर अभिभावकों का शोषण करने की बात कहते हुए दोषी प्रबंध तंत्र के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। यूपी बार कौंसिल के सदस्य और पूर्व चेयरमैन अजय शुक्ला के नेतृत्व में अधिवक्ता संघ उत्तर प्रदेश, जनाधिकार मंच सहित कई संगठनों ने डीएम को ज्ञापन देते हुए अवगत कराया कि शहर के अधिकतर विद्यालय अभिभावकों का शोषण करने के उद्देश्य से एनसीआरटी की किताबे न चलाकर प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें मोटे कमीशन के बदले चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को निर्धारित स्थानों से ही कोर्स, ड्रेस, जूता चप्पल आदि लेने के लिए विवश किया जाता है, कई विद्यालयों में 12 महीने के स्थान पर 13 महीने का शुल्क वसूल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट विद्यालय वाले प्रत्येक वर्ष प्रवेश शुल्क के नाम धन उगाही कर रहे है। साथ ही उन्होंने गेहूं खरीद के नाम पर महज दिखावा करने करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए किसानों से वास्तविक गेहूं खरीद सुनिश्चित करने की मांग की है। इस दौरान नरेंद्र वर्मा, बाबूराम राजवंशी, हिमांशी तिवारी, अंजना पंाडेय, सुरेंद्र सिन्हा, रमेश अग्रवाल, आशा रस्तोगी, राजकुमार त्रिवेदी, आफताब अहमद, गोपाल जी कश्यप, मशकूर अली अमित महाजन, नीरज रस्तोगी, गणेश शंकर मिश्र, सईद जितेंद्र पांडेय आशीष बाजपेई, इंदू त्रिवेदी सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।
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जब धरने पर बैठ गए वकील
जब वकीलों का जत्था नारेबाजी करते हुए ज्ञापन देने पहुंचा तो डीएम आकाशदीप ने एकाएक कक्ष में इतने सारे प्रदर्शनकारियों के प्रवेश पर आपत्ति जाहिर करते हुए उनकी बात सुनने से ही मना कर दिया, बोले पांच लोगों का प्रतिनिधिमंडल बना लो। उनकी बात सुनी जाएगी, इस पर वकीलों ने डीएम कार्यालय को किसी व्यक्ति विशेष की जागीर न होने की बात कहते हुए विरोध जताया और विरोध जताते हुए कार्यालय के अंदर ही फर्श पर बैठ गए। इस पर डीएम आकाशदीप यू टर्न लेते हुए सभी प्रदर्शनकारियों से कहा, अपनी बात बताओ। तब सभी मान गए। इसके बाद डीएम ने ज्ञापन लिया और कार्रवाई करने का भरोसा भी दे दिया।
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