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किसान महासभा ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 28 Jun 2017 11:03 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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कहा मोदी और योगी की सरकार किसान विरोधी
सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ अखिल भारतीय किसान महासभा ने बुधवार को नसीरुद्दीन मौजी भवन प्रांगण में जोरदार प्रदर्शन किया। बाद में महासभा कार्यकर्ताओं ने अपनी पांच सूत्री मांगों का एक ज्ञापन डीएम को सौंपा।
भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी ने कहा कि योगी सरकार भूमाफिया विरोधी अभियान के नाम पर गरीबों, किसानों को पुश्तैनी जमीन से बेदखल कर रही है। दरअसल सरकार इस अभियान के नाम पर हजारों एकड़ जमीन पर काबिज भूमाफियाओं को संरक्षण और किसानों को जमीन से बेदखल करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कर्ज में डूबे किसान मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश सहित पूरे देश में आत्महत्या कर रहे हैं लेकिन सरकार किसानों का कर्ज माफ नहीं कर रही है।
किसान महासभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रामदरस ने कहा कि मोदी-योगी की सरकारों में किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं। खेती कर अपनी आजीविका चला रहे किसानों को फिर से उजाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। नदी किनारे, सड़क किनारे, जंगल किनारे आबाद छोटे किसानों को कई बार नदी कटान से उजड़े परिवारों को फिर से उजाड़ने के लिए एक सप्ताह का नोटिस दिया गया है। अब यह किसान कहां जाएं कहां रहें।
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किसान महासभा के नेता कमलेश रॉय ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों का कर्जा माफ नहीं किया। यह किसानों के साथ विश्वासघात है। अब किसानों को जमीन से बेदखल करने की साजिश रचकर सरकार ने अपने किसान विरोधी चरित्र को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की कारपोरेट परस्त नीति के खिलाफ किसानों के लिए बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सभा को जिला कमेटी सदस्य रंजीत सिंह, डॉ. राम सेवक, अलगू, बासुदेव, अनीता, गजेंद्र, एनुफ बेग आदि ने संबोधित किया। सभा का संचालन श्रीनाथ ने किया।
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सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ अखिल भारतीय किसान महासभा ने बुधवार को नसीरुद्दीन मौजी भवन प्रांगण में जोरदार प्रदर्शन किया। बाद में महासभा कार्यकर्ताओं ने अपनी पांच सूत्री मांगों का एक ज्ञापन डीएम को सौंपा।
भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी ने कहा कि योगी सरकार भूमाफिया विरोधी अभियान के नाम पर गरीबों, किसानों को पुश्तैनी जमीन से बेदखल कर रही है। दरअसल सरकार इस अभियान के नाम पर हजारों एकड़ जमीन पर काबिज भूमाफियाओं को संरक्षण और किसानों को जमीन से बेदखल करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कर्ज में डूबे किसान मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश सहित पूरे देश में आत्महत्या कर रहे हैं लेकिन सरकार किसानों का कर्ज माफ नहीं कर रही है।
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किसान महासभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रामदरस ने कहा कि मोदी-योगी की सरकारों में किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं। खेती कर अपनी आजीविका चला रहे किसानों को फिर से उजाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। नदी किनारे, सड़क किनारे, जंगल किनारे आबाद छोटे किसानों को कई बार नदी कटान से उजड़े परिवारों को फिर से उजाड़ने के लिए एक सप्ताह का नोटिस दिया गया है। अब यह किसान कहां जाएं कहां रहें।
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किसान महासभा के नेता कमलेश रॉय ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों का कर्जा माफ नहीं किया। यह किसानों के साथ विश्वासघात है। अब किसानों को जमीन से बेदखल करने की साजिश रचकर सरकार ने अपने किसान विरोधी चरित्र को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की कारपोरेट परस्त नीति के खिलाफ किसानों के लिए बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सभा को जिला कमेटी सदस्य रंजीत सिंह, डॉ. राम सेवक, अलगू, बासुदेव, अनीता, गजेंद्र, एनुफ बेग आदि ने संबोधित किया। सभा का संचालन श्रीनाथ ने किया।
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