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कई विभागों में कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन, आज आखिरी मौका

Fri, 25 Oct 2019 02:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 25 Oct 2019 02:56 AM IST
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लखीमपुर खीरी। प्रदेश सरकार ने दिवाली से पहले सभी विभागों में कर्मचारियों को वेतन भुगतान करने के आदेश दिए थे। गुरुवार तक कई विभागों में वेतन निकालने की कार्रवाई चलती रही। अब एक दिन यानी शुक्रवार का समय ही शेष है। लिहाजा शुक्रवार को जिन विभागों के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला तो फिर उनकी दिवाली फीकी रहने के आसार हैं। वहीं 24,817 गन्ना किसानों की दिवाली फीकी रहेगी, क्योंकि चीनी मिलों पर इनका आठ अरब 36 करोड़ 22 लाख रुपये गन्ना मूल्य बकाया है।
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कर्मचारियों की संख्या के लिहाज से सबसे बड़े विभागों में शुमार बेसिक शिक्षा, पंचायती राज विभाग के अलावा स्वास्थ्य, राजस्व विभाग में कर्मचारियों की बड़ी तादात है। इनमें कर्मचारियों को दिवाली से पहले वेतन देने की कार्रवाई कई दिनों से चल रही है। कुछ विभागों ने बिल बनाकर कोषागार भेज दिया, लेकिन कर्मचारियों के खाते में गुरुवार को भी पैसा नहीं पहुंचा। इससे कर्मचारियों की टेंशन बढ़ती जा रही है। अब शुक्रवार का आखिरी दिन बचा है, इस दिन धनतेरस भी है। अगले दिन चौथा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षामित्रों को पिछले महीने का मानदेय भेज दिया है। जबकि शिक्षकों को इस माह का वेतन भेजने की प्रक्रिया चल रही है। वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि गुरुवार को वेतन बिल ट्रेजरी भेज दिया गया है, जहां से शुक्रवार को सभी शिक्षकों के खातों में वेतन चला जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछला दो प्रतिशत डीए एरियर बीईओ स्तर पर पेंडिंग है। नहीं तो इसे भी वेतन के साथ भेजने की तैयारी थी। खाद्य एवं रसद विभाग के कर्मचारियों को भी वेतन नहीं मिला है। पंचायती राज विभाग के डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव ने बताया है कि कर्मचारियों के खाते में वेतन भेज दिया है।
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शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय पर संकट
बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने बताया कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को अक्तूबर का मानदेय का भुगतान अभी नहीं हुआ है, क्योंकि गुरुवार की शाम को बजट शासन से प्राप्त हुआ है। शुक्रवार को मानदेय भुगतान कराने का प्रयास करेंगे।
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जिले के ज्यादातर किसान गन्ना भुगतान पर आश्रित हैें। इस बार चीनी मिलें अभी तक चली नहीं हैं और पिछले वर्ष का आठ अरब 36 करोड़ 22 लाख रुपये बकाया है। ऐसे में किसानों के सामने आर्थिक संकट बरकरार है। भुगतान न होने से छह मिलों गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, ऐरा, बेलरायां और संपूर्णानगर को गन्ना आपूर्ति करने वाले 24,817 किसान प्रभावित हैं।
किसान नेताओं ने भीख मांगकर जताया विरोध
गोला गोकर्णनाथ। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन पदाधिकारियों ने गुरुवार को अधिकारियों से भीख मांग कर विरोध प्रदर्शन किया, किसी भी अधिकारी ने किसान नेताओं को भीख तक नहीं दी। गन्ने का पूरा भुगतान कराने की मांग पर अड़े किसान नेताओं की एसडीएम से हुई वार्ता बेनतीजा रही। चेतावनी दी कि यदि पूरा भुगतान न मिला तो मजबूरन मुक्तिधाम में ही दिवाली मनाएंगे।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा के नेतृत्व में गन्ना भुगतान की मांग को लेकर बुधवार को धरने पर बैठे किसान नेताओं की रात मुक्तिधाम में ही कटी। दूसरे दिन किसान नेताओं ने हाथ में थाली लेकर गन्ना विकास सचिव नंदलाल, सीओ रविंद्र कुमार वर्मा, कोतवाली में प्रभारी निरीक्षक डीपी तिवारी और एसडीएम अखिलेश यादव से भीख मांग कर विरोध प्रदर्शन किया। एसडीएम ने किसान नेताओं को गन्ने का भुगतान कराए जाने का आश्वासन देते हुए समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने और दिवाली पर पूरा भुगतान कराने की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन करने वालों में नारायणलाल वर्मा, शिवदयाल वर्मा, विनोद कुमार राठौर, विजयपाल शर्मा, सर्वेश कुमार, रुकुमकेश, गंगाराम आदि किसान नेता मौजूद रहे।

जिन किसानों का अभी तक पेमेंट नहीं हुआ था उनमें 6948 किसानों को एक एक पर्ची के भुगतान का 10 करोड़, दो लाख, 16हजार 469 रुपया 23अक्तूबर को और 24अक्तूबर को करीब ढाई करोड़ रुपए किसानों के खातों में भेजा गया है। अभी तक कुल बकाया का करीब 65 प्रतिशत ही भुगतान हुआ है। शीघ्र शेष भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है। -नंदलाल, गन्ना विकास समिति गोला
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