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Lakhimpur Kheri News: पैरों में घुंघरू बांधकर नाचते-गाते निकले कांवड़िये
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गोला में निकलता कावड़ियों का दल
गोला गोकर्णनाथ। सावन के पांचवें सोमवार को लेकर छोटी काशी में भगवान शिव भक्तों की धूम है। पैरों में घुंघरू बांधे नाचते-गाते कांवड़िये आकर्षण का केंद्र हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने रूट डायवर्जन, यातायात व्यवस्था सहित अन्य प्रबंध किए हैं।
सावन के छठे सोमवार पर भक्तों ने ब्रह्म मुहूर्त में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख समृद्धि की कामना की। भक्तों के दर्शनार्थ पौराणिक शिव मंदिर के कपाट रात्रि 2:00 बजे से ही खोल दिए गए। वहीं, भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए सैकड़ों किलोमीटर पैदल यात्रा कर गंगा घाटों से जल लेकर आए कांवड़ियों ने रविवार की शाम से ही नीलकंठ मैदान में डेरा जमा लिया। डीजे पर भक्ति गीतों पर थिरकते, पैरों में घुंघरू बांधे कांवड़िये लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
गोला के अन्य दर्शनीय स्थल एवं देवालय
पौराणिक गोकर्णनाथ शिव मंदिर और मंदिर परिसर में ही माता पार्वती मंदिर। बूढ़े बाबा मंदिर अगाध आस्था के केंद्र हैं। संकट मोचन हनुमान मंदिर। विश्वकर्मा मंदिर। गोकर्ण तीर्थ एवं मध्य में लगी विशालकाय भगवान शिव की प्रतिमा। सदर चौराहे के निकट राम-जानकी मंदिर। भूतनाथ मंदिर। बजाज चीनी मिल परिसर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर। तंत्र साधना पर आधारित त्रिलोक गिरी मंदिर। लक्ष्मणजति मंदिर। खुटार रोड स्थित सिद्ध पीठ मां मंगला देवी मंदिर। खुटार रोड स्थित फूल बाबा आश्रम। खुटार रोड पर गोला से 5 किलोमीटर पहले अहमदनगर स्थित क्लेश हरण मंदिर। मोहम्मदी रोड पर गोला से 3 किलोमीटर पहले कंजा देवस्थान, द्वादश ज्योतिर्लिंग, नक्षत्र वाटिका। अलीगंज रोड पर द्वारिका गंज स्थित एक शताब्दी प्राचीन बाबा गोकर्ण मंदिर।
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मोहम्मदी में 24 साल से करवा रहे भंडारा
मोहम्मदी। नगर के निवासी कृष्ण गोपाल सेठ उर्फ पप्पू गोला रोड पर 24 वां विशाल भंडारा का आयोजन कर कांवड़ियों की सेवा कर रहे हैं। 24 घंटे चलने वाले भंडारे में चाय, भोजन, फलाहार, गरम पानी समेत सोने की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि 1998 में दिल्ली कांवड़ यात्रा में गए थे। वहां एक ठेले पर परिवार कांवड़ लेकर चल रहा था। जिसमें छोटा बच्चा लेटा हुआ था। जब पति कांवड़ लेकर चलता था तो पत्नी बच्चे को संभालती थी और जब पत्नी कांवड़ लेकर चलती थी तो पति बच्चे को संभालता। तभी से कांवड़ियों की परेशानियों का ख्याल कर सेवा की इच्छा हुई। तब से भंडारा चल रहा है।
रास्ते में कहीं पानी की व्यवस्था नहीं
मोहम्मदी। गर्मी और उमस के बावजूद सड़क से गुजरने वाले कांवड़ियों और लोगों के लिए एक हैंडपंप तक मयस्सर नहीं है। मोहम्मदी-गोला रोड स्थित बरवर चौराहे पर वन विभाग बैरियर से शुक्लापुर तक कहीं पानी की व्यवस्था नहीं है। संवाद
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सावन के छठे सोमवार पर भक्तों ने ब्रह्म मुहूर्त में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख समृद्धि की कामना की। भक्तों के दर्शनार्थ पौराणिक शिव मंदिर के कपाट रात्रि 2:00 बजे से ही खोल दिए गए। वहीं, भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए सैकड़ों किलोमीटर पैदल यात्रा कर गंगा घाटों से जल लेकर आए कांवड़ियों ने रविवार की शाम से ही नीलकंठ मैदान में डेरा जमा लिया। डीजे पर भक्ति गीतों पर थिरकते, पैरों में घुंघरू बांधे कांवड़िये लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
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गोला के अन्य दर्शनीय स्थल एवं देवालय
पौराणिक गोकर्णनाथ शिव मंदिर और मंदिर परिसर में ही माता पार्वती मंदिर। बूढ़े बाबा मंदिर अगाध आस्था के केंद्र हैं। संकट मोचन हनुमान मंदिर। विश्वकर्मा मंदिर। गोकर्ण तीर्थ एवं मध्य में लगी विशालकाय भगवान शिव की प्रतिमा। सदर चौराहे के निकट राम-जानकी मंदिर। भूतनाथ मंदिर। बजाज चीनी मिल परिसर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर। तंत्र साधना पर आधारित त्रिलोक गिरी मंदिर। लक्ष्मणजति मंदिर। खुटार रोड स्थित सिद्ध पीठ मां मंगला देवी मंदिर। खुटार रोड स्थित फूल बाबा आश्रम। खुटार रोड पर गोला से 5 किलोमीटर पहले अहमदनगर स्थित क्लेश हरण मंदिर। मोहम्मदी रोड पर गोला से 3 किलोमीटर पहले कंजा देवस्थान, द्वादश ज्योतिर्लिंग, नक्षत्र वाटिका। अलीगंज रोड पर द्वारिका गंज स्थित एक शताब्दी प्राचीन बाबा गोकर्ण मंदिर।
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मोहम्मदी में 24 साल से करवा रहे भंडारा
मोहम्मदी। नगर के निवासी कृष्ण गोपाल सेठ उर्फ पप्पू गोला रोड पर 24 वां विशाल भंडारा का आयोजन कर कांवड़ियों की सेवा कर रहे हैं। 24 घंटे चलने वाले भंडारे में चाय, भोजन, फलाहार, गरम पानी समेत सोने की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि 1998 में दिल्ली कांवड़ यात्रा में गए थे। वहां एक ठेले पर परिवार कांवड़ लेकर चल रहा था। जिसमें छोटा बच्चा लेटा हुआ था। जब पति कांवड़ लेकर चलता था तो पत्नी बच्चे को संभालती थी और जब पत्नी कांवड़ लेकर चलती थी तो पति बच्चे को संभालता। तभी से कांवड़ियों की परेशानियों का ख्याल कर सेवा की इच्छा हुई। तब से भंडारा चल रहा है।
रास्ते में कहीं पानी की व्यवस्था नहीं
मोहम्मदी। गर्मी और उमस के बावजूद सड़क से गुजरने वाले कांवड़ियों और लोगों के लिए एक हैंडपंप तक मयस्सर नहीं है। मोहम्मदी-गोला रोड स्थित बरवर चौराहे पर वन विभाग बैरियर से शुक्लापुर तक कहीं पानी की व्यवस्था नहीं है। संवाद

गोला में निकलता कावड़ियों का दल