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विद्यालयों में पावर एंजेल को सिखाए जा रहे जूडो-कराटे
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जूडो-कराटे का प्रशिक्षण लेतीं छात्राएं।
705 परिषदीय स्कूलों और 16 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की छात्राएं पा रहीं प्रशिक्षण
लखीमपुर खीरी। परिषदीय स्कूलों में छात्राओं को पावर एंजेल कार्यक्रम के तहत उन्हें बालिका सुरक्षा व शिक्षा से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है, जो कोरोना काल में कई महीने बाधित रहने के बाद अब फिर से गति पकड़ने लगा है। छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वह अपनी सुरक्षा करने में स्वयं सक्षम बन पाएंगी।
जनपद के 705 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों और 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में गठित मीना मंच की सक्रिय छात्राओं को पावर एंजेल (ग्रुप लीडर) बनाया गया है। इन विद्यालयों में 58222 छात्राएं पंजीकृत हैं। सभी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण से जोड़ा गया है। 2020 में कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन होने से कई महीने तक विद्यालय बंद रहे, जिसके बाद 2021 में भी कोरोना की दूसरी लहर आने से लॉकडाउन लगाया गया था। लिहाजा काफी समय छात्राओं को इस आत्मरक्षा रूपी प्रशिक्षण से वंचित होना पड़ा था।
सितंबर से विद्यालयों का पुन: संचालन होने पर छात्राओं को पावर एंजेल कार्यक्रम के तहत जूड़ो-कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि सभी छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खेल/व्यायाम शिक्षक व अनुदेशक को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। जो छात्राएं किन्ही कारणवश स्कूल नहीं आ रही हैं, उन्हें भी अगले दिनों में आने पर प्रशिक्षित किया जा रहा है।
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प्रशिक्षण से छात्राओं में बढ़ रहा आत्मविश्वास
पावर एंजेल कार्यक्रम के तहत छात्राओं को जूडो-कराटे से प्रशिक्षित किए जाने से उनका आत्मविश्वास मजबूत हो रहा है। बालिका सुरक्षा को लेकर कई तरह के कार्यक्रम बनाए गए, जिसमें जूडो-कराटे व ताइक्वांडो सबसे ज्यादा सफल हुए हैं। छात्राओं को जूडो-कराटे से आत्मरक्षा के गुर सीखने को मिल रहे हैं, उससे उनके आत्मविश्वास में वृद्घि हो रही है।
अभी 705 उच्च प्राथमिक विद्यालयों व 16 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। छात्राएं इसमें रुचि लेकर अच्छी तरह से जूडो-कराटे का प्रशिक्षण आत्मसात कर रही हैं। इन विद्यालयों की छात्राओं का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अन्य विद्यालयों की छात्राओं को भी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
- डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए
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लखीमपुर खीरी। परिषदीय स्कूलों में छात्राओं को पावर एंजेल कार्यक्रम के तहत उन्हें बालिका सुरक्षा व शिक्षा से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है, जो कोरोना काल में कई महीने बाधित रहने के बाद अब फिर से गति पकड़ने लगा है। छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वह अपनी सुरक्षा करने में स्वयं सक्षम बन पाएंगी।
जनपद के 705 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों और 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में गठित मीना मंच की सक्रिय छात्राओं को पावर एंजेल (ग्रुप लीडर) बनाया गया है। इन विद्यालयों में 58222 छात्राएं पंजीकृत हैं। सभी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण से जोड़ा गया है। 2020 में कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन होने से कई महीने तक विद्यालय बंद रहे, जिसके बाद 2021 में भी कोरोना की दूसरी लहर आने से लॉकडाउन लगाया गया था। लिहाजा काफी समय छात्राओं को इस आत्मरक्षा रूपी प्रशिक्षण से वंचित होना पड़ा था।
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सितंबर से विद्यालयों का पुन: संचालन होने पर छात्राओं को पावर एंजेल कार्यक्रम के तहत जूड़ो-कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि सभी छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खेल/व्यायाम शिक्षक व अनुदेशक को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। जो छात्राएं किन्ही कारणवश स्कूल नहीं आ रही हैं, उन्हें भी अगले दिनों में आने पर प्रशिक्षित किया जा रहा है।
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प्रशिक्षण से छात्राओं में बढ़ रहा आत्मविश्वास
पावर एंजेल कार्यक्रम के तहत छात्राओं को जूडो-कराटे से प्रशिक्षित किए जाने से उनका आत्मविश्वास मजबूत हो रहा है। बालिका सुरक्षा को लेकर कई तरह के कार्यक्रम बनाए गए, जिसमें जूडो-कराटे व ताइक्वांडो सबसे ज्यादा सफल हुए हैं। छात्राओं को जूडो-कराटे से आत्मरक्षा के गुर सीखने को मिल रहे हैं, उससे उनके आत्मविश्वास में वृद्घि हो रही है।
अभी 705 उच्च प्राथमिक विद्यालयों व 16 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। छात्राएं इसमें रुचि लेकर अच्छी तरह से जूडो-कराटे का प्रशिक्षण आत्मसात कर रही हैं। इन विद्यालयों की छात्राओं का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अन्य विद्यालयों की छात्राओं को भी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
- डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए