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रक्षाबंधन पर जेल महकमा नहीं करेगा बहनों को निराश
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 06 Aug 2017 11:38 PM IST
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rakhi
- फोटो : अमर उजाला
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जेल अधीक्षक ने समय सीमा बढ़ाकर दी सहूलियत
चार बजे तक आने वाली बहन-भाइयों की होगी मिलाई
ऐसी बहनों और भाइयों के लिए यह अच्छी और राहत भरी खबर है जिनके भाई या बहन जेल में किसी अपराध में बंद हैं। रक्षा सूत्र बांधने या बंधवाने में यदि जिला कारागार पहुंचने में देरी हो गई है तो इस बार उन्हें मायूस होकर नहीं लौटना पड़ेगा। जेल प्रशासन रक्षा बंधन त्योहार पर सोमवार को शाम चार बजे तक आने वाली सभी बहनों को उनके भाइयों और भाइयों को उनकी बहनों से मुलाकात करवाएगा।
भाई-बहन के प्रेम के अटूट बंधन रक्षाबंधन का पर्व आज है। जिला जेल में वर्तमान समय में कैदी और बंदी को मिलाकर कुल 1627 पुरुष और 69 महिलाएं अपने गुनाहों की सजा काट रही हैं। इनमें नौ बच्चे भी शामिल हैं, जो अपने मां के साथ सीखचों के पीछे हैं। काफी बड़ा जिला होने के कारण और दूरदराज ग्रामीण अंचलों से आवागमन के सुगम संसाधन न होने के कारण लोगों को जिला मुख्यालय पहुंचने में काफी समय लगता है। जिले के छोर पर बसे गांवों और कस्बों से लोग समय से जिला कारागार नहीं पहुंच पाते। इससे देरी होने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है। जनता की सुविधाओं और त्योहार को देखते हुए रक्षाबंधन पर जेल प्रशासन ने काफी ढील दी है। यदि बंदी की बहन या बंदी महिला का भाई दोपहर बाद चार बजे तक भी जिला कारागार पहुंचता है तो उसकी मुलाकात कराई जाएगी। मुलाकात सुबह साढ़े नौ बजे से प्रारंभ होगी।
ये आईडी लाएं साथ
आधार कार्ड, मतदाता पहचानपत्र या ड्राइविंग लाइसेंस
सुरक्षा के रहेंगे कड़े बंदोबस्त
बहनों की उमडने वाली भीड़ को लेकर जेल प्रशासन पूरी तरह से सजग है। मिलाई के दौरान जेल गेट से लेकर जेल परिसर के अंदर तक विशेष चौकसी बरती जाएगी। इसके लिए जेल प्रशासन ने अलग से महिला होमगार्डों को भी लगाया है, जो साथ लाने वाले मिष्ठान आदि की जांच करेंगी और तलाशी लेंगी।
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बहन-भाइयों के प्यार का यह बड़ा त्योहार है। कोई बहन और भाई रक्षा सूत्र बांधने या बंधवाने से छूट न जाए। इसके लिए त्योहार के दिन समयबद्धता बढ़ा दी गई है। शाम चार बजे तक आने वाली सभी बहनों और जेल में बंद महिलाओं के भाइयों की मुलाकात कराई जाएगी।
आरबी पटेल, जेल अधीक्षक जिला कारागार लखीमपुर खीरी।
मृतक बंदी के परिवार को मिलेगी एक लाख का चेक
लखीमपुर खीरी। तीन साल पहले बीमार बंदी सदर कोतवाली के गांव बांसखेड़ा निवासी 35 वर्षीय राजेश की जिला अस्पताल में हुई मौत होने पर जेल प्रशासन बंदी के परिवार वालों को एक लाख रुपये मुहैया कराएगा। शासन से धनराशि मिलने के बाद जेल प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है।
जेल अधीक्षक आरबी पटेल ने बताया कि जिला कारागार में बंद राजेश पुत्र भग्गा की तबियत बिगड़ गई थी, जिस पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी तीन मार्च 2013 को मौत हो गई थी। शासन ने बंदी के परिवार वालों के लिए एक लाख रुपये की धनराशि आवंटित की है। उन्होंने बताया कि यह धनराशि दो-तीन दिनों में ड्रॉफ्ट बनवाकर डीएम के मार्फत परिवार वालों को उपलब्ध करा दी जाएगी।
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चार बजे तक आने वाली बहन-भाइयों की होगी मिलाई
ऐसी बहनों और भाइयों के लिए यह अच्छी और राहत भरी खबर है जिनके भाई या बहन जेल में किसी अपराध में बंद हैं। रक्षा सूत्र बांधने या बंधवाने में यदि जिला कारागार पहुंचने में देरी हो गई है तो इस बार उन्हें मायूस होकर नहीं लौटना पड़ेगा। जेल प्रशासन रक्षा बंधन त्योहार पर सोमवार को शाम चार बजे तक आने वाली सभी बहनों को उनके भाइयों और भाइयों को उनकी बहनों से मुलाकात करवाएगा।
भाई-बहन के प्रेम के अटूट बंधन रक्षाबंधन का पर्व आज है। जिला जेल में वर्तमान समय में कैदी और बंदी को मिलाकर कुल 1627 पुरुष और 69 महिलाएं अपने गुनाहों की सजा काट रही हैं। इनमें नौ बच्चे भी शामिल हैं, जो अपने मां के साथ सीखचों के पीछे हैं। काफी बड़ा जिला होने के कारण और दूरदराज ग्रामीण अंचलों से आवागमन के सुगम संसाधन न होने के कारण लोगों को जिला मुख्यालय पहुंचने में काफी समय लगता है। जिले के छोर पर बसे गांवों और कस्बों से लोग समय से जिला कारागार नहीं पहुंच पाते। इससे देरी होने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है। जनता की सुविधाओं और त्योहार को देखते हुए रक्षाबंधन पर जेल प्रशासन ने काफी ढील दी है। यदि बंदी की बहन या बंदी महिला का भाई दोपहर बाद चार बजे तक भी जिला कारागार पहुंचता है तो उसकी मुलाकात कराई जाएगी। मुलाकात सुबह साढ़े नौ बजे से प्रारंभ होगी।
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ये आईडी लाएं साथ
आधार कार्ड, मतदाता पहचानपत्र या ड्राइविंग लाइसेंस
सुरक्षा के रहेंगे कड़े बंदोबस्त
बहनों की उमडने वाली भीड़ को लेकर जेल प्रशासन पूरी तरह से सजग है। मिलाई के दौरान जेल गेट से लेकर जेल परिसर के अंदर तक विशेष चौकसी बरती जाएगी। इसके लिए जेल प्रशासन ने अलग से महिला होमगार्डों को भी लगाया है, जो साथ लाने वाले मिष्ठान आदि की जांच करेंगी और तलाशी लेंगी।
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बहन-भाइयों के प्यार का यह बड़ा त्योहार है। कोई बहन और भाई रक्षा सूत्र बांधने या बंधवाने से छूट न जाए। इसके लिए त्योहार के दिन समयबद्धता बढ़ा दी गई है। शाम चार बजे तक आने वाली सभी बहनों और जेल में बंद महिलाओं के भाइयों की मुलाकात कराई जाएगी।
आरबी पटेल, जेल अधीक्षक जिला कारागार लखीमपुर खीरी।
मृतक बंदी के परिवार को मिलेगी एक लाख का चेक
लखीमपुर खीरी। तीन साल पहले बीमार बंदी सदर कोतवाली के गांव बांसखेड़ा निवासी 35 वर्षीय राजेश की जिला अस्पताल में हुई मौत होने पर जेल प्रशासन बंदी के परिवार वालों को एक लाख रुपये मुहैया कराएगा। शासन से धनराशि मिलने के बाद जेल प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है।
जेल अधीक्षक आरबी पटेल ने बताया कि जिला कारागार में बंद राजेश पुत्र भग्गा की तबियत बिगड़ गई थी, जिस पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी तीन मार्च 2013 को मौत हो गई थी। शासन ने बंदी के परिवार वालों के लिए एक लाख रुपये की धनराशि आवंटित की है। उन्होंने बताया कि यह धनराशि दो-तीन दिनों में ड्रॉफ्ट बनवाकर डीएम के मार्फत परिवार वालों को उपलब्ध करा दी जाएगी।