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एक हफ्ता पूर्व ही हो चुका था नोटरी के अधिवक्ता का लाइसेंस रिन्युवल
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
22 मार्च को हुआ था पर्चा खारिज, रिन्युवल तिथि है 14 मार्च 2022
सपा प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने का मामला
लखीमपुर खीरी। एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच में सपा प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में जिस नोटरी वकील का लाइसेंस रिन्युवल न होने की बात कही जा रही थी, उसके लाइसेंस का रिन्यूवल तो पर्चा खारिज होने से एक हफ्ता पहले ही हो चुका था।
यहां बता दें कि अधिवक्ता के लाइसेंस रिन्युवल की तिथि 14 मार्च 2022 है, जबकि आरओ/डीएम ने 22 मार्च 2022 को नोटरी का लाइसेंस रिन्युवल न होने के आधार पर सपा प्रत्याशी अनुराग वर्मा का नामांकन पत्र खारिज कर दिया था। इसके बाद सपा नेताओं ने नोटरी संजय सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बुधवार यानी 23 मार्च को डीएम को तहरीर सौंपी थी।
एमएलसी चुनाव को लेकर नामांकन पत्र जमा होने के बाद से काफी गहमागहमी का माहौल रहा, जिसमें नामांकन पत्रों की जांच के दिन 22 मार्च को सपा प्रत्याशी का नामांकन पत्र खारिज हो गया था। क्योंकि सपा प्रत्याशी ने अपना शपथ पत्र जिस नोटरी वकील से कराया था, उसके लाइसेंस का रिन्युवल न होने की बात कहते हुए भाजपा प्रत्याशी अनूप कुमार गुप्ता ने आपत्ति दर्ज कराई थी। जांच के समय नोटरी वकील संजय सिंह लाइसेंस रिन्युवल होने का प्रमाण अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सके थे, जिससे डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने सपा प्रत्याशी का नामांकन पत्र खारिज कर दिया था।
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इसके बाद भाजपा प्रत्याशी अनूप कुमार गुप्ता के निर्विरोध निर्वाचन की संभावनाएं बढ़ीं। भाजपा प्रत्याशी के समक्ष बचे एकमात्र निर्दलीय प्रत्याशी नरसिंह यादव का नामांकन वापस कराने की कवायद तेज हुई। इस बीच नोटरी वकील का लाइसेंस रिन्युवल होने की जानकारी सामने आई और रिन्युवल लाइसेंस की कॉपी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल होने लगी। वहीं सपा नेताओं द्वारा नोटरी वकील के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए दी गई तहरीर के मुताबिक, कार्रवाई कराने के लिए डीएम ने एसपी के पाले में गेंद सरका दी है। बृहस्पतिवार को सपा खेमे के सूत्र बताते हैं कि लाइसेंस रिन्युवल होने के बावजूद सपा प्रत्याशी का नामांकन खारिज किए जाने के विरोध में हाईकोर्ट में वाद दायर किया जाएगा।
नोटरी वकील का लाइसेंस रिन्युवल होने की जानकारी अब सामने आई है, लेकिन नामांकन पत्रों की जांच के समय संबंधित नोटरी द्वारा लाइसेंस रिन्युवल संबंधी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए थे, जिस आधार पर नामांकन पत्र खारिज किया गया था। नोटरी के खिलाफ विधिक कार्रवाई के लिए एसपी को पत्र भेजा गया है। - संजय कुमार सिंह, एआरओ
पिछले एमएलसी चुनाव में नरसिंह को मिले थे सात वोट
लखीमपुर खीरी। दो दिनों तक भाजपा प्रत्याशी समेत अधिकारियों को छकाने वाले निर्दलीय प्रत्याशी नरसिंह यादव वर्ष 2016 में हुए एमएलसी चुनाव में किस्मत आजमा चुका है। तब प्रदेश में सपा सरकार थी और सपा प्रत्याशी शशांक यादव को निर्विरोध निर्वाचित कराने के लिए सारे प्रयासों को नरसिंह यादव ने धता बता दिया था। इससे तीन मार्च 2016 को मतदान कराया गया था और छह मार्च 2016 मतगणना कराई गई थी। चुनाव परिणाम में नरसिंह को मात्र सात वोट मिले थे और सपा प्रत्याशी शशांक यादव चुनाव जीते थे। इस बार भी भाजपा प्रत्याशी को निर्विरोध निर्वाचित होने में काफी मशक्कत झेलनी पड़ी, लेकिन दांवपेंच के आगे निर्दलीय प्रत्याशी नरसिंह यादव ने सरेंडर कर दिया। हालांकि नामांकन वापसी के लिए स्वयं न जाकर प्रस्तावक को डीएम कोर्ट भेजा। संवाद
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सपा प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने का मामला
लखीमपुर खीरी। एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच में सपा प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में जिस नोटरी वकील का लाइसेंस रिन्युवल न होने की बात कही जा रही थी, उसके लाइसेंस का रिन्यूवल तो पर्चा खारिज होने से एक हफ्ता पहले ही हो चुका था।
यहां बता दें कि अधिवक्ता के लाइसेंस रिन्युवल की तिथि 14 मार्च 2022 है, जबकि आरओ/डीएम ने 22 मार्च 2022 को नोटरी का लाइसेंस रिन्युवल न होने के आधार पर सपा प्रत्याशी अनुराग वर्मा का नामांकन पत्र खारिज कर दिया था। इसके बाद सपा नेताओं ने नोटरी संजय सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बुधवार यानी 23 मार्च को डीएम को तहरीर सौंपी थी।
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एमएलसी चुनाव को लेकर नामांकन पत्र जमा होने के बाद से काफी गहमागहमी का माहौल रहा, जिसमें नामांकन पत्रों की जांच के दिन 22 मार्च को सपा प्रत्याशी का नामांकन पत्र खारिज हो गया था। क्योंकि सपा प्रत्याशी ने अपना शपथ पत्र जिस नोटरी वकील से कराया था, उसके लाइसेंस का रिन्युवल न होने की बात कहते हुए भाजपा प्रत्याशी अनूप कुमार गुप्ता ने आपत्ति दर्ज कराई थी। जांच के समय नोटरी वकील संजय सिंह लाइसेंस रिन्युवल होने का प्रमाण अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सके थे, जिससे डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने सपा प्रत्याशी का नामांकन पत्र खारिज कर दिया था।
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इसके बाद भाजपा प्रत्याशी अनूप कुमार गुप्ता के निर्विरोध निर्वाचन की संभावनाएं बढ़ीं। भाजपा प्रत्याशी के समक्ष बचे एकमात्र निर्दलीय प्रत्याशी नरसिंह यादव का नामांकन वापस कराने की कवायद तेज हुई। इस बीच नोटरी वकील का लाइसेंस रिन्युवल होने की जानकारी सामने आई और रिन्युवल लाइसेंस की कॉपी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल होने लगी। वहीं सपा नेताओं द्वारा नोटरी वकील के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए दी गई तहरीर के मुताबिक, कार्रवाई कराने के लिए डीएम ने एसपी के पाले में गेंद सरका दी है। बृहस्पतिवार को सपा खेमे के सूत्र बताते हैं कि लाइसेंस रिन्युवल होने के बावजूद सपा प्रत्याशी का नामांकन खारिज किए जाने के विरोध में हाईकोर्ट में वाद दायर किया जाएगा।
नोटरी वकील का लाइसेंस रिन्युवल होने की जानकारी अब सामने आई है, लेकिन नामांकन पत्रों की जांच के समय संबंधित नोटरी द्वारा लाइसेंस रिन्युवल संबंधी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए थे, जिस आधार पर नामांकन पत्र खारिज किया गया था। नोटरी के खिलाफ विधिक कार्रवाई के लिए एसपी को पत्र भेजा गया है। - संजय कुमार सिंह, एआरओ
पिछले एमएलसी चुनाव में नरसिंह को मिले थे सात वोट
लखीमपुर खीरी। दो दिनों तक भाजपा प्रत्याशी समेत अधिकारियों को छकाने वाले निर्दलीय प्रत्याशी नरसिंह यादव वर्ष 2016 में हुए एमएलसी चुनाव में किस्मत आजमा चुका है। तब प्रदेश में सपा सरकार थी और सपा प्रत्याशी शशांक यादव को निर्विरोध निर्वाचित कराने के लिए सारे प्रयासों को नरसिंह यादव ने धता बता दिया था। इससे तीन मार्च 2016 को मतदान कराया गया था और छह मार्च 2016 मतगणना कराई गई थी। चुनाव परिणाम में नरसिंह को मात्र सात वोट मिले थे और सपा प्रत्याशी शशांक यादव चुनाव जीते थे। इस बार भी भाजपा प्रत्याशी को निर्विरोध निर्वाचित होने में काफी मशक्कत झेलनी पड़ी, लेकिन दांवपेंच के आगे निर्दलीय प्रत्याशी नरसिंह यादव ने सरेंडर कर दिया। हालांकि नामांकन वापसी के लिए स्वयं न जाकर प्रस्तावक को डीएम कोर्ट भेजा। संवाद