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Lakhimpur Kheri News: जिंदा को मृत दिखाकर कराई विरासत, लेखपाल पर आरोप
Thu, 09 Apr 2026 11:50 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 09 Apr 2026 11:50 PM IST
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लखीमपुर खीरी। सदर तहसील क्षेत्र में जिंदा महिला को मृत दिखाकर फर्जी तरीके से जमीन की विरासत कराने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने पूर्व लेखपाल पर सांठगांठ का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की है। डीएम ने जांच सदर एसडीएम को सौंपी है।
रुद्रपुर कलां निवासी सुषेण वर्मा ने बताया कि उनकी मां निर्मला देवी के नाम गाटा संख्या 641 (रकबा 0.478 हेक्टेयर) दर्ज है। आरोप है कि केशवपुर गुरैला गांव के एक युवक ने पूर्व लेखपाल मनोज वर्मा से मिलीभगत कर जमीन अपने नाम करा ली, जबकि उसकी मां जीवित हैं।
पीड़ित ने बताया कि वह एक साल से शिकायत कर रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उसने बताया कि खतौनी निकलवाने पर फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। शिकायत करने पर लेखपाल ने गलती स्वीकार कर सुधार का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।
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शिकायत के बाद मौजूदा लेखपाल चंद्र प्रकाश ने जांच कर नायब तहसीलदार को रिपोर्ट सौंपी, जिसमें पूर्व लेखपाल की गलती की पुष्टि हुई है।
पीड़ित ने यह भी बताया कि ग्रीन कार्ड तो बन गया, लेकिन जमीन नाम न होने के कारण बैंक खाते में दिक्कत आ रही है और ब्याज की कटौती हो रही है। वहीं, पूर्व लेखपाल मनोज वर्मा का कहना है कि वाद दायर था, जो निरस्त हो गया था और अब सुधार कराया जा रहा है।
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रुद्रपुर कलां निवासी सुषेण वर्मा ने बताया कि उनकी मां निर्मला देवी के नाम गाटा संख्या 641 (रकबा 0.478 हेक्टेयर) दर्ज है। आरोप है कि केशवपुर गुरैला गांव के एक युवक ने पूर्व लेखपाल मनोज वर्मा से मिलीभगत कर जमीन अपने नाम करा ली, जबकि उसकी मां जीवित हैं।
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पीड़ित ने बताया कि वह एक साल से शिकायत कर रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उसने बताया कि खतौनी निकलवाने पर फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। शिकायत करने पर लेखपाल ने गलती स्वीकार कर सुधार का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।
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शिकायत के बाद मौजूदा लेखपाल चंद्र प्रकाश ने जांच कर नायब तहसीलदार को रिपोर्ट सौंपी, जिसमें पूर्व लेखपाल की गलती की पुष्टि हुई है।
पीड़ित ने यह भी बताया कि ग्रीन कार्ड तो बन गया, लेकिन जमीन नाम न होने के कारण बैंक खाते में दिक्कत आ रही है और ब्याज की कटौती हो रही है। वहीं, पूर्व लेखपाल मनोज वर्मा का कहना है कि वाद दायर था, जो निरस्त हो गया था और अब सुधार कराया जा रहा है।