{"_id":"5974e6874f1c1b36548b4627","slug":"inferno-s-condition-worsens-when-entering-the-temple","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिर में घुसने पर कांवड़िये की हालत बिगड़ी, मौत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिर में घुसने पर कांवड़िये की हालत बिगड़ी, मौत
अमर उजाला ब्यूरो गोला गोकर्णनाथ।
Updated Sun, 23 Jul 2017 11:43 PM IST
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माौत
- फोटो : अमर उजाला
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परिवार वाले आनन फानन में लेकर पहुंचे सीएचसी
डॉक्टर के बताते ही बिलखकर रो पड़े परिवार वाले
सावन की अमावस्या पर छोटी काशी के पौराणिक शिव मंदिर में भगवान शिव का अभिषेक करने आए एक कांवड़िये की मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करते समय अचानक हालत बिगड़ गई। उसके साथ आए परिवार वाले उसे लेकर आनन फानन में सीएचसी पहुंचे जहां डॉक्टर कमलेश नरायन ने उसे मृत घोषित कर दिया। कांवड़िये की मौत से परिवार वाले बिलखकर रो पड़े वहीं मौके पर एसडीएम योगानंद पांडे और सीओ अभिषेक प्रताप ने सीएचसी जाकर परिवार वालों को ढांढस बंधाया और शव सील कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया है।
जिला फर्रुखाबाद के थाना, ग्राम राजेपुर निवासी स्वर्गीय पर्वत सिंह का पुत्र मानसिंह( 38) अमावस्या पर छोटी काशी के पौराणिक शिव मंदिर में पत्नी ममता देवी, सास मौरनी देवी, पुत्र ऋषभ(10), पड़ोसी राजेश कुमार गुप्ता पत्नी राधा रानी, कृष्णानंद आदि के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक करने आए थे। परिवार वालों ने बताया कि जब मानसिंह मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने लगे, तभी भीड़ में उनकी हालत बिगड़ने लगी और वह छटपटाने लगे। यह देखकर परिवार वालों में अफरा तफरी मच गई और वह रोने चिल्लाने लगे। परिवार वाले किसी तरह मानसिंह को लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टर कमलेश नरायन ने उसे मृत घोषित कर दिया। कांवड़िये की मौत की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया और परिवार वाले बिलखकर रोने लगे।
यदि समय से मिलता उपचार, तो बच जाती जान
गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी में सावन मेला को लेकर जहां प्रशासन ने बड़े इंतजाम किए हैं वहीं मंदिर परिसर में राहत शिविर के चिकित्सक तत्काल उसे सही उपचार दे सकते तो शायद यह हादसा टल सकता था। रविवार को जिस समय घटना हुई उस समय मेला कैंप कार्यालय में चिकित्सीय टीम में महज दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मौजूद थे। मंदिर परिसर में एंबुलेस की व्यवस्था भी नहीं की गई थी। जिससे घटना के आधा घंटा बाद आई एंबुलेंस से कांवड़िए को सीएचसी ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यदि समय से प्राथमिक उपचार मिल जाता तो मानसिंह की जान बच सकती थी।
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दूसरी बार गोला आया था मानसिंह
गोला गोकर्णनाथ। सीएचसी में रोती बिलखती मृतक की पत्नी ममता देवी ने बताया कि उसके पति दूसरी बार भोलेनाथ के दर्शन करने गोला आए थे। बड़ी हंसी खुसी से वह लोग घर से चले थे। क्या पता था अब उसके पति घर वापस नहीं जाएंगे। उसके दो पुत्र हैं, बड़ा बेटा नितिन कुमार घर पर है और छोटा बेटा ऋषभ साथ में आया है।
फर्रुखाबाद निवासी मानसिंह को परिवार वाले शाम को सीएचसी लाए। जिसकी अस्पताल आने से पहले ही मौत हो चुकी थी। परिवार वाले सीने में दर्द और बेचैनी बताते थे। मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा।
डॉ कमलेश नरायन, सीएचसी गोला।
घटना दु:खद है। मानसिंह की हालत मंदिर घुसते समय बिगड़ने लगी, उसे अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद पता चल पाएगा। शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
अभिषेक प्रताप, सीओ गोला।
प्रथम दृष्टया और परिवार वालों से बात करने पर पता चला है कि मानसिंह की मौत हार्ट अटैक से प्रतीत हो रही है। मेले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौके से गैरहाजिर चिकित्सकों के विरुद्ध जिलाधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित कर कार्रवाई की जाएगी।
योगानंद पांडे, एसडीएम गोला।
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डॉक्टर के बताते ही बिलखकर रो पड़े परिवार वाले
सावन की अमावस्या पर छोटी काशी के पौराणिक शिव मंदिर में भगवान शिव का अभिषेक करने आए एक कांवड़िये की मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करते समय अचानक हालत बिगड़ गई। उसके साथ आए परिवार वाले उसे लेकर आनन फानन में सीएचसी पहुंचे जहां डॉक्टर कमलेश नरायन ने उसे मृत घोषित कर दिया। कांवड़िये की मौत से परिवार वाले बिलखकर रो पड़े वहीं मौके पर एसडीएम योगानंद पांडे और सीओ अभिषेक प्रताप ने सीएचसी जाकर परिवार वालों को ढांढस बंधाया और शव सील कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया है।
जिला फर्रुखाबाद के थाना, ग्राम राजेपुर निवासी स्वर्गीय पर्वत सिंह का पुत्र मानसिंह( 38) अमावस्या पर छोटी काशी के पौराणिक शिव मंदिर में पत्नी ममता देवी, सास मौरनी देवी, पुत्र ऋषभ(10), पड़ोसी राजेश कुमार गुप्ता पत्नी राधा रानी, कृष्णानंद आदि के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक करने आए थे। परिवार वालों ने बताया कि जब मानसिंह मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने लगे, तभी भीड़ में उनकी हालत बिगड़ने लगी और वह छटपटाने लगे। यह देखकर परिवार वालों में अफरा तफरी मच गई और वह रोने चिल्लाने लगे। परिवार वाले किसी तरह मानसिंह को लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टर कमलेश नरायन ने उसे मृत घोषित कर दिया। कांवड़िये की मौत की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया और परिवार वाले बिलखकर रोने लगे।
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यदि समय से मिलता उपचार, तो बच जाती जान
गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी में सावन मेला को लेकर जहां प्रशासन ने बड़े इंतजाम किए हैं वहीं मंदिर परिसर में राहत शिविर के चिकित्सक तत्काल उसे सही उपचार दे सकते तो शायद यह हादसा टल सकता था। रविवार को जिस समय घटना हुई उस समय मेला कैंप कार्यालय में चिकित्सीय टीम में महज दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मौजूद थे। मंदिर परिसर में एंबुलेस की व्यवस्था भी नहीं की गई थी। जिससे घटना के आधा घंटा बाद आई एंबुलेंस से कांवड़िए को सीएचसी ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यदि समय से प्राथमिक उपचार मिल जाता तो मानसिंह की जान बच सकती थी।
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दूसरी बार गोला आया था मानसिंह
गोला गोकर्णनाथ। सीएचसी में रोती बिलखती मृतक की पत्नी ममता देवी ने बताया कि उसके पति दूसरी बार भोलेनाथ के दर्शन करने गोला आए थे। बड़ी हंसी खुसी से वह लोग घर से चले थे। क्या पता था अब उसके पति घर वापस नहीं जाएंगे। उसके दो पुत्र हैं, बड़ा बेटा नितिन कुमार घर पर है और छोटा बेटा ऋषभ साथ में आया है।
फर्रुखाबाद निवासी मानसिंह को परिवार वाले शाम को सीएचसी लाए। जिसकी अस्पताल आने से पहले ही मौत हो चुकी थी। परिवार वाले सीने में दर्द और बेचैनी बताते थे। मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा।
डॉ कमलेश नरायन, सीएचसी गोला।
घटना दु:खद है। मानसिंह की हालत मंदिर घुसते समय बिगड़ने लगी, उसे अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद पता चल पाएगा। शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
अभिषेक प्रताप, सीओ गोला।
प्रथम दृष्टया और परिवार वालों से बात करने पर पता चला है कि मानसिंह की मौत हार्ट अटैक से प्रतीत हो रही है। मेले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौके से गैरहाजिर चिकित्सकों के विरुद्ध जिलाधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित कर कार्रवाई की जाएगी।
योगानंद पांडे, एसडीएम गोला।