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बढ़ेगा कारागार का दायरा, तालाब भी जुड़ेगा
लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 26 Dec 2015 07:23 PM IST
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बंदियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अधिकारियों ने कारागार का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। इसके लिए चहारदीवारी से सटे तालाब को भी कारागार में मिलाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। जिसमें चहारदीवारी ऊंची करने के अधूरे काम को पूरा करने का कार्य भी शामिल है। जल्द ही दोनों कार्यों के लिए बजट मिलने की संभावना है।
कारागार में साढ़े सात सौ बंदियों को रखने की क्षमता है, लेकिन खीरी जिले के कारागार में 1500 से अधिक बंदी निरुद्ध हैं। इनमें करीब 70 महिला बंदी और 10 बच्चे भी शामिल हैं। बंदियों की संख्या को देखते हुए कारागार परिसर में दो मंजिला बैरकों वाला भवन बनाया गया है लेकिन तमाम तकनीकी पेच फंसे होने के कारण अब तक भवन को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। कारागार प्रशासन ने जेल से सटे करीब डेढ़ एकड़ में फैले तालाब को कारागार परिसर में मिलाने के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। जिसे जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शासन से अनुमति मिलने के बाद तालाब को परिसर में मिलाकर उसका सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। साथ ही खाली पड़ी भूमि पर अन्य बैरकों का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा अधूरी पड़ी मेन वॉल को जिला अस्पताल की तरफ से घेरकर ऊंचाई बढ़ाने के लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इस संबंध में जेलर ज्ञानप्रकाश ने बताया कि प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद तालाब के जुड़ने से कारागार का दायरा बढ़ जाएगा। जिसके बाद नई बैरकें भी बनाई जा सकती हैं।
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कारागार में साढ़े सात सौ बंदियों को रखने की क्षमता है, लेकिन खीरी जिले के कारागार में 1500 से अधिक बंदी निरुद्ध हैं। इनमें करीब 70 महिला बंदी और 10 बच्चे भी शामिल हैं। बंदियों की संख्या को देखते हुए कारागार परिसर में दो मंजिला बैरकों वाला भवन बनाया गया है लेकिन तमाम तकनीकी पेच फंसे होने के कारण अब तक भवन को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। कारागार प्रशासन ने जेल से सटे करीब डेढ़ एकड़ में फैले तालाब को कारागार परिसर में मिलाने के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। जिसे जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शासन से अनुमति मिलने के बाद तालाब को परिसर में मिलाकर उसका सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। साथ ही खाली पड़ी भूमि पर अन्य बैरकों का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा अधूरी पड़ी मेन वॉल को जिला अस्पताल की तरफ से घेरकर ऊंचाई बढ़ाने के लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इस संबंध में जेलर ज्ञानप्रकाश ने बताया कि प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद तालाब के जुड़ने से कारागार का दायरा बढ़ जाएगा। जिसके बाद नई बैरकें भी बनाई जा सकती हैं।
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