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Lakhimpur Kheri News: आपका अपना ही मांग रहा हो रुपये तो पहले कर लें एक कॉल
Sat, 18 Jul 2026 12:16 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 18 Jul 2026 12:16 AM IST
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कुछ इस तरह से मांगते हैं साइबर ठग रुपये। संवाद
लखीमपुर खीरी। आपके किसी अपने या परिचित के व्हाट्सएप नंबर से अचानक इमरजेंसी बताकर रुपये मांगने का संदेश आए तो तत्काल रकम न भेजें, पहले एक कॉल कर पुष्टि जरूर कर लें।
साइबर ठग व्हाट्सएप हैक कर पीड़ित के रिश्तेदारों और परिचितों को ऐसे संदेश भेजकर रुपये मांग रहे हैं। कई बार लोग देर से ठगों की चाल समझ पाते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं। शहर के दो प्रतिष्ठित चिकित्सक भी साइबर ठगों का निशाना बन चुके हैं। किसी तरह साइबर ठगों ने पहले इन चिकित्सकों के मोबाइल नंबर हासिल किए और उसके बाद व्हाट्सएप हैक किया। इसके बाद उसी नंबर से संपर्क सूची में मौजूद लोगों को इमरजेंसी का हवाला देकर रुपये मांगने वाले संदेश भेजे। परिचित होने के कारण कई लोगों ने फोन करके कारण जानना चाहा तो राज खुला।
एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने बताया कि साइबर ठग सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर संदिग्ध हैशटैग, लिंक या नंबर भी साझा करके इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इन्हें खोलने या बताए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद मोबाइल फोन का नियंत्रण ठगों के हाथ में पहुंच सकता है। इसके जरिये वे ओटीपी, बैंकिंग और निजी जानकारी तक हासिल करते हैं।
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केस एक
शहर के नौरंगाबाद रोड स्थित एक नर्सिंग होम की चिकित्सक का फोन कुछ समय पहले हैक हो गया था। परिचितों से रुपये मांगने के संदेश ने सभी को हैरान कर दिया। चिकित्सक ने दूसरे दिन बैकअप लेकर इस तरह के मिले संदेश को साइबर ठगों की हरकत बताते हुए इस बात की जानकारी दी।
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केस दो
जिला अस्पताल में तैनात एक संविदा चिकित्सक का करीब 20 दिन पहले मोबाइल हैक हो गया। इस केस में भी साइबर ठगों ने परिचितों की सूची में कुछ लोगों को चिह्नित करते हुए उनसे हजारों रुपयों की मांग रखी। साइबर ठग ने दो घंटे में धनराशि वापस करने का भी लालच दिया। हालांकि, समय रहते चिकित्सक को इसका पता चल गया।
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इन बातों का रखें ध्यान
किसी भी परिचित के नाम से रुपये मांगने का संदेश मिलने पर पहले फोन कर उसकी पुष्टि जरूर करें।
किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
किसी के कहने पर मोबाइल में कोई ऐप डाउनलोड न करें।
साइबर ठगी का संदेह होते ही हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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साइबर ठग व्हाट्सएप हैक कर पीड़ित के रिश्तेदारों और परिचितों को ऐसे संदेश भेजकर रुपये मांग रहे हैं। कई बार लोग देर से ठगों की चाल समझ पाते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं। शहर के दो प्रतिष्ठित चिकित्सक भी साइबर ठगों का निशाना बन चुके हैं। किसी तरह साइबर ठगों ने पहले इन चिकित्सकों के मोबाइल नंबर हासिल किए और उसके बाद व्हाट्सएप हैक किया। इसके बाद उसी नंबर से संपर्क सूची में मौजूद लोगों को इमरजेंसी का हवाला देकर रुपये मांगने वाले संदेश भेजे। परिचित होने के कारण कई लोगों ने फोन करके कारण जानना चाहा तो राज खुला।
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एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने बताया कि साइबर ठग सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर संदिग्ध हैशटैग, लिंक या नंबर भी साझा करके इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इन्हें खोलने या बताए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद मोबाइल फोन का नियंत्रण ठगों के हाथ में पहुंच सकता है। इसके जरिये वे ओटीपी, बैंकिंग और निजी जानकारी तक हासिल करते हैं।
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केस एक
शहर के नौरंगाबाद रोड स्थित एक नर्सिंग होम की चिकित्सक का फोन कुछ समय पहले हैक हो गया था। परिचितों से रुपये मांगने के संदेश ने सभी को हैरान कर दिया। चिकित्सक ने दूसरे दिन बैकअप लेकर इस तरह के मिले संदेश को साइबर ठगों की हरकत बताते हुए इस बात की जानकारी दी।
केस दो
जिला अस्पताल में तैनात एक संविदा चिकित्सक का करीब 20 दिन पहले मोबाइल हैक हो गया। इस केस में भी साइबर ठगों ने परिचितों की सूची में कुछ लोगों को चिह्नित करते हुए उनसे हजारों रुपयों की मांग रखी। साइबर ठग ने दो घंटे में धनराशि वापस करने का भी लालच दिया। हालांकि, समय रहते चिकित्सक को इसका पता चल गया।
इन बातों का रखें ध्यान
किसी भी परिचित के नाम से रुपये मांगने का संदेश मिलने पर पहले फोन कर उसकी पुष्टि जरूर करें।
किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
किसी के कहने पर मोबाइल में कोई ऐप डाउनलोड न करें।
साइबर ठगी का संदेह होते ही हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।