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Lakhimpur Kheri News: कैसे जीतेंगे टीबी से जंग, अस्पताल में एक्स-रे मशीन ही खराब
Sat, 08 Nov 2025 12:43 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 08 Nov 2025 12:43 AM IST
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टीबी अस्पताल में कंडम हो चुकी एक्स-रे मशीन। संवाद
लखीमपुर खीरी। इस वर्ष देश को टीबी रोग से मुक्त करने के लिए सरकार टीबी हारेगा भारत जितेगा अभियान चला रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को कड़े निर्देश भी दिए गए हैं, लेकिन जिला क्षय रोग अस्पताल में रोगियों के लिए लगी एक्स-रे मशीन कई माह से खराब पड़ी हुई है। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है।
डॉक्टरों को रिपोर्ट देर में मिलने से सरकार का अभियान भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में प्रश्न उठ रहा है कि जिले में टीबी से जंग कैसे जीतेंगे। जिला क्षय रोग अस्पताल में प्रतिदिन करीब 60-70 मरीजों की ओपीडी होती है। इसके बाद जिले में अब तक टीबी के 10358 मरीजों चिह्नित भी किया जा चुका है। इन मरीजों की जांच के लिए लगी एक्स-रे मशीन कई महीनों से धूल फांक रही है। इस मशीन को चलाने वाले सहायक टेक्नीशियन अब भी तैनात हैं। मशीन ही खराब है तो टेक्नीशियन का कोई काम भी नहीं है।
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एक्स-रे मशीन के लिए शासन को पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका है। इसका पंजीकरण भी हो चुका है। बहुत जल्द पोर्टेबल मशीन अस्पताल में लग जाएगी। वहीं, सहायक टेक्नीशियन से अन्य काम ले लिए जाते हैं।
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डॉ. पीके रावत, नोडल, जिला क्षय रोग अस्पताल
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डॉक्टरों को रिपोर्ट देर में मिलने से सरकार का अभियान भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में प्रश्न उठ रहा है कि जिले में टीबी से जंग कैसे जीतेंगे। जिला क्षय रोग अस्पताल में प्रतिदिन करीब 60-70 मरीजों की ओपीडी होती है। इसके बाद जिले में अब तक टीबी के 10358 मरीजों चिह्नित भी किया जा चुका है। इन मरीजों की जांच के लिए लगी एक्स-रे मशीन कई महीनों से धूल फांक रही है। इस मशीन को चलाने वाले सहायक टेक्नीशियन अब भी तैनात हैं। मशीन ही खराब है तो टेक्नीशियन का कोई काम भी नहीं है।
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एक्स-रे मशीन के लिए शासन को पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका है। इसका पंजीकरण भी हो चुका है। बहुत जल्द पोर्टेबल मशीन अस्पताल में लग जाएगी। वहीं, सहायक टेक्नीशियन से अन्य काम ले लिए जाते हैं।
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डॉ. पीके रावत, नोडल, जिला क्षय रोग अस्पताल