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धूमधाम से संपन्न हुआ होला महल्ला
महंगापुर।
Updated Sat, 07 Mar 2015 11:53 PM IST
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हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गुरुद्वारा नानक पियाऊ में होला महल्ला धूमधाम से मनाया गया। इसमें संत बाबा गुरुनाम सिंह ने संगत से प्रभु के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कवीशरी जत्था पंजाब के भाई गुरमुख सिंह ने कीर्तन के माध्यम से गुरुओं के जीवन पर प्रकाश डाला, वहीं टाडी जत्थे के मिल्खा सिंह और सुखविंदर सिंह ने गुरुओं के साहस, शौर्य और बलिदान की कहानियों का वर्णन किया। संत बाबा गुरुनाम सिंह ने संगत से प्रभु के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि होली का रंग कच्चा रंग है जो चढ़कर उतर जाता है, लेकिन प्रभु की भक्ति मार्ग का रंग पक्का है जो एक बार चढ़ने के बाद नहीं उतरता। इसलिए सभी को पक्का रंग खेलना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र व संगत की भलाई के लिए अरदास की। इस मौके पर मेला भी लगा। होला महल्ला में दूर दराज से आए हजारों लोगों ने शिरकत की और गुरुद्वारे में माथा टेका।
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कवीशरी जत्था पंजाब के भाई गुरमुख सिंह ने कीर्तन के माध्यम से गुरुओं के जीवन पर प्रकाश डाला, वहीं टाडी जत्थे के मिल्खा सिंह और सुखविंदर सिंह ने गुरुओं के साहस, शौर्य और बलिदान की कहानियों का वर्णन किया। संत बाबा गुरुनाम सिंह ने संगत से प्रभु के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि होली का रंग कच्चा रंग है जो चढ़कर उतर जाता है, लेकिन प्रभु की भक्ति मार्ग का रंग पक्का है जो एक बार चढ़ने के बाद नहीं उतरता। इसलिए सभी को पक्का रंग खेलना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र व संगत की भलाई के लिए अरदास की। इस मौके पर मेला भी लगा। होला महल्ला में दूर दराज से आए हजारों लोगों ने शिरकत की और गुरुद्वारे में माथा टेका।
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