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आशाओं के आंदोलन से स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी
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आमरण अनशन के दौरान रात में धरना स्थल पर मौजूद आशाएं।
आमरण अनशन के दौरान एक आशा की हालत बिगड़ी
महिला अस्पताल में भी मरीजों की संख्या घटी
लखीमपुर खीरी। राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठीं आशा कार्यकर्ताओं में बृहस्पतिवार की रात एक आशा की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, आमरण अनशन के चलते महिला अस्पताल में मरीजों की संख्या भी घटने लगी है।
आशा उत्थान समिति के बैनर तले आशा वर्कर पिछले कई दिन से हड़ताल पर थीं। जिम्मेदारों के संज्ञान न लेने पर आशा वर्करों ने बृहस्पतिवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। इस दौरान वह सभी सर्द रात में खुले आसमान के नीचे डेरा डाले हैं। इनका कहना है कि जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जातीं तब तक अनशन जारी रहेगा। अनशन के दौरान मितौली सीएचसी की आशा वर्कर मीना मिश्रा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इस पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया, जहां पर अब उनकी हालत में सुधार होना बताया जा रहा है। अनशन पर प्रभा अवस्थी, सुमन देवी, मंजू देवी, अनुपम मिश्रा, अनीता देवी सहित सैकड़ों आशाएं मौजूद रहीं।
आशाओं की हड़ताल से महिला अस्पताल में मरीज घटे
आशा वर्कर के आमरण अनशन से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। इससे महिला अस्पताल में मरीजों की संख्या भी घटने लगी है। अस्पताल कर्मी बताते हैं कि गर्भावस्था में शुरूआत की जांच से लेकर प्रसव के लिए महिलाओं को आशा वर्कर ही अस्पताल लेकर आती हैं। प्रसव बाद योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवेदन कराती हैं, लेकिन हड़ताल के चलते मरीजों की संख्या कम होने लगी है। पहले जहां आम दिनों में रोजाना चार से पांच सौ तक नए पर्चे बनते थे, लेकिन अब करीब तीन सौ ही बन पा रहे हैं।
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महिला अस्पताल में भी मरीजों की संख्या घटी
लखीमपुर खीरी। राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठीं आशा कार्यकर्ताओं में बृहस्पतिवार की रात एक आशा की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, आमरण अनशन के चलते महिला अस्पताल में मरीजों की संख्या भी घटने लगी है।
आशा उत्थान समिति के बैनर तले आशा वर्कर पिछले कई दिन से हड़ताल पर थीं। जिम्मेदारों के संज्ञान न लेने पर आशा वर्करों ने बृहस्पतिवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। इस दौरान वह सभी सर्द रात में खुले आसमान के नीचे डेरा डाले हैं। इनका कहना है कि जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जातीं तब तक अनशन जारी रहेगा। अनशन के दौरान मितौली सीएचसी की आशा वर्कर मीना मिश्रा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इस पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया, जहां पर अब उनकी हालत में सुधार होना बताया जा रहा है। अनशन पर प्रभा अवस्थी, सुमन देवी, मंजू देवी, अनुपम मिश्रा, अनीता देवी सहित सैकड़ों आशाएं मौजूद रहीं।
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आशाओं की हड़ताल से महिला अस्पताल में मरीज घटे
आशा वर्कर के आमरण अनशन से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। इससे महिला अस्पताल में मरीजों की संख्या भी घटने लगी है। अस्पताल कर्मी बताते हैं कि गर्भावस्था में शुरूआत की जांच से लेकर प्रसव के लिए महिलाओं को आशा वर्कर ही अस्पताल लेकर आती हैं। प्रसव बाद योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवेदन कराती हैं, लेकिन हड़ताल के चलते मरीजों की संख्या कम होने लगी है। पहले जहां आम दिनों में रोजाना चार से पांच सौ तक नए पर्चे बनते थे, लेकिन अब करीब तीन सौ ही बन पा रहे हैं।
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