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पहले किया इंकार, फिर सीएमएस का चार्ज लेने को हुए तैयार
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वरिष्ठ नेत्र सर्जन को मिला चार्ज, पहले एनेस्थेटिक डॉक्टर को देने की थी तैयारी
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके वर्मा के 31 दिसंबर पर रिटायर हो जाने से पहले तो सीएमएस का चार्ज लेने से अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. आरसी अग्रवाल ने मना कर दिया। तब एनेस्थेटिक डॉ. एसके मिश्रा को चार्ज देने की तैयारी शुरू हो गई लेकिन एकाएक नेत्र सर्जन ने कार्यालय पहुंचकर चार्ज ले लिया। पहले मना फिर हां कर देने के पीछे की वजह अस्पताल में डॉक्टरों की गुटबाजी बताई जा रही है।
सीएमएस डॉ. आरके वर्मा के अवकाश पर जाने से हर बार चार्ज एनेस्थेटिक डॉ. एसके मिश्रा को चार्ज मिलता था। मगर, मंगलवार को उनका रिटायरमेंट होने पर जब वरिष्ठता क्रम में नेत्र सर्जन डॉ. आरसी अग्रवाल से चार्ज लेने को कहा गया तो उन्होंने परिवारिक समस्याएं बताकर इंकार कर दिया। इसी तरह डॉ. आईके राम चंदानी, डॉ. राजकुमार, डॉ. राम अवध, डॉ. आरपी वर्मा, डॉ. सीएस सिंह, डॉ. वीके वर्मा, डॉ. आरएस मधौरिया, डॉ. आरके कोली आदि ने भी सीएमएस पद का चार्ज लेने से मना कर दिया। इस पर सीएमएस डॉ. आरके वर्मा ने अपर निदेशक को पत्र लिखकर लेवल तीन के एनेस्थेटिक डॉ. एसके मिश्रा को चार्ज देने की अनुमति के लिए चार दिसंबर को पत्र लिखा था जिसके बाद से मंगलवार को डॉ. एसके मिश्रा को चार्ज देने की प्रक्रिया शुरू हो गई। मगर, दोपहर बाद अचानक कार्यालय पहुंचे नेत्र सर्जन डॉ. आरसी अग्रवाल ने चार्ज लेने की बात कहकर सभी को चकित कर दिया। बताते हैँ कि डॉ. एसके मिश्रा का चार्ज लेना कुछ डॉक्टरों को खटक रहा था इसलिए एक गुट ने डॉ. आरसी अग्रवाल को चार्ज दिलवा दिया।
मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा दिलाना प्राथमिकता रहेगी। उनको किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसका भी ख्याल रखा जाएगा।
-डॉ. आरसी अग्रवाल , नेत्र सर्जन एवं प्रभारी सीएमएस
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लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके वर्मा के 31 दिसंबर पर रिटायर हो जाने से पहले तो सीएमएस का चार्ज लेने से अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. आरसी अग्रवाल ने मना कर दिया। तब एनेस्थेटिक डॉ. एसके मिश्रा को चार्ज देने की तैयारी शुरू हो गई लेकिन एकाएक नेत्र सर्जन ने कार्यालय पहुंचकर चार्ज ले लिया। पहले मना फिर हां कर देने के पीछे की वजह अस्पताल में डॉक्टरों की गुटबाजी बताई जा रही है।
सीएमएस डॉ. आरके वर्मा के अवकाश पर जाने से हर बार चार्ज एनेस्थेटिक डॉ. एसके मिश्रा को चार्ज मिलता था। मगर, मंगलवार को उनका रिटायरमेंट होने पर जब वरिष्ठता क्रम में नेत्र सर्जन डॉ. आरसी अग्रवाल से चार्ज लेने को कहा गया तो उन्होंने परिवारिक समस्याएं बताकर इंकार कर दिया। इसी तरह डॉ. आईके राम चंदानी, डॉ. राजकुमार, डॉ. राम अवध, डॉ. आरपी वर्मा, डॉ. सीएस सिंह, डॉ. वीके वर्मा, डॉ. आरएस मधौरिया, डॉ. आरके कोली आदि ने भी सीएमएस पद का चार्ज लेने से मना कर दिया। इस पर सीएमएस डॉ. आरके वर्मा ने अपर निदेशक को पत्र लिखकर लेवल तीन के एनेस्थेटिक डॉ. एसके मिश्रा को चार्ज देने की अनुमति के लिए चार दिसंबर को पत्र लिखा था जिसके बाद से मंगलवार को डॉ. एसके मिश्रा को चार्ज देने की प्रक्रिया शुरू हो गई। मगर, दोपहर बाद अचानक कार्यालय पहुंचे नेत्र सर्जन डॉ. आरसी अग्रवाल ने चार्ज लेने की बात कहकर सभी को चकित कर दिया। बताते हैँ कि डॉ. एसके मिश्रा का चार्ज लेना कुछ डॉक्टरों को खटक रहा था इसलिए एक गुट ने डॉ. आरसी अग्रवाल को चार्ज दिलवा दिया।
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मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा दिलाना प्राथमिकता रहेगी। उनको किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसका भी ख्याल रखा जाएगा।
-डॉ. आरसी अग्रवाल , नेत्र सर्जन एवं प्रभारी सीएमएस