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पांच दिन में निमोनिया पीड़ित 18 बच्चे हुए चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती
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लखीमपुर खीरी। सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। दिन में गर्मी और रात में सर्दी मासूमों के लिए मुसीबत बन गई है। पिछले पांच दिन में निमोनिया पीड़ित 18 बच्चे चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती हुए हैं।
सर्दी मासूमों पर कहर बनकर टूट रही है। ठंड के कारण पहले तो सर्दी जुकाम और फिर देखरेख न होने से मासूम फेफड़ों के संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। निमोनिया बच्चों पर किस कदर कहर बरपा रहा है इसका अंदाजा ओपीडी में आने वाले और चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या से लगाया जा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी के मौसम में घरवालों की जरा सी लापरवाही बच्चों को मुसीबत में डाल सकती है। इसलिए बच्चों को सर्दी से बचाएं और संपूर्ण टीकाकरण कराएं।
पीड़ित बच्चे
ईवम (9 माह), करन (3 माह), बेबी (2 माह), अंश(1 माह), अंश( 36 माह), सिद्धार्थ (2 माह), शैफ (9 माह), कार्तिक (3 माह), आकिब (2 साल), अभिषेक(12 माह), सागर(6 माह), अंशुल (6माह),
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अभि (3 माह), अभय (10 माह), रीता (11 माह), चिंटू(11 माह), अनन्या (16 माह), गोलू (16 माह)
क्या है निमोनिया
निमोनिया फेफड़ों की सूजन एवं संक्रमण है। संक्रमण जब फेफड़ों के केवल एक हिस्से को प्रभावित करता है, तो उसे लोबल निमोनिया कहा जाता है। मगर, जब यह दोनों फेफड़ों को प्रभावित करता है, तब इसे मल्टीलोबल निमोनिया कहते हैं। संक्रमण होने के कारण फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचने में दिक्क्त आती है। इससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है।
निमोनिया के लक्षण
तेज सांस चलना, पतले दस्त आना, बुखार आना, नाक बहना, सांस लेते समय घरघराहट की आवाज आना।
सर्दी की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में छोटे बच्चों का विशेष तौर पर ख्याल रखने की जरूरत होती है। निमोनिया से बचाव के लिए पीसीवी का टीका लगवाएं। बच्चे को गीला न रहने दें। सांस लेने में आवाज आने पर अस्पताल में दिखाएं।
-डॉ.आरपी वर्मा, बालरोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
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सर्दी मासूमों पर कहर बनकर टूट रही है। ठंड के कारण पहले तो सर्दी जुकाम और फिर देखरेख न होने से मासूम फेफड़ों के संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। निमोनिया बच्चों पर किस कदर कहर बरपा रहा है इसका अंदाजा ओपीडी में आने वाले और चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या से लगाया जा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी के मौसम में घरवालों की जरा सी लापरवाही बच्चों को मुसीबत में डाल सकती है। इसलिए बच्चों को सर्दी से बचाएं और संपूर्ण टीकाकरण कराएं।
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पीड़ित बच्चे
ईवम (9 माह), करन (3 माह), बेबी (2 माह), अंश(1 माह), अंश( 36 माह), सिद्धार्थ (2 माह), शैफ (9 माह), कार्तिक (3 माह), आकिब (2 साल), अभिषेक(12 माह), सागर(6 माह), अंशुल (6माह),
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अभि (3 माह), अभय (10 माह), रीता (11 माह), चिंटू(11 माह), अनन्या (16 माह), गोलू (16 माह)
क्या है निमोनिया
निमोनिया फेफड़ों की सूजन एवं संक्रमण है। संक्रमण जब फेफड़ों के केवल एक हिस्से को प्रभावित करता है, तो उसे लोबल निमोनिया कहा जाता है। मगर, जब यह दोनों फेफड़ों को प्रभावित करता है, तब इसे मल्टीलोबल निमोनिया कहते हैं। संक्रमण होने के कारण फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचने में दिक्क्त आती है। इससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है।
निमोनिया के लक्षण
तेज सांस चलना, पतले दस्त आना, बुखार आना, नाक बहना, सांस लेते समय घरघराहट की आवाज आना।
सर्दी की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में छोटे बच्चों का विशेष तौर पर ख्याल रखने की जरूरत होती है। निमोनिया से बचाव के लिए पीसीवी का टीका लगवाएं। बच्चे को गीला न रहने दें। सांस लेने में आवाज आने पर अस्पताल में दिखाएं।
-डॉ.आरपी वर्मा, बालरोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल