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Lakhimpur Kheri News: शिवतेरस पर शिवालयों में गूंजा हर-हर महादेव
Tue, 11 Aug 2026 11:17 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 11 Aug 2026 11:17 PM IST
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बाबा के जयकारे लगाते डाक कांवड़यात्री। संवाद
लखीमपुर खीरी। सावन की शिवतेरस पर मंगलवार को जिलेभर के शिवालय हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर मनौती मांगी।
गोला गोकर्णनाथ के पौराणिक शिवमंदिर के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे खोले गए। मंदिर में देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ रही। कांवड़ों पर लहराते तिरंगों के बीच शिवभक्ति के साथ देशप्रेम की झलक भी दिखी।
सावन में शिवतेरस का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि उपवास रखकर भगवान शिव का पूजन करने से मनोकामना पूरी होती है। गोला के पौराणिक शिवमंदिर में दर्शन दीर्घा में श्रद्धालुओं की कतार लगी रही।
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शिवतेरस के साथ जिले में कांवड़ यात्राओं का भी उत्साह रहा। शारदा नदी से जल लेकर श्रद्धालु छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ के लिए पैदल रवाना हुए। रास्ते हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंजते रहे। कई जगह ग्रामीणों और पुलिस ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की।
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कुकरा-गोला मार्ग पर कांवड़ियों का रेला
बांकेगंज। सावन माह में कांवड़ उत्सव चरम पर है। मंगलवार सुबह से भीरा से कुकरा जंगल मार्ग शिवमय नजर आया। पलिया, भीरा, मझगईं और बिजुआ क्षेत्र के श्रद्धालु मंदिर आकृति की आकर्षक कांवड़ में शारदा नदी का जल लेकर नंगे पांव हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों के साथ गोला शिव मंदिर की ओर बढ़े। कुकरा गांव में जगह-जगह पुलिस और ग्रामीणों ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की। 25 किलोमीटर क्षेत्र में भगवा वस्त्रधारी कांवड़ियों की भीड़ बढ़ती रही। एसडीएम गोला युगांतर त्रिपाठी और सीओ गोला महक शर्मा लगातार भ्रमणशील रहे। संवाद
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11 हजार से अधिक आदिवासी भक्तों ने किया महादेव का जलाभिषेक
पलियाकलां। भारत-नेपाल सीमा स्थित थारू क्षेत्र के ग्राम बिरिया गंगा घाट से ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा निकाली गई। सावन के दूसरे सोमवार रिमझिम बारिश के बीच थारू क्षेत्र के 11 हजार से अधिक भक्तों ने मशानखंभ स्थित शिवमंदिर में महादेव का जलाभिषेक किया। इसे पलिया परिक्षेत्र की अब तक की सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा बताया गया।
मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष अरविंद गुप्ता और विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय नेता आचार्य संजय मिश्र ने गंगा पूजन कर यात्रा का शुभारंभ कराया। कई किलोमीटर लंबी कांवड़ शृंखला में डीजे की धुनों और शिव जयकारों से थारू क्षेत्र गूंजता रहा। जगह-जगह जलपान की व्यवस्था की गई। यात्रा के समापन पर भंडारे और प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ। भाजपा नेता रवि गुप्ता ने अतिथियों और अपनी पूरी टीम के साथ कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की। आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक आजाद, पलिया ब्लॉक प्रमुख वीरेंद्र शुक्ला, भाजयुमो क्षेत्रीय मंत्री शशांक शर्मा, वरिष्ठ नेता जितेंद्र अवस्थी, संदीप मिश्रा, सूर्यमणि मिश्र सहित तमाम लोगों ने भाग लिया। संवाद
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मटहिया से 300 कांवड़िये छोटी काशी रवाना
बिजुआ। हर-हर शंभू और जय भोले के जयकारों से मंगलवार को मटहिया क्षेत्र गूंज उठा। मटहिया से करीब 300 कांवड़ियों का जत्था शारदा नदी से जल भरकर छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ के लिए पैदल रवाना हुआ। यह नौवीं कांवड़ पदयात्रा है। कांवड़ियों की सेवा के लिए रास्ते में जगह-जगह भंडारे लगाए गए। यात्रा में अशोक मिस्त्री, दिनेश कश्यप, गुड्डू कश्यप, सुरेश गुप्ता, अखिलेश, रामचंद, मनोज कश्यप सहित तमाम लोग शामिल रहे। संवाद
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साहबगंज से गोला के लिए रवाना हुई कांवड़ यात्रा
मोहम्मदी। क्षेत्र के गांव साहबगंज से धूमधाम से कांवड़ यात्रा गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना हुई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के श्रद्धालु फर्रुखाबाद से कांवड़ लेकर आते हैं। गांव के मंदिर में जलाभिषेक और पूजन के बाद बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल होते हैं। इसके बाद सभी गोला गोकर्णनाथ में जलाभिषेक करते हैं।
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हरिद्वार से जल लेकर पहुंची डाक कांवड़
भीरा। हरिद्वार से जल लेकर एक डाक कांवड़ यात्रा सोमवार को भीरा नगर पंचायत पहुंची। यहां शिव मंदिर में विधि-विधान से जलाभिषेक किया गया। यात्रा छह अगस्त को भीरा कस्बे से हरिद्वार के लिए रवाना हुई थी। इसमें करीब 60 से 70 कांवड़िये शामिल थे। सोमवार शाम छह बजे यात्रा भीरा कस्बे की सीमा में पहुंची और शाम सात बजे शिव मंदिर पहुंची। आचार्य अभिषेक ने भगवान शिव का जलाभिषेक कराया और पूजन-आरती संपन्न कराई। संवाद
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नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में फलों से हुआ भोलेनाथ का शृंगार
लखीमपुर खीरी। शहर के राजाजीपुरम स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों ने सुबह जलाभिषेक के बाद शाम को बाबा का फलों से श्रृंगार कर भोग लगाया। आरती-पूजन के साथ भजन-कीर्तन हुआ और देर रात तक मंदिर जयकारों से गूंजता रहा। भक्तों को फलों का प्रसाद वितरित किया गया। सावन के पहले सोमवार को बाबा का फूलों और दूसरे सोमवार को फलों से श्रृंगार किया गया था। मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि भक्तों के सहयोग से सावन के हर सोमवार को भोलेनाथ का विशेष शृंगार किया जाता है। मंगलवार शाम मंदिर में सुंदरकांड का सामूहिक पाठ हुआ। आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया। संवाद
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पंचामृत से कराया भगवान शिव का स्नान
बांकेगंज। सावन माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी पर बांकेश्वर महादेव मंदिर में मंगलवार उदया तिथि में शिवरात्रि श्रद्धा से मनाई गई। भक्तों ने भगवान शिव का पंचामृत से स्नान और जलाभिषेक किया।
मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालु स्वीटी-रमेश गोयल, विनोद-सुनीता गोयल और मृदुला-हरीकिशन अग्रवाल ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद भगवान शिव को पंचामृत से स्नान कराया। चंदन तिलक के साथ बेलपत्र, भांग, धतूरा, गन्ने का रस, तुलसी, जायफल, कमलगट्टा, फल-मिष्ठान, इत्र और मीठा पान अर्पित किया गया। केसरयुक्त खीर का भोग लगाकर प्रसाद वितरित हुआ।
छोटी काशी गोला के ज्योतिषाचार्य पं. रामदेव मिश्र शास्त्री के मुताबिक सावन का पूरा महीना शुक्र देव कन्या राशि में विराजमान रहेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। संवाद
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गोला गोकर्णनाथ के पौराणिक शिवमंदिर के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे खोले गए। मंदिर में देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ रही। कांवड़ों पर लहराते तिरंगों के बीच शिवभक्ति के साथ देशप्रेम की झलक भी दिखी।
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सावन में शिवतेरस का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि उपवास रखकर भगवान शिव का पूजन करने से मनोकामना पूरी होती है। गोला के पौराणिक शिवमंदिर में दर्शन दीर्घा में श्रद्धालुओं की कतार लगी रही।
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शिवतेरस के साथ जिले में कांवड़ यात्राओं का भी उत्साह रहा। शारदा नदी से जल लेकर श्रद्धालु छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ के लिए पैदल रवाना हुए। रास्ते हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंजते रहे। कई जगह ग्रामीणों और पुलिस ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की।
कुकरा-गोला मार्ग पर कांवड़ियों का रेला
बांकेगंज। सावन माह में कांवड़ उत्सव चरम पर है। मंगलवार सुबह से भीरा से कुकरा जंगल मार्ग शिवमय नजर आया। पलिया, भीरा, मझगईं और बिजुआ क्षेत्र के श्रद्धालु मंदिर आकृति की आकर्षक कांवड़ में शारदा नदी का जल लेकर नंगे पांव हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों के साथ गोला शिव मंदिर की ओर बढ़े। कुकरा गांव में जगह-जगह पुलिस और ग्रामीणों ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की। 25 किलोमीटर क्षेत्र में भगवा वस्त्रधारी कांवड़ियों की भीड़ बढ़ती रही। एसडीएम गोला युगांतर त्रिपाठी और सीओ गोला महक शर्मा लगातार भ्रमणशील रहे। संवाद
11 हजार से अधिक आदिवासी भक्तों ने किया महादेव का जलाभिषेक
पलियाकलां। भारत-नेपाल सीमा स्थित थारू क्षेत्र के ग्राम बिरिया गंगा घाट से ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा निकाली गई। सावन के दूसरे सोमवार रिमझिम बारिश के बीच थारू क्षेत्र के 11 हजार से अधिक भक्तों ने मशानखंभ स्थित शिवमंदिर में महादेव का जलाभिषेक किया। इसे पलिया परिक्षेत्र की अब तक की सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा बताया गया।
मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष अरविंद गुप्ता और विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय नेता आचार्य संजय मिश्र ने गंगा पूजन कर यात्रा का शुभारंभ कराया। कई किलोमीटर लंबी कांवड़ शृंखला में डीजे की धुनों और शिव जयकारों से थारू क्षेत्र गूंजता रहा। जगह-जगह जलपान की व्यवस्था की गई। यात्रा के समापन पर भंडारे और प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ। भाजपा नेता रवि गुप्ता ने अतिथियों और अपनी पूरी टीम के साथ कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की। आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक आजाद, पलिया ब्लॉक प्रमुख वीरेंद्र शुक्ला, भाजयुमो क्षेत्रीय मंत्री शशांक शर्मा, वरिष्ठ नेता जितेंद्र अवस्थी, संदीप मिश्रा, सूर्यमणि मिश्र सहित तमाम लोगों ने भाग लिया। संवाद
मटहिया से 300 कांवड़िये छोटी काशी रवाना
बिजुआ। हर-हर शंभू और जय भोले के जयकारों से मंगलवार को मटहिया क्षेत्र गूंज उठा। मटहिया से करीब 300 कांवड़ियों का जत्था शारदा नदी से जल भरकर छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ के लिए पैदल रवाना हुआ। यह नौवीं कांवड़ पदयात्रा है। कांवड़ियों की सेवा के लिए रास्ते में जगह-जगह भंडारे लगाए गए। यात्रा में अशोक मिस्त्री, दिनेश कश्यप, गुड्डू कश्यप, सुरेश गुप्ता, अखिलेश, रामचंद, मनोज कश्यप सहित तमाम लोग शामिल रहे। संवाद
साहबगंज से गोला के लिए रवाना हुई कांवड़ यात्रा
मोहम्मदी। क्षेत्र के गांव साहबगंज से धूमधाम से कांवड़ यात्रा गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना हुई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के श्रद्धालु फर्रुखाबाद से कांवड़ लेकर आते हैं। गांव के मंदिर में जलाभिषेक और पूजन के बाद बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल होते हैं। इसके बाद सभी गोला गोकर्णनाथ में जलाभिषेक करते हैं।
हरिद्वार से जल लेकर पहुंची डाक कांवड़
भीरा। हरिद्वार से जल लेकर एक डाक कांवड़ यात्रा सोमवार को भीरा नगर पंचायत पहुंची। यहां शिव मंदिर में विधि-विधान से जलाभिषेक किया गया। यात्रा छह अगस्त को भीरा कस्बे से हरिद्वार के लिए रवाना हुई थी। इसमें करीब 60 से 70 कांवड़िये शामिल थे। सोमवार शाम छह बजे यात्रा भीरा कस्बे की सीमा में पहुंची और शाम सात बजे शिव मंदिर पहुंची। आचार्य अभिषेक ने भगवान शिव का जलाभिषेक कराया और पूजन-आरती संपन्न कराई। संवाद
नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में फलों से हुआ भोलेनाथ का शृंगार
लखीमपुर खीरी। शहर के राजाजीपुरम स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों ने सुबह जलाभिषेक के बाद शाम को बाबा का फलों से श्रृंगार कर भोग लगाया। आरती-पूजन के साथ भजन-कीर्तन हुआ और देर रात तक मंदिर जयकारों से गूंजता रहा। भक्तों को फलों का प्रसाद वितरित किया गया। सावन के पहले सोमवार को बाबा का फूलों और दूसरे सोमवार को फलों से श्रृंगार किया गया था। मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि भक्तों के सहयोग से सावन के हर सोमवार को भोलेनाथ का विशेष शृंगार किया जाता है। मंगलवार शाम मंदिर में सुंदरकांड का सामूहिक पाठ हुआ। आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया। संवाद
पंचामृत से कराया भगवान शिव का स्नान
बांकेगंज। सावन माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी पर बांकेश्वर महादेव मंदिर में मंगलवार उदया तिथि में शिवरात्रि श्रद्धा से मनाई गई। भक्तों ने भगवान शिव का पंचामृत से स्नान और जलाभिषेक किया।
मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालु स्वीटी-रमेश गोयल, विनोद-सुनीता गोयल और मृदुला-हरीकिशन अग्रवाल ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद भगवान शिव को पंचामृत से स्नान कराया। चंदन तिलक के साथ बेलपत्र, भांग, धतूरा, गन्ने का रस, तुलसी, जायफल, कमलगट्टा, फल-मिष्ठान, इत्र और मीठा पान अर्पित किया गया। केसरयुक्त खीर का भोग लगाकर प्रसाद वितरित हुआ।
छोटी काशी गोला के ज्योतिषाचार्य पं. रामदेव मिश्र शास्त्री के मुताबिक सावन का पूरा महीना शुक्र देव कन्या राशि में विराजमान रहेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। संवाद

बाबा के जयकारे लगाते डाक कांवड़यात्री। संवाद

बाबा के जयकारे लगाते डाक कांवड़यात्री। संवाद

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