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हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजे शिवालय
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 03 Aug 2015 10:36 PM IST
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सावन के पहले सोमवार को जिले भर के शिव मंदिरों में भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिरों में पूजा अर्चना करने वाले श्रद्घालुओं की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। प्राचीन मंदिरों में भक्तों की इतनी भीड़ रही कि पूजा अर्चना करने के लिए लोगों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। दूर-दूर से आए कांवड़ियों ने पवित्र नदियों से जल लाकर भगवान भोले शंकर का जलाभिषेक किया। पूरे दिन मंदिर हर-हर महादेव के जयघोष और घंटा घड़ियाल की ध्वनि से गूंजते रहे। मंदिरों में भंडारों की धूम रही।
शहर से नौ किलोमीटर दूर निघासन रोड पर स्थित प्राचीन लिलौटीनाथ मंदिर में सुबह से श्रद्घालुओं की भारी भीड़ रही। दूर-दूर से आए कांवड़ियों ने पवित्र नदियों के जल से प्राचीन दिव्य शिवलिंग का अभिषेक किया। यहां पूरे दिन मेला लगा रहा। कई श्रद्घालुओं ने मंदिर परिसर में भंडारा कराया। इसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
शहर के प्राचीन भुइफोरवानाथ मंदिर में ब्रह्ममुहूर्त से ही भोले के भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां देर शाम तक भक्तों लंबी कतारें पूजा करने को लगी रहीं। लोगों ने प्राचीन शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल, धतूरा, भांग, चंदन, जल और दूध से भगवान शंकर की पूजा अर्चना की। यहां भी कई भक्तों ने भंडारे का आयोजन किया। दिन भर मेला लगा रहा।
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शहर के जंगलीनाथ मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर ओयल के मेंढक शिव मंदिर, सिंगाही के भूलभुलैया शिव मंदिर, मोहम्मदी के टेढ़ेनाथ शिव मंदिर, कफारा के लीलानाथ मंदिर, मढ़ियाघाट के शिव मंदिर, देवकली शिव मंदिर, मथना मंदिर आदि प्राचीन मंदिरों में श्रद्घालुओं की भारी भीड़ रही। जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया गया।
बांकेगंज। श्रावण माह के पहले सोमवार को भोर चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही भोले बाबा की अराधना का दौर शुरू हो गया। श्रद्घालुओं ने बांकेश्वर महादेव का दुग्ध धारा से अभिषेक करने के साथ ही बेलपत्र, धतूरे के फल चढ़ा कर मनोकामना पूरी होने की कामना की। सावन माह के पहले सोमवार को कस्बा स्थित बांकेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जहां हजारों की संख्या में पहुंचे भगवान शिव के भक्तों ने गंगाजल, बेलपत्र अपर्ण कर भगवान महादेव की पूजा अर्चना की। इस मौके पर हजारों की संख्या में श्रद्घालु महिला, पुरूष और बच्चे मौजूद रहे।
कावड़ियों के लिए भंडारा और हेल्प लाइन सेवा शुरू
मोहम्मदी। स्थानीय श्रीराम जानकी सेवा समिति के तत्वावधान में कांवड़ियों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। इससे पूर्व भगवान भोलेनाथ का पूजन अर्चन कर कांवड़ियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन सेवा शुरू की गई।
समिति के सदस्य शिवम राठौर ने बताया कि हेल्पलाइन के माध्यम से कांवड़ियों को शंकरपुर चौराहे से गोमती मोड़ तक स्वास्थ्य सेवाओं सहित साइकिल, बाइक, ट्रैक्टर ट्राली आदि वाहन खराब हो जाने पर मैकेनिक की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
इस मौके पर पालिका अध्यक्ष दुर्गा मेहरोत्रा, ज्योतिर्मय बरतरिया, प्रभारी कोतवाल आनंद कुमार शाही, एसएसआई राम सिंह पवार, शिवम राठौर, सुशीला वर्मा, रामविलास, अमित भसीन, रवि शुक्ला, संजीव मेहरोत्रा, गोविंद गुप्ता, राम सिंह राठौर, राहुल त्रिवेदी, जगदीश गुप्ता, सुभाष मेहरोत्रा, पुनीत, मदन गुप्ता, मनोज, शिशिर गुप्ता, पं चंद्रभाल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
गोला के लिए कावंड़ियों का जत्था रवाना
पलियाकलां। सावन माह पर मंदिरों में पूजन अर्चन के लिए लोगों की भीड़ रही। राम मंदिर, शिवमंदिर, माता कालरात्रि मंदिर समेत तमाम मंदिरों में पूजन अर्चन के लिए लोगों की भीड़ रही। इधर गोला गोकर्णनाथ के लिए कावंड़ियों के जत्थे रवाना होने लगे हैं। पटिहन, पलिया समेत कई गांवों से कांवड़ियों के जत्थे बोल बम के नारे के साथ रवाना हुए।
क्लेशहरण मंदिर पर उमड़े भक्त
ममरी। सावन के पहले सोमवार को क्षेत्र से लेकर दूर दराज से आए हजारों शिव भक्तों, पदयात्री कांवरियों ने अहमदनगर स्थित प्राचीन क्लेशहरण मंदिर में बेलपत्र, धतूरा, भांग, प्रसाद चढ़ाकर जलाभिषेक किया।इस मौके पर मंदिर का वातावरण डमरुआ वाले की जय जयकार से गूंजता रहा। उधर सड़कों पर कांवरियों का तांता लगा रहा।
मान्यता है कि शिव मंदिर का अभिन्न अंग कहलाने वाले अहमदनगर के क्लेश हरण मंदिर में सावन के मेले में जलाभिषेक किए बगैर पूजन अधूरा माना जाता है। जहां क्षेत्रवासियों से लेकर तमाम कांवड़ियों ने जलाभिषेक कर पूजन किया। साथ ही भक्तों ने मंदिर के इर्द गिर्द बने मां काली, बाबा नरसिंह, श्री राधा-कृष्ण, श्रीराम-लक्ष्मण, सीताजी के मंदिर में भी प्रसाद चढ़ाकर पूजन किया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात रहा।
अहमदनगर के प्राचीन क्लेशहरण मंदिर में जलाभिषेक और पूजन करने के बाद तमाम श्रद्घालुओं ने मंदिर के पास स्थित ब्रह्मबाबा स्थान पर बैठकर श्री सत्यनारायण भगवान की कथा सुनकर पुण्य कमाया। क्लेशहरण के मंदिर पर पुरुषों की अपेक्षा महिला भक्तों की अधिकता देखी गई। इस कारण मेले में मिष्ठान, सौंदर्य, हौजरी, खेल खिलौनों आदि सामान की दुकानों पर श्रद्घालुओं ने जमकर खरीदारी की। साथ ही बच्चों ने मेले का लुत्फ उठाया।
भोले के दरबार में उमड़ा कांवड़ियों का रेला
गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी के सावन मेला में पहले सोमवार को शिव भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। कड़ी सुरक्षा के बीच आधा किलोमीटर तक लगी लाइन में श्रद्घालुओं को अपने आराध्य के दर्शनों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
प्राचीन शिव मंदिर के द्वार भोर के चार बजे खोल दिए गए। इससे पहले ही श्रद्घालुओं ने गोकर्ण तीर्थ में स्नान कर हाथों में भांग, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प, धूप, दीप, भोग आदि पूजन सामग्री लेकर भगवान शिव का जयघोष करते हुए शिव दर्शन करने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा बनाई गई पंक्ति में लग गए। जहां घंटों इंतजार के बाद शवि भक्तों ने भोलेनाथ के दर्शन कर धन्य हुए। पहले सोमवार को लाखों शिव भक्तों ने पौराणिक शिव मंदिर में जलाभिषेक किया। नगर के प्रमुख मार्गों और शिव मंदिर परिसर पर अतिक्रमण होने के कारण मेलार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
भगवा रंग में रंगी शिव नगरी
गोला गोकर्णनाथ। सावन के पहले सोमवार की पूर्व संध्या से ही आस पास के जनपदों से गंगाजल और सरयू जल लेकर आए कांवड़ियों की भगवा टोली के बम बम भोले, हर हर महादेव के जयकारों से नगर की सड़कें गूंज उठी, जिनमें अपने आराध्य के दर्शन को लेकर अपार जोश देखा जा रहा था। कांवड़ियों की भगवा टोलियों से भोले बाबा की प्रिय नगरी भी भगवा रंग में रंगी मालूम हो रही थी।
सुरक्षा की थी कड़ी व्यवस्था
गोला गोकर्णनाथ। सावन के पहले सोमवार को अपार भीड़ का अनुमान लगाकर जिला प्रशासन ने नगर में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की थी। कांवड़ियों और शिव भक्तों के वाहनों को नगर की सीमा पर ही रोक लिया गया था, भारी वाहनों को नगर में लाने पर पूरा प्रतिबंध लगा रहा। सुरक्षा व्यवस्था में प्रशासन ने कई थानों की पुलिस और पीएसी बल तैनात कर रखा था। सावन मेला कार्यालय से माइक द्वारा श्रद्घालुओं को सचेत करने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे थे।
नगर पालिका ने लगाया पंजीकरण शिविर
गोला गोकर्णनाथ।शिव मंदिर को जाने वाले मार्ग के समीप नगर पालिका परिषद द्वारा यात्री पंजीकरण शिविर लगाया गया था। जिसमें आने वाले यात्रियों का नाम, पता दर्ज किया जा रहा था। इसी शिविर में श्रद्घालुओं के जूता, चप्पल, निशुल्क रखने की व्यवस्था भी की गई थी। भक्तों के जूता, चप्पल रखने के बाद उन्हें टोकन दिया जाता था।
भंडारे में बंटा कढ़ी चावल
गोला गोकर्णनाथ। हरदोई के श्री हरहर महादेव सेवा मंडल ने शिव मंदिर जाने वाले मार्ग के पास शिविर लगाकर भंडारा किया। इसमें भक्तों को पूरे दिन कढ़ी चावल का प्रसाद दिया गया। सेवादार पंजाब के संदीप ब्याला के नेतृत्व में हरदोई के सेवादार अमित गुप्ता, दिलीप सिंह, जितेंद्र सक्सेना, बलतेज सिंह, बबलू यादव, प्रणव गुप्ता, नन्हें गुप्ता, विमलेश पांडे, सत्येंद्र सिंह तोमर आदि व्यवस्था में जुटे रहे।
संदीप ब्याला ने बताया कि वह तीन वर्ष से सावन मेला में भंडारा कर रहे हैं। कंजा बरमबाबा हनुमान मंदिर पर श्रद्घालुओं के सहयोग से कराए जा रहे भंडारे में कांवड़ियों और शिव भक्तों को रात दिन फलाहार कराया गया।
जलाभिषेक के लिए पानी को तरसे लोग
लखीमपुर खीरी। सावन माह शुरू होने के बावजूद शहर की बिजली सप्लाई में कोई सुधार नहीं हुआ है। बिजली कटौती के कारण सावन के पहले सोमवार को ही लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिजली कटौती होने से लोगों को जलाभिषेक के लिए पानी नहीं मिल पाया। इससे लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है।
शहर में बिजली सप्लाई दो चरणों सुबह पांच बजे से 11 बजे तक और दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक बिजली कटौती का रोस्टर तय है। इसकी वजह से सावन माह में काफी परेशानी हो रही है। सावन माह में सुबह के समय बिजली-पानी न मिलने के कारण लोगों में रोष है। लोगों का कहना कि बिजली कटौती के कारण सुबह के समय पूजा आदि कार्यों के लिए उन्हें पानी नहीं मिल रहा है। यह समस्या रोज की है।
लोगों की मांग है कि सावन माह को देखते हुए शहर में बिजली सप्लाई का रोस्टर बदला जाए। जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इस बाबत जेई मनोज पुष्कर का कहना है कि अभी सिस्टम कंट्रोल से बिजली सप्लाई का समय बदलने संबंधी कोई दिशा-निर्देश नहीं आया है। तब तक लोगों को पुराने रोस्टर से ही बिजली मिलेगी।
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शहर से नौ किलोमीटर दूर निघासन रोड पर स्थित प्राचीन लिलौटीनाथ मंदिर में सुबह से श्रद्घालुओं की भारी भीड़ रही। दूर-दूर से आए कांवड़ियों ने पवित्र नदियों के जल से प्राचीन दिव्य शिवलिंग का अभिषेक किया। यहां पूरे दिन मेला लगा रहा। कई श्रद्घालुओं ने मंदिर परिसर में भंडारा कराया। इसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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शहर के प्राचीन भुइफोरवानाथ मंदिर में ब्रह्ममुहूर्त से ही भोले के भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां देर शाम तक भक्तों लंबी कतारें पूजा करने को लगी रहीं। लोगों ने प्राचीन शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल, धतूरा, भांग, चंदन, जल और दूध से भगवान शंकर की पूजा अर्चना की। यहां भी कई भक्तों ने भंडारे का आयोजन किया। दिन भर मेला लगा रहा।
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शहर के जंगलीनाथ मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर ओयल के मेंढक शिव मंदिर, सिंगाही के भूलभुलैया शिव मंदिर, मोहम्मदी के टेढ़ेनाथ शिव मंदिर, कफारा के लीलानाथ मंदिर, मढ़ियाघाट के शिव मंदिर, देवकली शिव मंदिर, मथना मंदिर आदि प्राचीन मंदिरों में श्रद्घालुओं की भारी भीड़ रही। जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया गया।
बांकेगंज। श्रावण माह के पहले सोमवार को भोर चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही भोले बाबा की अराधना का दौर शुरू हो गया। श्रद्घालुओं ने बांकेश्वर महादेव का दुग्ध धारा से अभिषेक करने के साथ ही बेलपत्र, धतूरे के फल चढ़ा कर मनोकामना पूरी होने की कामना की। सावन माह के पहले सोमवार को कस्बा स्थित बांकेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जहां हजारों की संख्या में पहुंचे भगवान शिव के भक्तों ने गंगाजल, बेलपत्र अपर्ण कर भगवान महादेव की पूजा अर्चना की। इस मौके पर हजारों की संख्या में श्रद्घालु महिला, पुरूष और बच्चे मौजूद रहे।
कावड़ियों के लिए भंडारा और हेल्प लाइन सेवा शुरू
मोहम्मदी। स्थानीय श्रीराम जानकी सेवा समिति के तत्वावधान में कांवड़ियों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। इससे पूर्व भगवान भोलेनाथ का पूजन अर्चन कर कांवड़ियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन सेवा शुरू की गई।
समिति के सदस्य शिवम राठौर ने बताया कि हेल्पलाइन के माध्यम से कांवड़ियों को शंकरपुर चौराहे से गोमती मोड़ तक स्वास्थ्य सेवाओं सहित साइकिल, बाइक, ट्रैक्टर ट्राली आदि वाहन खराब हो जाने पर मैकेनिक की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
इस मौके पर पालिका अध्यक्ष दुर्गा मेहरोत्रा, ज्योतिर्मय बरतरिया, प्रभारी कोतवाल आनंद कुमार शाही, एसएसआई राम सिंह पवार, शिवम राठौर, सुशीला वर्मा, रामविलास, अमित भसीन, रवि शुक्ला, संजीव मेहरोत्रा, गोविंद गुप्ता, राम सिंह राठौर, राहुल त्रिवेदी, जगदीश गुप्ता, सुभाष मेहरोत्रा, पुनीत, मदन गुप्ता, मनोज, शिशिर गुप्ता, पं चंद्रभाल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
गोला के लिए कावंड़ियों का जत्था रवाना
पलियाकलां। सावन माह पर मंदिरों में पूजन अर्चन के लिए लोगों की भीड़ रही। राम मंदिर, शिवमंदिर, माता कालरात्रि मंदिर समेत तमाम मंदिरों में पूजन अर्चन के लिए लोगों की भीड़ रही। इधर गोला गोकर्णनाथ के लिए कावंड़ियों के जत्थे रवाना होने लगे हैं। पटिहन, पलिया समेत कई गांवों से कांवड़ियों के जत्थे बोल बम के नारे के साथ रवाना हुए।
क्लेशहरण मंदिर पर उमड़े भक्त
ममरी। सावन के पहले सोमवार को क्षेत्र से लेकर दूर दराज से आए हजारों शिव भक्तों, पदयात्री कांवरियों ने अहमदनगर स्थित प्राचीन क्लेशहरण मंदिर में बेलपत्र, धतूरा, भांग, प्रसाद चढ़ाकर जलाभिषेक किया।इस मौके पर मंदिर का वातावरण डमरुआ वाले की जय जयकार से गूंजता रहा। उधर सड़कों पर कांवरियों का तांता लगा रहा।
मान्यता है कि शिव मंदिर का अभिन्न अंग कहलाने वाले अहमदनगर के क्लेश हरण मंदिर में सावन के मेले में जलाभिषेक किए बगैर पूजन अधूरा माना जाता है। जहां क्षेत्रवासियों से लेकर तमाम कांवड़ियों ने जलाभिषेक कर पूजन किया। साथ ही भक्तों ने मंदिर के इर्द गिर्द बने मां काली, बाबा नरसिंह, श्री राधा-कृष्ण, श्रीराम-लक्ष्मण, सीताजी के मंदिर में भी प्रसाद चढ़ाकर पूजन किया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात रहा।
अहमदनगर के प्राचीन क्लेशहरण मंदिर में जलाभिषेक और पूजन करने के बाद तमाम श्रद्घालुओं ने मंदिर के पास स्थित ब्रह्मबाबा स्थान पर बैठकर श्री सत्यनारायण भगवान की कथा सुनकर पुण्य कमाया। क्लेशहरण के मंदिर पर पुरुषों की अपेक्षा महिला भक्तों की अधिकता देखी गई। इस कारण मेले में मिष्ठान, सौंदर्य, हौजरी, खेल खिलौनों आदि सामान की दुकानों पर श्रद्घालुओं ने जमकर खरीदारी की। साथ ही बच्चों ने मेले का लुत्फ उठाया।
भोले के दरबार में उमड़ा कांवड़ियों का रेला
गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी के सावन मेला में पहले सोमवार को शिव भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। कड़ी सुरक्षा के बीच आधा किलोमीटर तक लगी लाइन में श्रद्घालुओं को अपने आराध्य के दर्शनों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
प्राचीन शिव मंदिर के द्वार भोर के चार बजे खोल दिए गए। इससे पहले ही श्रद्घालुओं ने गोकर्ण तीर्थ में स्नान कर हाथों में भांग, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प, धूप, दीप, भोग आदि पूजन सामग्री लेकर भगवान शिव का जयघोष करते हुए शिव दर्शन करने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा बनाई गई पंक्ति में लग गए। जहां घंटों इंतजार के बाद शवि भक्तों ने भोलेनाथ के दर्शन कर धन्य हुए। पहले सोमवार को लाखों शिव भक्तों ने पौराणिक शिव मंदिर में जलाभिषेक किया। नगर के प्रमुख मार्गों और शिव मंदिर परिसर पर अतिक्रमण होने के कारण मेलार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
भगवा रंग में रंगी शिव नगरी
गोला गोकर्णनाथ। सावन के पहले सोमवार की पूर्व संध्या से ही आस पास के जनपदों से गंगाजल और सरयू जल लेकर आए कांवड़ियों की भगवा टोली के बम बम भोले, हर हर महादेव के जयकारों से नगर की सड़कें गूंज उठी, जिनमें अपने आराध्य के दर्शन को लेकर अपार जोश देखा जा रहा था। कांवड़ियों की भगवा टोलियों से भोले बाबा की प्रिय नगरी भी भगवा रंग में रंगी मालूम हो रही थी।
सुरक्षा की थी कड़ी व्यवस्था
गोला गोकर्णनाथ। सावन के पहले सोमवार को अपार भीड़ का अनुमान लगाकर जिला प्रशासन ने नगर में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की थी। कांवड़ियों और शिव भक्तों के वाहनों को नगर की सीमा पर ही रोक लिया गया था, भारी वाहनों को नगर में लाने पर पूरा प्रतिबंध लगा रहा। सुरक्षा व्यवस्था में प्रशासन ने कई थानों की पुलिस और पीएसी बल तैनात कर रखा था। सावन मेला कार्यालय से माइक द्वारा श्रद्घालुओं को सचेत करने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे थे।
नगर पालिका ने लगाया पंजीकरण शिविर
गोला गोकर्णनाथ।शिव मंदिर को जाने वाले मार्ग के समीप नगर पालिका परिषद द्वारा यात्री पंजीकरण शिविर लगाया गया था। जिसमें आने वाले यात्रियों का नाम, पता दर्ज किया जा रहा था। इसी शिविर में श्रद्घालुओं के जूता, चप्पल, निशुल्क रखने की व्यवस्था भी की गई थी। भक्तों के जूता, चप्पल रखने के बाद उन्हें टोकन दिया जाता था।
भंडारे में बंटा कढ़ी चावल
गोला गोकर्णनाथ। हरदोई के श्री हरहर महादेव सेवा मंडल ने शिव मंदिर जाने वाले मार्ग के पास शिविर लगाकर भंडारा किया। इसमें भक्तों को पूरे दिन कढ़ी चावल का प्रसाद दिया गया। सेवादार पंजाब के संदीप ब्याला के नेतृत्व में हरदोई के सेवादार अमित गुप्ता, दिलीप सिंह, जितेंद्र सक्सेना, बलतेज सिंह, बबलू यादव, प्रणव गुप्ता, नन्हें गुप्ता, विमलेश पांडे, सत्येंद्र सिंह तोमर आदि व्यवस्था में जुटे रहे।
संदीप ब्याला ने बताया कि वह तीन वर्ष से सावन मेला में भंडारा कर रहे हैं। कंजा बरमबाबा हनुमान मंदिर पर श्रद्घालुओं के सहयोग से कराए जा रहे भंडारे में कांवड़ियों और शिव भक्तों को रात दिन फलाहार कराया गया।
जलाभिषेक के लिए पानी को तरसे लोग
लखीमपुर खीरी। सावन माह शुरू होने के बावजूद शहर की बिजली सप्लाई में कोई सुधार नहीं हुआ है। बिजली कटौती के कारण सावन के पहले सोमवार को ही लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिजली कटौती होने से लोगों को जलाभिषेक के लिए पानी नहीं मिल पाया। इससे लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है।
शहर में बिजली सप्लाई दो चरणों सुबह पांच बजे से 11 बजे तक और दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक बिजली कटौती का रोस्टर तय है। इसकी वजह से सावन माह में काफी परेशानी हो रही है। सावन माह में सुबह के समय बिजली-पानी न मिलने के कारण लोगों में रोष है। लोगों का कहना कि बिजली कटौती के कारण सुबह के समय पूजा आदि कार्यों के लिए उन्हें पानी नहीं मिल रहा है। यह समस्या रोज की है।
लोगों की मांग है कि सावन माह को देखते हुए शहर में बिजली सप्लाई का रोस्टर बदला जाए। जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इस बाबत जेई मनोज पुष्कर का कहना है कि अभी सिस्टम कंट्रोल से बिजली सप्लाई का समय बदलने संबंधी कोई दिशा-निर्देश नहीं आया है। तब तक लोगों को पुराने रोस्टर से ही बिजली मिलेगी।