{"_id":"65468fcdf76f3d260c0bfd88","slug":"had-the-police-been-alerted-in-time-stone-pelting-and-arson-would-not-have-happened-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1004-8897-2023-11-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: वक्त रहते चेत जाती पुलिस तो नहीं होता पथराव-आगजनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: वक्त रहते चेत जाती पुलिस तो नहीं होता पथराव-आगजनी
विज्ञापन
सम्पूर्णानगर इलाके में घटना के बाद लाठी चार्ज करती पुलिस
पलियाकलां/संपूर्णानगर। आपसी सौहार्द के लिए जाना जाने वाला संपूर्णानगर कस्बा शनिवार को इस कदर सुलगा कि पूरे प्रदेश में इसकी गूंज सुनाई दी। डीएम-एसपी से लेकर आईजी रेंज तरुण गाबा तक मौके पर पहुंचे और स्थिति की गंभीरता का जायजा लिया। पुलिस ने शुरू से ही इस मामले में ढीला रवैया अपनाया। अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो पथराव और आगजनी जैसी बड़ी घटना न होती। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने की वजह से संगठनों ने भी इसे खूब तूल दिया।
मृतका 17 वर्षीय किशोरी कस्बा के इंटर कॉलेज में कक्षा 12वीं की छात्रा थी। साथ में पढ़ने वाले युवक जुबैद अख्तर से उसकी दोस्ती हुई। युवक ने किशोरी का आपत्तिजनक वीडियो इंस्टाग्राम आईडी पर डालने के साथ ही किशोरी के रिश्तेदारों को भी भेज दिया। इससे किशोरी काफी आहत थी। परिवार वाले जब शिकायत लेकर पहुंचे, युवक पक्ष के लोगों ने उनके साथ अभद्रता कर भगा दिया। इससे परेशान होकर बृहस्पतिवार को किशोरी ने फंदे से लटककर जान दे दी।
बजरंग दल और भीम आर्मी पीड़िता के पक्ष में उतरे, किया हंगामा
संपूर्णानगर। शुक्रवार की रात 10ः30 बजे किशोरी का शव पीएम होने के बाद घर पहुंचा था। जिसपर रात 11ः30 बजे हजारा की भीम आर्मी, स्थानीय ग्रामीणों व परिजनों ने थाना गेट पर थाना प्रभारी से वार्ता की और फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार न किए जाने पर शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। जिसपर पुलिस ने कहा था कि टीम गठित की गई और प्रयास भी किया जा रहा है। रातभर मामला शांत रहा। शनिवार को सुबह 09ः00 बजे ही भारी संख्या में ग्रामीण और परिजन ने शव को रोड पर रखकर जाम लगा दिया। मामला बढ़ता गया और आगजनी, लाठीचार्ज और पत्थरबाजी पर पहुंच गया।
विज्ञापन
तत्काल दर्ज नहीं किया मुकदमा, आरोपियों को भागने का मौका मिला
पलियाकलां। पूरे मामले में संपूर्णानगर पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है। परिजन का आरोप है कि पुलिस को बृहस्पतिवार को ही नामजद तहरीर दे दी गई थी। लेकिन रात भर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, केवल शव को उतरवाकर पीएम के लिए भेज दिया। यहां तक तत्काल मुकदमा भी दर्ज नहीं किया, जिससे आरोपी के परिजनों को भागने का मौका मिल गया। शुक्रवार को भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों ने ग्रामीणों संग रोड जाम की, तब जाकर पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। संवाद
आरोपी के मामा की दुकान का सामान भी फेंका
गुस्साई भीड़ ने बाद में जाते-जाते आरोपी के मामा की दुकान का भी सारा सामान रोड पर फेंक दिया। जिसके बाद सीडीओ अनिल कुमार सिंह व पीएसी जवानों ने मौके पर पहुंचकर आग लगने से सामान को बचाया। वहीं सीडीओ ने पीएसी जवानों के साथ सड़क से सामान उठाकर दुकान में रखा।
आपदा में अवसर तलाशते दिखे ग्रामीण
भारी तनाव और बवाल में भी ग्रामीण आपदा में अवसर का लाभ उठाने में पीछे नहीं हटे। फल, सब्जी की जिन दुकानों से सामान फेंका गया था। कई ग्रामीण मौके का फायदा उठाकर फल सब्जी उठाकर भागते दिखाई दिए। जिसके बाद पुलिस बल ने वहां पर पहुंचकर लोगों को भगाया। भीड़ ने कवरेज करने वाले मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी की। कई के मोबाइल छीन लिए। जिसके बाद डीएम व एसपी घटनास्थल पर मीडिया को जाने से रोकते हुए दूर खड़े होने की अपील करते रहे।
तीन सीओ व कई थाना प्रभारियों ने संभाला मोर्चा
घटना काफी तनावपूर्ण होने के बाद डीएम महेंद्र बहादुर सिंह, एसपी गणेश प्रसाद साहा के साथ ही पलिया, निघासन, धौराहरा के सीओ समेत कई थानों के थाना प्रभारी व कोतवाल समेत एसएसबी कमांडेंट पराग सरकार के साथ भारी एसएसबी जवान तैनात रहे और मोर्चा संभालने के बाद स्थिति को काबू में किया।
विज्ञापन
मृतका 17 वर्षीय किशोरी कस्बा के इंटर कॉलेज में कक्षा 12वीं की छात्रा थी। साथ में पढ़ने वाले युवक जुबैद अख्तर से उसकी दोस्ती हुई। युवक ने किशोरी का आपत्तिजनक वीडियो इंस्टाग्राम आईडी पर डालने के साथ ही किशोरी के रिश्तेदारों को भी भेज दिया। इससे किशोरी काफी आहत थी। परिवार वाले जब शिकायत लेकर पहुंचे, युवक पक्ष के लोगों ने उनके साथ अभद्रता कर भगा दिया। इससे परेशान होकर बृहस्पतिवार को किशोरी ने फंदे से लटककर जान दे दी।
विज्ञापन
बजरंग दल और भीम आर्मी पीड़िता के पक्ष में उतरे, किया हंगामा
संपूर्णानगर। शुक्रवार की रात 10ः30 बजे किशोरी का शव पीएम होने के बाद घर पहुंचा था। जिसपर रात 11ः30 बजे हजारा की भीम आर्मी, स्थानीय ग्रामीणों व परिजनों ने थाना गेट पर थाना प्रभारी से वार्ता की और फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार न किए जाने पर शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। जिसपर पुलिस ने कहा था कि टीम गठित की गई और प्रयास भी किया जा रहा है। रातभर मामला शांत रहा। शनिवार को सुबह 09ः00 बजे ही भारी संख्या में ग्रामीण और परिजन ने शव को रोड पर रखकर जाम लगा दिया। मामला बढ़ता गया और आगजनी, लाठीचार्ज और पत्थरबाजी पर पहुंच गया।
विज्ञापन
तत्काल दर्ज नहीं किया मुकदमा, आरोपियों को भागने का मौका मिला
पलियाकलां। पूरे मामले में संपूर्णानगर पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है। परिजन का आरोप है कि पुलिस को बृहस्पतिवार को ही नामजद तहरीर दे दी गई थी। लेकिन रात भर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, केवल शव को उतरवाकर पीएम के लिए भेज दिया। यहां तक तत्काल मुकदमा भी दर्ज नहीं किया, जिससे आरोपी के परिजनों को भागने का मौका मिल गया। शुक्रवार को भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों ने ग्रामीणों संग रोड जाम की, तब जाकर पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। संवाद
आरोपी के मामा की दुकान का सामान भी फेंका
गुस्साई भीड़ ने बाद में जाते-जाते आरोपी के मामा की दुकान का भी सारा सामान रोड पर फेंक दिया। जिसके बाद सीडीओ अनिल कुमार सिंह व पीएसी जवानों ने मौके पर पहुंचकर आग लगने से सामान को बचाया। वहीं सीडीओ ने पीएसी जवानों के साथ सड़क से सामान उठाकर दुकान में रखा।
आपदा में अवसर तलाशते दिखे ग्रामीण
भारी तनाव और बवाल में भी ग्रामीण आपदा में अवसर का लाभ उठाने में पीछे नहीं हटे। फल, सब्जी की जिन दुकानों से सामान फेंका गया था। कई ग्रामीण मौके का फायदा उठाकर फल सब्जी उठाकर भागते दिखाई दिए। जिसके बाद पुलिस बल ने वहां पर पहुंचकर लोगों को भगाया। भीड़ ने कवरेज करने वाले मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी की। कई के मोबाइल छीन लिए। जिसके बाद डीएम व एसपी घटनास्थल पर मीडिया को जाने से रोकते हुए दूर खड़े होने की अपील करते रहे।
तीन सीओ व कई थाना प्रभारियों ने संभाला मोर्चा
घटना काफी तनावपूर्ण होने के बाद डीएम महेंद्र बहादुर सिंह, एसपी गणेश प्रसाद साहा के साथ ही पलिया, निघासन, धौराहरा के सीओ समेत कई थानों के थाना प्रभारी व कोतवाल समेत एसएसबी कमांडेंट पराग सरकार के साथ भारी एसएसबी जवान तैनात रहे और मोर्चा संभालने के बाद स्थिति को काबू में किया।