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घटतौली पर किसानों का हंगामा
महेवागंज
Updated Sat, 09 Jan 2016 10:39 PM IST
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एक ओर गन्ना किसानों को भुगतान नहीं मिल रहा है वहीं दूसरी ओर घटतौली कर उन्हें चूना लगाया जा रहा है। खंभारखेड़ा मिल गेट पर गन्ना भरी दो अलग-अलग ट्रॉलियों की तौल में अंतर मिलने पर शनिवार को किसानों ने खूब हंगामा किया और तौल बंद करा दी। प्रदर्शन की आंच तेज होने पर मिल अधिकारियों ने मौके पर पुलिस बुला ली, जिसके बाद किसानों की मान-मनौव्वल का सिलसिला शुरू हुआ। सूचना पाकर जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने प्रतिनिधि के तौर पर केन डेवलपमेंट निरीक्षक को मौके पर जांच के लिए भेजा। कांटे की जांच में पांच किलो का अंतर पाया गया। मिल अधिकारियों और गन्ना सोसायटी के प्रतिनिधियों की मध्यस्तता के बाद किसान शांत हुए, जिसके बाद तौल शुरू हुई।
शनिवार की सुबह करीब 10 बजे सदर कोतवाली के महेवागांव निवासी किसान अनिल ट्रैक्टर-ट्रॉली से गन्ना लेकर मिल गया था, जिससे पूर्व उसने ट्रॉली धर्मकांटा पर तौलाई थी। नंबर आने पर उसने मिल कांटे पर तौल कराई तो धर्मकांटे से कम वजन निकला। इस पर अनिल ने कांटा लिपिक से एतराज जताया और अनिल ने धर्मकांटे पर कराई गई तौल की पर्ची दिखाई। मैनुअल और मिल के काटे में तीन क्विंटल के अंतर की बात कहते हुए किसान ने अन्य किसानों को भी यह बात बताई। इस पर वहां मौजूद किसान भड़क गए और हंगामा करना शुरू कर दिया।
नाराज किसानों ने तौल भी ठप करा दी। सूचना पर चौकी इंचार्ज समीर जावेद मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाकर शांत कराने की कोशिश की। मिल अधिकारियों ने विवादित ट्रॉली का दूसरे कांटे पर वजन कराया पर किसान नहीं मानें। वार्ता चल ही रही थी कि इस बीच नकहा निवासी पंकज मिश्रा की गन्ना भरी ट्रॉली के वजन में अंतर की बात सामने आई। इस पर किसान और उग्र हो गए। मामले की जानकारी मिलने पर जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने केन डेवलपमेंट निरीक्षक अमित कुमार पांडेय को मौके पर भेजा। उन्होंने मामले की जांच की तो पांच किलो का अंतर मिला। उधर सूचना पाकर लखीमपुर केन सोसायटी के अध्यक्ष अखिलेश वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के दखल और मिल अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसान शांत हुए।
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उप गन्ना प्रबंधक, खंभारखेड़ा मिल पीके ढाका ने बताया कि मिल के कांटों में कोई खराबी नहीं है। किसान को गलतफहमी हो गई थी, जिसे दूर कर दिया गया है।
जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि मौके पर प्रतिनिधि को भेजकर कांटे की जांच कराई गई है, जिसमें पांच किलो का मामूली अंतर मिला है। मिल अधिकारियों को कांटे की निरंतर चेकिंग कर दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
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शनिवार की सुबह करीब 10 बजे सदर कोतवाली के महेवागांव निवासी किसान अनिल ट्रैक्टर-ट्रॉली से गन्ना लेकर मिल गया था, जिससे पूर्व उसने ट्रॉली धर्मकांटा पर तौलाई थी। नंबर आने पर उसने मिल कांटे पर तौल कराई तो धर्मकांटे से कम वजन निकला। इस पर अनिल ने कांटा लिपिक से एतराज जताया और अनिल ने धर्मकांटे पर कराई गई तौल की पर्ची दिखाई। मैनुअल और मिल के काटे में तीन क्विंटल के अंतर की बात कहते हुए किसान ने अन्य किसानों को भी यह बात बताई। इस पर वहां मौजूद किसान भड़क गए और हंगामा करना शुरू कर दिया।
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नाराज किसानों ने तौल भी ठप करा दी। सूचना पर चौकी इंचार्ज समीर जावेद मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाकर शांत कराने की कोशिश की। मिल अधिकारियों ने विवादित ट्रॉली का दूसरे कांटे पर वजन कराया पर किसान नहीं मानें। वार्ता चल ही रही थी कि इस बीच नकहा निवासी पंकज मिश्रा की गन्ना भरी ट्रॉली के वजन में अंतर की बात सामने आई। इस पर किसान और उग्र हो गए। मामले की जानकारी मिलने पर जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने केन डेवलपमेंट निरीक्षक अमित कुमार पांडेय को मौके पर भेजा। उन्होंने मामले की जांच की तो पांच किलो का अंतर मिला। उधर सूचना पाकर लखीमपुर केन सोसायटी के अध्यक्ष अखिलेश वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के दखल और मिल अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसान शांत हुए।
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उप गन्ना प्रबंधक, खंभारखेड़ा मिल पीके ढाका ने बताया कि मिल के कांटों में कोई खराबी नहीं है। किसान को गलतफहमी हो गई थी, जिसे दूर कर दिया गया है।
जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि मौके पर प्रतिनिधि को भेजकर कांटे की जांच कराई गई है, जिसमें पांच किलो का मामूली अंतर मिला है। मिल अधिकारियों को कांटे की निरंतर चेकिंग कर दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।