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बाछेपारा गांव में घाघरा ने मचाई तबाही, 64 परिवार हुए बेघर
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धौरहरा। तहसील क्षेत्र के रमियाबेहड़, धौरहरा, ईसानगर क्षेत्र में घाघरा और शारदा नदियों की तबाही से कई गांवों का अस्तित्व खतरे में है। घाघरा नदी ने बीते एक माह से तबाही मचाते हुए बाछेपारा गांव के करीब 64 परिवारों को बेघर कर दिया है। कटान पीड़ित सरकारी विद्यालयों में अपना ठिकाना बनाए हुए हैं।
तहसील प्रशासन कटान पीड़ितों को बसाने के लिए भूमि की तलाश कर रहा है। वहीं रमियाबेहड़ के गोडियन पुरवा, बाछेपारा, बिंजहा में करीब सौ परिवार घाघरा नदी के निशाने पर हैं, जो कभी भी घाघरा नदी में समा सकते हैं। ग्रामीण खुद अपने हाथों से अपने घरों को उजाड़ रहे हैं और सुरक्षित स्थान पर पलायन करने को मजबूर हैं।
ईसानगर के मिलिक, कैरातीपुरवा में भी घाघरा नदी ने कटान शुरू कर दिया है। कैरातीपुरवा के तुलसीराम, काशीराम, लेखराम, शिवबलक, भारत, आशाराम आदि के घर नदी की जद में हैं। घाघरा नदी का कटान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक सैकड़ों बीघा फसल लगी भूमि को निगलकर नदी तेजी से भू कटान कर रही है।
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वहीं शारदा नदी ईसानगर के जमदरी, खनवापुर, खड़वा, धौरहरा के रैनी, समदहा में बचाव के लिए शुरू की गई परियोजना को काटने पर तुली है। रैनी में बने बंधे को करीब 70 मीटर काट चुकी है।
धीरे-धीरे नदी गांव को काटते हुए आगे बढ़ रही है, जिससे आसपास के गांवों पर भी अब खतरा मंडराने लगा है। वहीं बाढ़ खंड कटान रोकने के कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। बोरियों में ईंटा रोड़ा भरकर कटान को रोका जा रहा है।
कटान पीड़ितों को स्कूल में ठहराया गया है। नदी के किनारे के ग्रामीणों को घर खाली करने को कहा गया है। बाढ़ खंड द्वारा बचाव कार्य किया जा रहा है, जलस्तर ज्यादा होने के चलते बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है।
-रेनू, एसडीएम धौरहरा
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तहसील प्रशासन कटान पीड़ितों को बसाने के लिए भूमि की तलाश कर रहा है। वहीं रमियाबेहड़ के गोडियन पुरवा, बाछेपारा, बिंजहा में करीब सौ परिवार घाघरा नदी के निशाने पर हैं, जो कभी भी घाघरा नदी में समा सकते हैं। ग्रामीण खुद अपने हाथों से अपने घरों को उजाड़ रहे हैं और सुरक्षित स्थान पर पलायन करने को मजबूर हैं।
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ईसानगर के मिलिक, कैरातीपुरवा में भी घाघरा नदी ने कटान शुरू कर दिया है। कैरातीपुरवा के तुलसीराम, काशीराम, लेखराम, शिवबलक, भारत, आशाराम आदि के घर नदी की जद में हैं। घाघरा नदी का कटान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक सैकड़ों बीघा फसल लगी भूमि को निगलकर नदी तेजी से भू कटान कर रही है।
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वहीं शारदा नदी ईसानगर के जमदरी, खनवापुर, खड़वा, धौरहरा के रैनी, समदहा में बचाव के लिए शुरू की गई परियोजना को काटने पर तुली है। रैनी में बने बंधे को करीब 70 मीटर काट चुकी है।
धीरे-धीरे नदी गांव को काटते हुए आगे बढ़ रही है, जिससे आसपास के गांवों पर भी अब खतरा मंडराने लगा है। वहीं बाढ़ खंड कटान रोकने के कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। बोरियों में ईंटा रोड़ा भरकर कटान को रोका जा रहा है।
कटान पीड़ितों को स्कूल में ठहराया गया है। नदी के किनारे के ग्रामीणों को घर खाली करने को कहा गया है। बाढ़ खंड द्वारा बचाव कार्य किया जा रहा है, जलस्तर ज्यादा होने के चलते बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है।
-रेनू, एसडीएम धौरहरा