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Lakhimpur Kheri News: रुचिकर विषय है भूगोल, प्रतियोगी परीक्षाओं में भी मिलता है तैयारी का लाभ

Sun, 25 Jan 2026 11:07 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Sun, 25 Jan 2026 11:07 PM IST
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Geography is an interesting subject, preparation also provides benefits in competitive exams
प्रवक्ता देवेश्वर शुक्ला
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लखीमपुर खीरी। यूपी बोर्ड परीक्षा में भूगोल विषय को लेकर परीक्षार्थी परेशान न हों। यह रुचिकर विषय है। यह डिवीजन बनवाने में भी सहायक साबित हो सकता है। इंटरमीडिएट में यह विषय ठीक से पढ़ लिया जाए तो प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इसका लाभ मिलेगा। इस विषय की समझ विकसित होने पर पृथ्वी के भौतिक एवं सांस्कृतिक लक्षण पता चलते हैं। यह देश-विदेश के स्थानों व अन्य संदर्भों की जानकारी देने में भी सहायक है।
विद्यार्थियों को यह सुझाव गांधी विद्यालय में भूगोल विषय के प्रवक्ता देवेश्वर शुक्ला ने दिए हैं। उनका कहना है कि इस विषय की तैयारी करते समय टॉपिक को रटने की बजाय समझकर और लिखकर अभ्यास करना चाहिए। उत्तर लिखते समय प्रश्न के अनुरूप मानचित्र जरूर बनाएं। कहा कि उत्तर लिखते समय हेडिंग, रेखाचित्र और फ्लोचार्ट का प्रयोग करना चाहिए। उत्तर सटीक और तय शब्दों में लिखने के परीक्षक को समझने में ज्यादा दिक्कतें नहीं होती हैं और वह आसानी से पूरे नंबर देता है।
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गंदी लिखावट होने की वजह से परीक्षक नंबर काट लेते हैं। बताया कि मानचित्र कार्य 10 नंबर का आता है, जिसमें भारत और संसार के आसान से प्रश्न होते हैं। उनको पिछले वर्षों के प्रश्नों से तैयार करके मानचित्र पर अभ्यास करके पूरे नंबर प्राप्त किए जा सकते है। परीक्षार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उत्तर लिखते समय हेडिंग और सब हेडिंग का प्रयोग करें, जो प्रभावशाली होगा।
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उन्होंने कहा कि परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर क्रमबद्ध तरीके से लिखें, जिससे परीक्षक को उत्तर चेक करते समय आसानी रहती है। परीक्षा में जो प्रश्न अच्छे से आते हैं, उनको तय शब्दों की सीमा में मानचित्र, फ्लोचार्ट आदि की सहायता से पहले लिखिए तथा जिन प्रश्नों में थोड़ा संशय है, उनको धैर्यपूर्वक पढ़कर उनका जवाब लिखिए। कोशिश करिए कि कोई भी प्रश्न छूटे नहीं।

---दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की शुरुआत परिभाषा से करें----
उन्होंने कहा कि दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर की शुरुआत परिभाषा से करिए। आंकड़े, मानचित्र, डायग्राम जरूर बनाइए। साथ ही जनसंख्या, कृषि, उद्योग, खनिज संसाधनों आदि के आंकड़े और मानचित्र का बार-बार अभ्यास करे। ये प्रश्नों के उत्तर और मानचित्र कार्य में बहुत सहायक होंगे। उत्तर लिखने में साफ लिखावट का विशेष ध्यान रखें और कटिंग बिल्कुल भी न करे। पिछले वर्षों के बहुविकल्पीय, अति लघु उत्तरीय और मानचित्र के प्रश्नों का विशेष अध्ययन करिए, लगभग प्रश्न यही से आते हैं।
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