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बुखार से एक बच्चे सहित चार की मौत
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 17 Oct 2016 10:52 PM IST
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बुखार
- फोटो : अमर उजाला
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चिल्ड्रन वार्ड में बुखार पीड़ित कई बच्चों का चल रहा इलाज
जिले में तेज बुखार से होने वाली मौतों का सिलसिला नहीं रुक रहा है। आए दिन बुखार से हो रही मौतों को लेकर लोगों में दहशत है। इन दो दिनों में बुखार के कारण एक तीन वर्षीय बच्चे सहित चार लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि कई बुखार पीड़ित बच्चों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में बुखार पीड़ित कृष्णा, अतुल, इसरान, अंकित और लवकुश को भर्ती कराया गया था। जिसमें से अंकित और लवकुश की हालत में सुधार न होने पर दोनों को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। जबकि गोला निवासी रामनाथ की दस वर्षीय पुत्री खुशबू की हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ रेफर किया गया है। वहीं, अन्य सभी का उपचार किया जा रहा है।
सिकंद्राबाद। गांव रोशननगर निवासी रमेश शुक्ला ने बताया कि रविवार को उनके 24 वर्षीय पुत्र अरुण कुमार शुक्ला को अचानक तेज बुखार आया था। साथ ही उसने हाथ पैर में भी तेज दर्द शुरू होना बताया था। उन्होंने बताया कि अरुण को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। रमेश के अनुसार अरुण का चेहरा भी भी काला हो गया था। बुखार एवं हाथ पैर में दर्द और मौत के बाद अरुण का चेहरा काला हो जाने को लेकर गांव में दहशत है। वहीं, शनिवार को सिकन्द्राबाद निवासी 18 वर्षीय रिंकी की तेज बुखार से मौत हो जाने से क्षेत्र में बुखार को लेकर काफी दहशत है। वहीं, सिकंद्राबाद अस्पताल में बुखार पीड़ित कई मरीजों का उपचार चल रहा है।
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मझगईं। गांव लोकनपुरवा निवासी शिक्षामित्र राजेश राना के तीन वर्षीय पुत्र हरिओम को तेज बुखार आया था। बताते हैं कि बुखार के बाद हरिओम के गले और सर में गांठें भी पड़ गईं थी। तेज बुखार और गांठें पड़ जाने के कारण राजेश राना अपने पुत्र हरिओम को इलाज के लिए लखनऊ लेकर गए थे। बताते हैं कि जहां उपचार के दौरान रविवार को हरिओम की मौत हो गई।
ओयल। कस्बे के मोहल्ला ठठेरन टोला निवासी रामलखन ने बताया कि उनके 34 वर्षीय पुत्र सुधांशु सिंह बुखार से पीड़ित था, जिसका कस्बे में ही एक प्राइवेट डाक्टर से इलाज चल रहा था। रामलखन ने बताया कि सुधांशु की सोमवार को अचानक हालत बिगड़ गई, जिस पर उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, जिसकी रास्ते में मौत हो गयी।
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जिले में तेज बुखार से होने वाली मौतों का सिलसिला नहीं रुक रहा है। आए दिन बुखार से हो रही मौतों को लेकर लोगों में दहशत है। इन दो दिनों में बुखार के कारण एक तीन वर्षीय बच्चे सहित चार लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि कई बुखार पीड़ित बच्चों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में बुखार पीड़ित कृष्णा, अतुल, इसरान, अंकित और लवकुश को भर्ती कराया गया था। जिसमें से अंकित और लवकुश की हालत में सुधार न होने पर दोनों को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। जबकि गोला निवासी रामनाथ की दस वर्षीय पुत्री खुशबू की हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ रेफर किया गया है। वहीं, अन्य सभी का उपचार किया जा रहा है।
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सिकंद्राबाद। गांव रोशननगर निवासी रमेश शुक्ला ने बताया कि रविवार को उनके 24 वर्षीय पुत्र अरुण कुमार शुक्ला को अचानक तेज बुखार आया था। साथ ही उसने हाथ पैर में भी तेज दर्द शुरू होना बताया था। उन्होंने बताया कि अरुण को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। रमेश के अनुसार अरुण का चेहरा भी भी काला हो गया था। बुखार एवं हाथ पैर में दर्द और मौत के बाद अरुण का चेहरा काला हो जाने को लेकर गांव में दहशत है। वहीं, शनिवार को सिकन्द्राबाद निवासी 18 वर्षीय रिंकी की तेज बुखार से मौत हो जाने से क्षेत्र में बुखार को लेकर काफी दहशत है। वहीं, सिकंद्राबाद अस्पताल में बुखार पीड़ित कई मरीजों का उपचार चल रहा है।
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मझगईं। गांव लोकनपुरवा निवासी शिक्षामित्र राजेश राना के तीन वर्षीय पुत्र हरिओम को तेज बुखार आया था। बताते हैं कि बुखार के बाद हरिओम के गले और सर में गांठें भी पड़ गईं थी। तेज बुखार और गांठें पड़ जाने के कारण राजेश राना अपने पुत्र हरिओम को इलाज के लिए लखनऊ लेकर गए थे। बताते हैं कि जहां उपचार के दौरान रविवार को हरिओम की मौत हो गई।
ओयल। कस्बे के मोहल्ला ठठेरन टोला निवासी रामलखन ने बताया कि उनके 34 वर्षीय पुत्र सुधांशु सिंह बुखार से पीड़ित था, जिसका कस्बे में ही एक प्राइवेट डाक्टर से इलाज चल रहा था। रामलखन ने बताया कि सुधांशु की सोमवार को अचानक हालत बिगड़ गई, जिस पर उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, जिसकी रास्ते में मौत हो गयी।