{"_id":"59aaddec4f1c1b0e278b4edd","slug":"forest-personnel-personnel-to-explore-the-location-of-tigers-and-leopard","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ और तेंदुए की लोकेशन तलाशने को वन कर्मियों ने की कांबिंग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ और तेंदुए की लोकेशन तलाशने को वन कर्मियों ने की कांबिंग
अमर उजाला ब्यूरो बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)
Updated Sat, 02 Sep 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
tiger
- फोटो : अमर उजाला
बाघ के संभावित तीन ठिकानों पर लगाए गए चार कैमरे
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मोहम्मदी रेंज की देबीपुर बीट में पिछले एक सप्ताह से दहशत का पर्याय बने बाघ और शुक्रवार को तेंदुए के पद चिन्ह मिलने पर दोनों की लोकेशन तलाशने के लिए शनिवार की सुबह वनकर्मियों की टीम ने जंगल से सटे गन्ने खेतों में ग्रामीणों के सहयोग से कांबिंग की। इसके अलावा विभाग ने बाघ के संभावित तीन ठिकानों पर चार कैमरे लगाए हैं।
मोहम्मदी रेंजर एसएन यादव के नेतृत्व में कांबिंग के लिए गठित टीम में शामिल वन कर्मी अजीत सिंह, रामप्रसाद, अनिल शर्मा, कृष्ण कुमार, रामचंद्र, बेचे लाल, झाऊलाल ने देबीपुर बीट जंगल से सटे और सुंदरपुर गांव के किसानों के गन्ने खेत में सघन कांबिंग की। बाघ और तेंदुए की लोकेशन तलाशने के लिए कांबिंग कर रही टीम को शनिवार कही भी बाघ या तेंदुए के पद चिन्ह नहीं मिले, और न ही कैमरों में इनकी तस्वीर कैद हुई। दिन में कई बार हुई बारिश से कांबिंग में रुकावट भी आई। रेंजर ने बताया कि संभव है कि बारिश के चलते पद चिन्ह मिट गए हो। कहा कि बाघ और तेंदुए की लोकेशन ट्रेस करने को लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इसमें ग्रामीणों से मदद ली जा रही है। इस मौके पर सुंदरपुर गांव के किसान लाल सिंह, जोगेंद्र सिंह, अंग्रेज सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मोहम्मदी रेंज की देबीपुर बीट में पिछले एक सप्ताह से दहशत का पर्याय बने बाघ और शुक्रवार को तेंदुए के पद चिन्ह मिलने पर दोनों की लोकेशन तलाशने के लिए शनिवार की सुबह वनकर्मियों की टीम ने जंगल से सटे गन्ने खेतों में ग्रामीणों के सहयोग से कांबिंग की। इसके अलावा विभाग ने बाघ के संभावित तीन ठिकानों पर चार कैमरे लगाए हैं।
मोहम्मदी रेंजर एसएन यादव के नेतृत्व में कांबिंग के लिए गठित टीम में शामिल वन कर्मी अजीत सिंह, रामप्रसाद, अनिल शर्मा, कृष्ण कुमार, रामचंद्र, बेचे लाल, झाऊलाल ने देबीपुर बीट जंगल से सटे और सुंदरपुर गांव के किसानों के गन्ने खेत में सघन कांबिंग की। बाघ और तेंदुए की लोकेशन तलाशने के लिए कांबिंग कर रही टीम को शनिवार कही भी बाघ या तेंदुए के पद चिन्ह नहीं मिले, और न ही कैमरों में इनकी तस्वीर कैद हुई। दिन में कई बार हुई बारिश से कांबिंग में रुकावट भी आई। रेंजर ने बताया कि संभव है कि बारिश के चलते पद चिन्ह मिट गए हो। कहा कि बाघ और तेंदुए की लोकेशन ट्रेस करने को लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इसमें ग्रामीणों से मदद ली जा रही है। इस मौके पर सुंदरपुर गांव के किसान लाल सिंह, जोगेंद्र सिंह, अंग्रेज सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन