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मौसम में बदलाव के साथ जंगलों को आग से बचाने की कवायद तेज
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। मौसम में बदलाव के साथ जंगलों को आग से बचाव की कवायद तेज कर दी गई है। 14 फरवरी से शुरू हुए फायर सीजन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए उप्र के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रोजेक्ट टाइगर) पीके शर्मा विभागीय अमले के साथ दुधवा टाइगर रिजर्व के दुधवा, किशनपुर सेंक्चुरी और बफरजोन की मैलानी रेंज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जंगलों में आग से बचाव के इंतजामों का बारीकी से मुआयना कर अफसरों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।
अपर प्रधान मुुख्य वन संरक्षक (प्रोजेक्ट टाइगर) पीके शर्मा ने जंगलों में बनाई गई कंट्रोल बर्निंग लाइन का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक और विभागीय अधिकारियों से मानक के अनुरूप जंगलों को आग से बचाव की तैयारियों से संबधित जानकारी हासिल की। साथ ही तैयार कराई गई फायर लाइन, फाटा जुतान, वॉच टावर आदि को देखा। उन्होंने एफडी से जंगलों मेें लगने वाली आग पर सेटेलाइट के जरिए मिलने वाली जानकारी, कंट्रोल रूम, फायर अलर्ट मेसेज और जीपीएस लोकेशन सहित किए जाने वाले अन्य उपायों के बारे जरूरी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने किशनपुर सेंक्चुरी से बांकेगंज कस्बे के निकट नगरिया झील तक बनाए जा रहे टूरिस्ट सर्किट का भी निरीक्षण किया। इस दौरान एफडी ने एसीसीएफ से बताया कि बफरजोन जैव विधितता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिहाज से काफी समृद्ध माना जाता है। इस टूरिस्ट सर्किट से सैलानियों को बफरजोन की खूबसूरती, दुर्लभ वन्यजीवों और नगरिया झील में स्थानीय के अलावा प्रवासी परिंदों का दीदार करने का मौका मिलेगा।
लीफ एयर ब्लोअर सिस्टम से भी बुझाई जाएगी जंगल की आग
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया कि हाल ही हुई बारिश के बावजूद जंगलों में लगने वाली आग से बचाव के इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। सेटेलाइट से जानकारी मिलते ही संबधित क्षेत्र के वनाधिकारियों से लेकर फील्ड कर्मचारियों को मोबाइल फायर अलर्ट मेसेज पहुंच जाता है। इसमें आग लगने वाले स्थान की जीपीएस लोकेशन भी दिखाई जाती है। संबंधित रेंज कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पा लेते है। इसके अलावा पेट्रोल चलित लीफ एयर ब्लोअर सिस्टम से आग को बढ़ने से रोकने में मदद मिलेगी।
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अपर प्रधान मुुख्य वन संरक्षक (प्रोजेक्ट टाइगर) पीके शर्मा ने जंगलों में बनाई गई कंट्रोल बर्निंग लाइन का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक और विभागीय अधिकारियों से मानक के अनुरूप जंगलों को आग से बचाव की तैयारियों से संबधित जानकारी हासिल की। साथ ही तैयार कराई गई फायर लाइन, फाटा जुतान, वॉच टावर आदि को देखा। उन्होंने एफडी से जंगलों मेें लगने वाली आग पर सेटेलाइट के जरिए मिलने वाली जानकारी, कंट्रोल रूम, फायर अलर्ट मेसेज और जीपीएस लोकेशन सहित किए जाने वाले अन्य उपायों के बारे जरूरी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने किशनपुर सेंक्चुरी से बांकेगंज कस्बे के निकट नगरिया झील तक बनाए जा रहे टूरिस्ट सर्किट का भी निरीक्षण किया। इस दौरान एफडी ने एसीसीएफ से बताया कि बफरजोन जैव विधितता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिहाज से काफी समृद्ध माना जाता है। इस टूरिस्ट सर्किट से सैलानियों को बफरजोन की खूबसूरती, दुर्लभ वन्यजीवों और नगरिया झील में स्थानीय के अलावा प्रवासी परिंदों का दीदार करने का मौका मिलेगा।
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लीफ एयर ब्लोअर सिस्टम से भी बुझाई जाएगी जंगल की आग
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया कि हाल ही हुई बारिश के बावजूद जंगलों में लगने वाली आग से बचाव के इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। सेटेलाइट से जानकारी मिलते ही संबधित क्षेत्र के वनाधिकारियों से लेकर फील्ड कर्मचारियों को मोबाइल फायर अलर्ट मेसेज पहुंच जाता है। इसमें आग लगने वाले स्थान की जीपीएस लोकेशन भी दिखाई जाती है। संबंधित रेंज कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पा लेते है। इसके अलावा पेट्रोल चलित लीफ एयर ब्लोअर सिस्टम से आग को बढ़ने से रोकने में मदद मिलेगी।
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