फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Forest department installed cameras to catch the tiger, patrolling continues

Lakhimpur Kheri News: बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने लगाए कैमरे, गश्त जारी

Sun, 17 Aug 2025 11:17 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Sun, 17 Aug 2025 11:17 PM IST
विज्ञापन
Forest department installed cameras to catch the tiger, patrolling continues
पलिया के लगदहन गांव में घटनास्थल के पास खेत में कांबिंग करती वन विभाग की टीम। स्रोत वन विभाग
संपूर्णानगर/पलियाकलां। संपूर्णानगर क्षेत्र में पलिया वन रेंज के लगदहन गांव में बाघ के हमले में मारे गए हरीशचंद्र का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। वन विभाग ने बाघ की लोकेशन को ट्रेस करने के लिए कई जगहों पर कैमरे लगाए हैं।
विज्ञापन

लगातार गश्त व पेट्रोलिंग के जरिये बाघ की लोकेशन खोजने का प्रयास भी वन विभाग की टीमें लगातार कर रही हैं। हरीशचंद्र का शव घर पहुंचते ही परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। बड़े पुत्र सूरज ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी।
विज्ञापन

ग्रामीणों ने बताया कि हरीशचंद्र का विवाह नन्ही देवी से हुआ था। उनकी छह पुत्रियां व इकलौता पुत्र है। परिजनों ने बताया कि दो एकड़ खेती की जमीन पर फसल को उगाकर हरीशचंद्र पूरे परिवार का खर्च चलाता था। बड़ी पुत्रियां मनोरमा, सीमा देवी व अंगूरा का इसी खेतीबाड़ी का काम कर हरीशचंद्र ने विवाह कर दिया था, जबकि इकलौता पुत्र 18 वर्षीय सूरज पिता के साथ खेती-बाड़ी में हाथ बंटाता था। इसके बाद दो पुत्रियां 16 वर्षीय सपना व 12 वर्षीय पल्लवी हैं। इन सभी की जिम्मेदारी अब 18 वर्षीय सूरज पर आ गई है। मां का सहारा बनने के साथ ही बहनों की जिम्मेदारी का जिम्मा भी अब सूरज पर आ गया है। विधायक रोमी साहनी बाघ का शिकार हुए मृतक हरिश्चन्द्र कुशवाहा के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने इस दौरान मृतक की पत्नी नन्ही देवी को 25 हजार रुपये की नगद मदद दी। विधायक ने कहा कि वह सरकार से भी जल्द मुआवजा दिलाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्जन
घटना के बाद मौके के साथ ही जंगल किनारे के खेतों में कैमरे लगवाए गए हैं। साथ ही लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। एक बार कैमरे में कैद होने के बाद लोकेशन ट्रेस हो सकेगी और उसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पिंजरा आदि लगाकर पकड़ने का कार्य शुरू किया जाएगा। फिलहाल वन विभाग की टीमें 24 घंटे गश्त कर रही हैं और लगातार लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास कर रही हैं।

विनय कुमार सिंह, रेंजर, पलिया रेंज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed