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Lakhimpur Kheri News: दुधवा में पहली बार दिखा बिना धारियों वाला कॉमन करैत
Fri, 11 Sep 2026 12:51 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 11 Sep 2026 12:51 AM IST
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दुधवा बफरजोन में अद्भुद रंग का करैत सांप मिला। स्रोत : वन विभाग।
लखीमपुर/बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व के बफरजोन की संपूर्णनगर रेंज के सुमेरनगर में एक घर से बिना धारियों वाला कॉमन करैत रेस्क्यू किया गया। उसके शरीर पर सामान्य तौर पर दिखने वाली सफेद या पीली क्रॉस और रिंग-बैंड स्पष्ट नहीं थीं। भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के वैज्ञानिक विपुल मौर्य ने इसकी पहचान कॉमन करैत के रूप में की है।
दुधवा टाइगर रिजर्व की मोटीवेटर नाजरून निशा और सांप मित्र निशान सिंह ने 16 अगस्त को सुमेरनगर के एक घर से इस सांप को रेस्क्यू किया था। उन्होंने भी इसकी पहचान कॉमन करैत के रूप में की थी। हालांकि, उसके शरीर पर सामान्य धारियां नहीं थीं। बफरजोन के पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर ने पहचान के लिए सांप की तस्वीर भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिकों से साझा की।
वैज्ञानिकों ने तस्वीर का अध्ययन करने के बाद सांप को असामान्य बताया। उनके अनुसार, दुधवा में कॉमन करैत का रंग फीका पड़ने और शरीर पर पहचान वाली रिंग-बैंड स्पष्ट नहीं होने का मामला पहली बार सामने आया है। कॉमन करैत में धारियों का फीका पड़ना या गायब होना शोध का विषय है।
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वैज्ञानिकों ने बताया कि सुमेरनगर में रेस्क्यू किए गए कॉमन करैत का रंग और पैटर्न उम्र के साथ बदल सकता है। इसे ओन्टोजेनेटिक कलर पैटर्न शिफ्ट कहा जाता है। वर्ष 2021 में किंग रैटस्नेक में भी रंग और पैटर्न में इसी तरह के बदलाव का मामला सामने आया था।
डीटीआर के एफडी डॉ. एच. राजामोहन ने बताया कि दुधवा की समृद्ध जैव विविधता के चलते यहां सैकड़ों प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं। रेस्क्यू किए गए इस सांप पर शोध कराया जाएगा।
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दुधवा टाइगर रिजर्व की मोटीवेटर नाजरून निशा और सांप मित्र निशान सिंह ने 16 अगस्त को सुमेरनगर के एक घर से इस सांप को रेस्क्यू किया था। उन्होंने भी इसकी पहचान कॉमन करैत के रूप में की थी। हालांकि, उसके शरीर पर सामान्य धारियां नहीं थीं। बफरजोन के पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर ने पहचान के लिए सांप की तस्वीर भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिकों से साझा की।
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वैज्ञानिकों ने तस्वीर का अध्ययन करने के बाद सांप को असामान्य बताया। उनके अनुसार, दुधवा में कॉमन करैत का रंग फीका पड़ने और शरीर पर पहचान वाली रिंग-बैंड स्पष्ट नहीं होने का मामला पहली बार सामने आया है। कॉमन करैत में धारियों का फीका पड़ना या गायब होना शोध का विषय है।
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वैज्ञानिकों ने बताया कि सुमेरनगर में रेस्क्यू किए गए कॉमन करैत का रंग और पैटर्न उम्र के साथ बदल सकता है। इसे ओन्टोजेनेटिक कलर पैटर्न शिफ्ट कहा जाता है। वर्ष 2021 में किंग रैटस्नेक में भी रंग और पैटर्न में इसी तरह के बदलाव का मामला सामने आया था।
डीटीआर के एफडी डॉ. एच. राजामोहन ने बताया कि दुधवा की समृद्ध जैव विविधता के चलते यहां सैकड़ों प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं। रेस्क्यू किए गए इस सांप पर शोध कराया जाएगा।