फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   floud

मोहाना, करनाली के कटान से बदला सीमाई इलाके का भूगोल

Wed, 08 Sep 2021 12:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 08 Sep 2021 12:45 AM IST
विज्ञापन
floud
फूलबेहड़ क्षेत्र में बनी वन चौकी कटान के कगार पर। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
तिकुनियां। भारत-नेपाल सीमा पर मोहाना और करनाली नदी ने बीते पांच वर्षों में बाढ़ और कटान करके इलाके का भूगोल ही बदल दिया है। सैकड़ों एकड़ फसलें नदी में समा गईं। वही सूरतनगर गांव, कई स्कूल भी नदी में समा चुके हैं।
विज्ञापन

सूरतनगर गांव के लोगों को तिकुनिया स्थित नयापुरवा गांव के नाम से प्रशासन ने भूमि खरीद करके दी है जहां उन्हें बसाया गया। अब नया पिंड, पुरबिया बस्ती और चोगुर्जी गांव भी उजड़ने के कगार पर हैं।
विज्ञापन

सीमाई इलाके में कटान पीड़ितों का दर्द सुनने के लिए दो दिन पहले कमिश्नर नया पिंड गांव पहुंचे तो सबसे पहले यहां के कटान पीड़ितों ने उनसे यही सवाल किया कि हम लोगों को आप कहां ठिकाना देंगे। जिस पर कमिश्नर ने आश्वासन दिया जल्दी ही जगह देकर बसाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस समय मोहाना और करनाली नदियां ग्राम पंचायत गंगानगर के मजरा गांव पुरबिया बस्ती, इंदर नगर का तेजी से कटान कर रहीं हैं। पुरबिया बस्ती की नौलखिया बताती हैं कि घर नदी में समा गया अगर प्रशासन चेता होता तो घर नहीं कटते। गांव के ही तारा सिंह बताते हैं कि तहसीलदार विपिन दुबे आए थे त्रिपाल दे गए थे और कहा था जो भी मदद होगी की जाएगी लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
मलकीत सिंह बताते हैं कि उनका गांव दो तरफ से मुहाना और करनाली नदियों से घिरा है जो टापू जैसा दिखाई देता है। यह नदियां निरंतर कटान कर रहीं हैं। गांव के 6 लोगों के घर कट चुके हैं। गांव से बाजार तिकुनियां आने के लिए एक किलोमीटर से अधिक चौड़ी महा नदी को नाव से पार करना पड़ता है जो बहुत जोखिम भरा है।

----
पलिया : जंगल नंबर छह और बरूआ कलां की जमीन खतरे में
पलियाकलां। बनबसा बैराज से कई दिनों से पानी न छोड़े जाने से शारदा नदी का जलस्तर कम होने लगा है पर कटान बढ़ गया है।
जंगल नंबर छह में नदी ने तेजी से धान व गन्ने की खड़ी फसल को काटना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों शिव कुमार, मायाराम, नेकीराम, चमनलाल, सुधीर शर्मा, महेश शर्मा आदि किसानों की फसल को शारदा नदी काट चुकी है। वहीं बरूआ कलां गांव में भी नदी खेतिहर इलाके में तेजी से कटान कर रही है। यहां पर मटैहिया, बोझवा, दौलतापुर गांव के किसानों की जमीनें हैं जिनपर धान व गन्ने की फसल बोई हुई है। लेकिन नदी तेजी से कटान कर रही है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed