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बाढ़ का कहर : पुरबिया बस्ती और चोगुर्जी गांव में मोहाना नदी तेजी से कर रही कटान
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पुरबिया बस्ती में भूकटान करती मोहाना नदी। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। शारदा और घाघरा नदियों का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। सोमवार को शारदा बैराज पर शारदा नदी का जलस्तर 134.90 सेमी रिकार्ड किया गया। जो खतरे के निशान 136.55 से 01.65 सेमी नीचे है। इसी तरह गिरजा बैराज पर घाघरा नदी का जलस्तर 135.30 रिकार्ड किया गया, जो खतरे के निशान 136.78 से 1.48 सेमी नीचे है। नदियों का जलस्तर कम होने से भूकटान तेज हो गया है। इंदरनर्ग, खखरौला की एसएसबी पोस्ट मोहाना और करनाली के निशाने पर हैं।
तिकुनिया। भारत नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना और नेपाल के करनाली नदी का जलस्तर कम जरूर हुआ है लेकिन इन नदियों ने कटान तेज कर दिया है। इंदरनगर, खखरौला में बनी एसएसबी पोस्ट के साथ साथ पुरबिया बस्ती और चोगुर्जी गांव मोहाना और करनाली नदियों के निशाने पर हैं। इन गांवों में तेजी से कटान हो रहा है।
भारत नेपाल सीमा पर बसे गांव के लोगों के सामने मोहाना नेपाल की करनाली नदियों का कटान संकट बना हुआ है। नदी कटान करते हुए एसएसबी चौकियों, खखरौला पुरबिया बस्ती, इंदर नगर चोगुर्जी गांव की ओर तेजी से बढ़ रही है। सिंचाई विभाग द्वारा बनाया गया बंबू कट, परकूपाइन नदी में बह गया है। मोहाना नदी के पार चौगुर्जी गांव दो तरफ नदियों से घिरा है। गांव के प्रधान प्रतिनिधि विजय शंकर बताते हैं कि इस गांव को बचाने का कोई इंतजाम विभाग ने नहीं किया है। जबकि यह समस्या तीन साल से बनी हुई है। घर, फसलें सब नदी में समाते जा रहे हैं। जिसके चलते लोगों के बेरोजगार और भूमिहीन होने का खतरा पैदा हो गया है।
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बिजुआ के चकपुरवा में भी शारदा नदी ने शुरू किया कटान
बिजुआ। ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत करसौर के मजरा चकपुरवा में शारदा नदी ने कटान शुरू कर दिया है। गांव के पश्चिम में बने भोलू यादव के घर को शारदा नदी ने चपेट में ले लिया है। खेतों में खड़ी हरी भरी फसलें नदी में समाती चली जा रहीं हैं । ग्राम प्रधान भगौती प्रसाद ने बताया कि हर साल आने वाली बाढ़ ने गांव के लोगों का जीवन नर्क बना दिया है। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड शारदानगर के जेई सत्यवान वर्मा तथा कुंदनलाल बाढ़ से बचाव के लिए सामान लेकर पहुंच गए हैं। पर्क्युपाइन बना बना कर नदी में डलवाना शुरू कर दिया है। चार दिन से लगातार कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। जेई सत्यवान वर्मा ने बताया कि चकपुरवा आने वाली रोड भी कटान की भेंट चढ़ गई थी रास्ते की पुलिया को भी ठीक कराया जा रहा है। संवाद
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पलिया : खेतिहर इलाके में कटान कर रही शारदा नदी
पलियाकलां। शारदा नदी का जलस्तर अब सामान्य होने लगा है। ऐसे में शारदा नदी खेतिहर इलाकों में तेजी से कटान करने लगी है। जंगल नंबर सात, बरूआ कलां, मटैहिया, बोझवा ठोकर नंबर जीरो व एक में शारदा नदी खेतिहर इलाकों को काट रही है। जिससे किसानों की धान व गन्ने की फसल नदी में समाती जा रही है।
जंगल नंबर सात में काफी संख्या में किसानों की खेती की जमीनों को शारदा नदी ने अपने आगोश में ले लिया है। बोझवा ठोकर नंबर एक व जीरो के उस पार कई गांवों के किसानों की खेतिहर जमीनें हैं जिनमें शारदा नदी ने अब कटान करना शुरू कर दिया है। जंगल नंबर सात की हालत इन गांवों में सबसे ज्यादा खराब है। इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर अब भी पानी चल रहा है। जिससे केवल नाव ही इस ओर से जाने का एकमात्र साधन है। जबकि दोपहिया व चारपहिया वाहन लंबा चक्कर लगाकर इमलिया फार्म पहुंचने को विवश हैं। संवाद
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कमिश्नर के आदेश पर कटान पीड़ितों को राशन किट बांटीं
तिकुनिया। ग्राम पंचायत खैरेटिया के मजरा गांव नया पिंड में कमिश्नर के आदेश पर समाज कल्याण विभाग के अफसर गांव पहुंचे। कटान पीड़ितों को राशन किट बांटीं। मौके पर ही 10 महिलाओं के दो समूहों का गठन किया गया।
शनिवार को कमिश्नर कटान पीड़ितों का दर्द जानने के लिए नया पिंड गांव पहुंचे थे। ग्रामीणों ने मांग की थी कि उन्हें यहां से दूसरी जगह बसाया जाए। समाज कल्याण अधिकारी विपिन सिंह, एसडीएम ओपी गुप्ता तहसीलदार विपिन दुबे वीडीओ आलोक वर्मा ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी तथा राशन किट का वितरण किया। समाज कल्याण विभाग ने वृद्धावस्था पेंशन के लिए 14 लाभार्थियों को सूचीबद्ध किया। संवाद
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दूसरे दिन भी गांव नही पहुंचे कमिश्नर
धौरहरा। दूसरे दिन भी कमिश्नर रंजन कुमार नंदूरा गांव नही आए जिससे बाढ़ पीड़ित निराश नजर आए।
रविवार को कमिश्नर रंजन कुमार के ईसानगर क्षेत्र के समैसा गांव मे बनाना फाइबर प्लांट (केले के तने से रेशा उत्पादन इकाई) का निरीक्षण और नंदूरा गांव के बाढ़ पीड़ितों से मिलने का कार्यक्रम लगा था। रविवार को देर शाम तक कमिश्नर गांव नही पहुंचे तो सोमवार को आने की सूचना मिली, लेकिन सोमवार को भी कमिश्नर नही आए। जिससे बाढ़ पीड़ित निराश हो गए। वही तहसील प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
तहसीलदार धौरहरा संतोष कुमार शुक्ला ने 58 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान एसडीएम धौरहरा रेनू, सीओ धौरहरा टीएन दुबे, तहसीलदार संतोष कुमार शुक्ला, बीडीओ अरुण कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक संजय त्यागी, राजस्व निरीक्षक सुधीर श्रीवास्तव, रामचंद्र, रामेन्द्र अवस्थी, शशांक शुक्ला आदि अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद
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तिकुनिया। भारत नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना और नेपाल के करनाली नदी का जलस्तर कम जरूर हुआ है लेकिन इन नदियों ने कटान तेज कर दिया है। इंदरनगर, खखरौला में बनी एसएसबी पोस्ट के साथ साथ पुरबिया बस्ती और चोगुर्जी गांव मोहाना और करनाली नदियों के निशाने पर हैं। इन गांवों में तेजी से कटान हो रहा है।
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भारत नेपाल सीमा पर बसे गांव के लोगों के सामने मोहाना नेपाल की करनाली नदियों का कटान संकट बना हुआ है। नदी कटान करते हुए एसएसबी चौकियों, खखरौला पुरबिया बस्ती, इंदर नगर चोगुर्जी गांव की ओर तेजी से बढ़ रही है। सिंचाई विभाग द्वारा बनाया गया बंबू कट, परकूपाइन नदी में बह गया है। मोहाना नदी के पार चौगुर्जी गांव दो तरफ नदियों से घिरा है। गांव के प्रधान प्रतिनिधि विजय शंकर बताते हैं कि इस गांव को बचाने का कोई इंतजाम विभाग ने नहीं किया है। जबकि यह समस्या तीन साल से बनी हुई है। घर, फसलें सब नदी में समाते जा रहे हैं। जिसके चलते लोगों के बेरोजगार और भूमिहीन होने का खतरा पैदा हो गया है।
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बिजुआ के चकपुरवा में भी शारदा नदी ने शुरू किया कटान
बिजुआ। ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत करसौर के मजरा चकपुरवा में शारदा नदी ने कटान शुरू कर दिया है। गांव के पश्चिम में बने भोलू यादव के घर को शारदा नदी ने चपेट में ले लिया है। खेतों में खड़ी हरी भरी फसलें नदी में समाती चली जा रहीं हैं । ग्राम प्रधान भगौती प्रसाद ने बताया कि हर साल आने वाली बाढ़ ने गांव के लोगों का जीवन नर्क बना दिया है। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड शारदानगर के जेई सत्यवान वर्मा तथा कुंदनलाल बाढ़ से बचाव के लिए सामान लेकर पहुंच गए हैं। पर्क्युपाइन बना बना कर नदी में डलवाना शुरू कर दिया है। चार दिन से लगातार कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। जेई सत्यवान वर्मा ने बताया कि चकपुरवा आने वाली रोड भी कटान की भेंट चढ़ गई थी रास्ते की पुलिया को भी ठीक कराया जा रहा है। संवाद
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पलिया : खेतिहर इलाके में कटान कर रही शारदा नदी
पलियाकलां। शारदा नदी का जलस्तर अब सामान्य होने लगा है। ऐसे में शारदा नदी खेतिहर इलाकों में तेजी से कटान करने लगी है। जंगल नंबर सात, बरूआ कलां, मटैहिया, बोझवा ठोकर नंबर जीरो व एक में शारदा नदी खेतिहर इलाकों को काट रही है। जिससे किसानों की धान व गन्ने की फसल नदी में समाती जा रही है।
जंगल नंबर सात में काफी संख्या में किसानों की खेती की जमीनों को शारदा नदी ने अपने आगोश में ले लिया है। बोझवा ठोकर नंबर एक व जीरो के उस पार कई गांवों के किसानों की खेतिहर जमीनें हैं जिनमें शारदा नदी ने अब कटान करना शुरू कर दिया है। जंगल नंबर सात की हालत इन गांवों में सबसे ज्यादा खराब है। इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर अब भी पानी चल रहा है। जिससे केवल नाव ही इस ओर से जाने का एकमात्र साधन है। जबकि दोपहिया व चारपहिया वाहन लंबा चक्कर लगाकर इमलिया फार्म पहुंचने को विवश हैं। संवाद
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कमिश्नर के आदेश पर कटान पीड़ितों को राशन किट बांटीं
तिकुनिया। ग्राम पंचायत खैरेटिया के मजरा गांव नया पिंड में कमिश्नर के आदेश पर समाज कल्याण विभाग के अफसर गांव पहुंचे। कटान पीड़ितों को राशन किट बांटीं। मौके पर ही 10 महिलाओं के दो समूहों का गठन किया गया।
शनिवार को कमिश्नर कटान पीड़ितों का दर्द जानने के लिए नया पिंड गांव पहुंचे थे। ग्रामीणों ने मांग की थी कि उन्हें यहां से दूसरी जगह बसाया जाए। समाज कल्याण अधिकारी विपिन सिंह, एसडीएम ओपी गुप्ता तहसीलदार विपिन दुबे वीडीओ आलोक वर्मा ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी तथा राशन किट का वितरण किया। समाज कल्याण विभाग ने वृद्धावस्था पेंशन के लिए 14 लाभार्थियों को सूचीबद्ध किया। संवाद
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दूसरे दिन भी गांव नही पहुंचे कमिश्नर
धौरहरा। दूसरे दिन भी कमिश्नर रंजन कुमार नंदूरा गांव नही आए जिससे बाढ़ पीड़ित निराश नजर आए।
रविवार को कमिश्नर रंजन कुमार के ईसानगर क्षेत्र के समैसा गांव मे बनाना फाइबर प्लांट (केले के तने से रेशा उत्पादन इकाई) का निरीक्षण और नंदूरा गांव के बाढ़ पीड़ितों से मिलने का कार्यक्रम लगा था। रविवार को देर शाम तक कमिश्नर गांव नही पहुंचे तो सोमवार को आने की सूचना मिली, लेकिन सोमवार को भी कमिश्नर नही आए। जिससे बाढ़ पीड़ित निराश हो गए। वही तहसील प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
तहसीलदार धौरहरा संतोष कुमार शुक्ला ने 58 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान एसडीएम धौरहरा रेनू, सीओ धौरहरा टीएन दुबे, तहसीलदार संतोष कुमार शुक्ला, बीडीओ अरुण कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक संजय त्यागी, राजस्व निरीक्षक सुधीर श्रीवास्तव, रामचंद्र, रामेन्द्र अवस्थी, शशांक शुक्ला आदि अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद