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Lakhimpur Kheri News: बरोठा में घुसा बाढ़ का पानी, गांव का संपर्क टूटा
Sun, 07 Sep 2025 11:14 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 07 Sep 2025 11:14 PM IST
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बरोठा गांव में भरे बाढ़ के पानी से निकलते ग्रामीण।संवाद
निघासन। शारदा नदी का जलस्तर भले ही घट रहा हो, लेकिन बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। निघासन तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत बरोठा गांव में शनिवार की शाम पानी घुस आया। चारों ओर पानी फैलने से गांव का संपर्क तहसील, थाना और ब्लॉक मुख्यालय से पूरी तरह टूट गया।
गांव की गलियों और रपटा पुलों पर दो से तीन फीट तक पानी बह रहा है। हालात यह है कि साइकिल, बाइक और पैदल आना-जाना तक जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीण किसी तरह जान जोखिम में डालकर जरूरी सामान लाने-ले जाने को मजबूर हैं। खेतों में खड़ी धान, गन्ना और केले की फसलें पानी में डूबने लगी हैं। किसानों का कहना है कि अगर पानी जल्दी नहीं उतरा तो उनकी साल भर की मेहनत चौपट हो जाएगी। एसडीएम राजीव निगम ने बताया कि हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
घरों में घुसा पानी, मची अफरा-तफरी
गांव में पानी घुसते ही हड़कंप मच गया। लोग अपने घरों से सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे। कई घरों में पानी घुस गया। इससे परिवारों को रहन-सहन और खाना पकाने में दिक्कतें हो रही हैं। महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को बाढ़ की जानकारी दे दी गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस मदद नहीं पहुंची। राहत शिविर और नाव की व्यवस्था न होने से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रामीण अब प्रशासन की ओर टकटकी लगाए हुए हैं।
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बुजुर्गों और बच्चों पर सबसे बड़ा संकट
गांव के कई हिस्सों में पानी इतना बढ़ गया है कि बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर नहीं निकल पा रहे। अगर किसी को अस्पताल या बाजार जाना पड़े तो बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं धान, गन्ना और सब्जियों की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। किसानों का कहना है कि यह बाढ़ उनकी कमर तोड़ रही है।
बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों का दर्द
सड़कों पर डेढ़ से दो फीट तक पानी भरा हुआ है। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। अस्पताल तक पहुंचने में भी भारी दिक्कत हो रही है।
धीरेंद्र पांडे, ग्रामीण
करीब छह एकड़ धान की फसल पूरी तरह डूब गई है। गाटा संख्या 1021 में बोई गई फसल बर्बाद हो रही है। सरकार से गुहार है कि हमें जल्द मदद दी जाए, वरना भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
राहुल राज, किसान
गांव का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। नाव या कोई वैकल्पिक व्यवस्था होती तो हमें राहत मिलती।
अमर प्रकाश शुक्ल
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गांव की गलियों और रपटा पुलों पर दो से तीन फीट तक पानी बह रहा है। हालात यह है कि साइकिल, बाइक और पैदल आना-जाना तक जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीण किसी तरह जान जोखिम में डालकर जरूरी सामान लाने-ले जाने को मजबूर हैं। खेतों में खड़ी धान, गन्ना और केले की फसलें पानी में डूबने लगी हैं। किसानों का कहना है कि अगर पानी जल्दी नहीं उतरा तो उनकी साल भर की मेहनत चौपट हो जाएगी। एसडीएम राजीव निगम ने बताया कि हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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घरों में घुसा पानी, मची अफरा-तफरी
गांव में पानी घुसते ही हड़कंप मच गया। लोग अपने घरों से सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे। कई घरों में पानी घुस गया। इससे परिवारों को रहन-सहन और खाना पकाने में दिक्कतें हो रही हैं। महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को बाढ़ की जानकारी दे दी गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस मदद नहीं पहुंची। राहत शिविर और नाव की व्यवस्था न होने से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रामीण अब प्रशासन की ओर टकटकी लगाए हुए हैं।
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बुजुर्गों और बच्चों पर सबसे बड़ा संकट
गांव के कई हिस्सों में पानी इतना बढ़ गया है कि बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर नहीं निकल पा रहे। अगर किसी को अस्पताल या बाजार जाना पड़े तो बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं धान, गन्ना और सब्जियों की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। किसानों का कहना है कि यह बाढ़ उनकी कमर तोड़ रही है।
बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों का दर्द
सड़कों पर डेढ़ से दो फीट तक पानी भरा हुआ है। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। अस्पताल तक पहुंचने में भी भारी दिक्कत हो रही है।
धीरेंद्र पांडे, ग्रामीण
करीब छह एकड़ धान की फसल पूरी तरह डूब गई है। गाटा संख्या 1021 में बोई गई फसल बर्बाद हो रही है। सरकार से गुहार है कि हमें जल्द मदद दी जाए, वरना भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
राहुल राज, किसान
गांव का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। नाव या कोई वैकल्पिक व्यवस्था होती तो हमें राहत मिलती।
अमर प्रकाश शुक्ल

बरोठा गांव में भरे बाढ़ के पानी से निकलते ग्रामीण।संवाद

बरोठा गांव में भरे बाढ़ के पानी से निकलते ग्रामीण।संवाद

बरोठा गांव में भरे बाढ़ के पानी से निकलते ग्रामीण।संवाद