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Lakhimpur Kheri News: फिटनेस जांच में रोडवेज बस समेत पांच वाहन फेल, तकनीकी खामियों पर लौटाए
Thu, 13 Aug 2026 10:54 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 13 Aug 2026 10:54 PM IST
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रोडवेज बस का इमरजेंसी गेट चेक करते हुए आरआई संजय सिंह। संवाद
लखीमपुर खीरी। फिटनेस जांच शिविर में बुधवार को 34 वाहनों को जांच के लिए बुलाया गया। इनमें से 29 वाहनों की फिटनेस जांच पूरी कर प्रमाणित किया गया, जबकि रोडवेज बस सहित पांच वाहनों को विभिन्न तकनीकी खामियां मिलने पर बिना फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किए वापस लौटा दिया गया। लौटाए गए वाहनों की अब शुक्रवार को फिर से फिटनेस जांच की जाएगी।
सहायक संभागीय कार्यालय के पास हाईवे पर बुधवार को आरआई संजय सिंह ने वाहनों की फिटनेस जांच की। जांच के दौरान एक रोडवेज बस में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग (वीएलटी) डिवाइस नहीं मिली। जबकि यात्री व ऑल इंडिया वाहनों में यह डिवाइस अनिवार्य है। इसके अलावा रोडवेज बस में दवाएं नहीं मिली। इतना ही नहीं फायर सिलिंडर मात्र एक ही मिला, जबकि दो होने चाहिए। दूसरी निजी बस में की फर्श (फ्लोर) टूटा हुआ था। इसके अलावा एक अन्य बस में रेडियम पट्टी समेत कई आवश्यक सुरक्षा मानकों में कमी पाई गई। वहीं एक मैजिक वाहन का दाहिना टायर अत्यधिक घिसा हुआ मिला। फिटनेस जांच कर रहे आरआई संजय सिंह ने इन सभी वाहनों की फिटनेस करने से इन्कार कर दिया और वाहन स्वामियों को सभी कमियां दूर कर दोबारा फिटनेस जांच कराने के निर्देश दिए। आरआई ने बताया कि सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले वाहनों को ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
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स्थायी नियुक्ति न होने पर रोज नहीं होती जांच
-वाहनों की फिटनेस का काम आरआई के जिम्मेदारी में होता है, लेकिन एक साल से आरटीओ दफ्तार में आरआई की स्थायी नियुक्ति नहीं है। सीतापुर के आरआई संजय सिंह के पास खीरी का चार्ज है। ऐसे में वे सप्ताह में तीन दिन ही फिटनेस जांच के लिए यहां आते हैं। आरआई की स्थायी नियुक्ति न होने से रोजाना जांच नहीं हो पाती।
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सहायक संभागीय कार्यालय के पास हाईवे पर बुधवार को आरआई संजय सिंह ने वाहनों की फिटनेस जांच की। जांच के दौरान एक रोडवेज बस में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग (वीएलटी) डिवाइस नहीं मिली। जबकि यात्री व ऑल इंडिया वाहनों में यह डिवाइस अनिवार्य है। इसके अलावा रोडवेज बस में दवाएं नहीं मिली। इतना ही नहीं फायर सिलिंडर मात्र एक ही मिला, जबकि दो होने चाहिए। दूसरी निजी बस में की फर्श (फ्लोर) टूटा हुआ था। इसके अलावा एक अन्य बस में रेडियम पट्टी समेत कई आवश्यक सुरक्षा मानकों में कमी पाई गई। वहीं एक मैजिक वाहन का दाहिना टायर अत्यधिक घिसा हुआ मिला। फिटनेस जांच कर रहे आरआई संजय सिंह ने इन सभी वाहनों की फिटनेस करने से इन्कार कर दिया और वाहन स्वामियों को सभी कमियां दूर कर दोबारा फिटनेस जांच कराने के निर्देश दिए। आरआई ने बताया कि सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले वाहनों को ही फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
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स्थायी नियुक्ति न होने पर रोज नहीं होती जांच
-वाहनों की फिटनेस का काम आरआई के जिम्मेदारी में होता है, लेकिन एक साल से आरटीओ दफ्तार में आरआई की स्थायी नियुक्ति नहीं है। सीतापुर के आरआई संजय सिंह के पास खीरी का चार्ज है। ऐसे में वे सप्ताह में तीन दिन ही फिटनेस जांच के लिए यहां आते हैं। आरआई की स्थायी नियुक्ति न होने से रोजाना जांच नहीं हो पाती।
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