{"_id":"626ed5fdec135e6bfd3f7895","slug":"first-day-of-safe-motherhood-month-settled-by-doing-khanapurti-lakhimpur-news-bly483349543","type":"story","status":"publish","title_hn":"खानापूर्ति कर निपटा दिया सुरक्षित मातृत्व माह का पहला दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खानापूर्ति कर निपटा दिया सुरक्षित मातृत्व माह का पहला दिन
विज्ञापन
शिविर में मौजूद महिलाएं।
ढाई घंटे में ही संपन्न करा दिया गया अभियान
जांच के नाम पर सिर्फ बीपी चेक कर की खाना पूर्ति
लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री मोदी का महत्वाकांक्षी अभियान को जिले में किस तरह से पलीता लगाया जा रहा है इसकी नजीर रविवार को महिला अस्पताल में देखने को मिला। जिम्मेदारों ने कागजी खानापूर्ति कर दो घंटे में ही अभियान का पहला दिन निपटा दिया, जो वहां मौजूद लोगों में चर्चा का विषय का बना रहा। वहीं सभी के मन में एक सवाल भी गूंजता रहा है कि यदि इसी तरह अभियान के साथ खिलवाड़ होता रहा तो प्रधानमंत्री का सपना साकार होना मुमकिन नहीं है।
सुरक्षित मातृत्व अभियान को लेकर महिला अस्पताल में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसका उद्घाटन भाजपा के आशू मिश्रा ने किया। करीब दो घंटे तक चले कार्यक्रम में मात्र 25 महिलाओं में से 15 का ही बीपी चेक किया गया, जबकि अन्य दस महिलाओं को आयरन, फोलिक एसिड आदि दवाएं दी गई, जबकि सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर के अनुसार अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं की खून जांच कर सात से 11 ग्राम हीमोग्लोबिन वाली महिलाओं को चिह्नित करना था, जिससे इनकी खून की कमी दूर कर सामान्य प्रसव कराया जा सके। मगर, महिला अस्पताल के जिम्मेदारों ने न तो खून की जांच कराई और न ही अन्य कोई। प्रधानमंत्री के अभियान में बरती गई लापरवाही वहां पर मौजूद महिलाओं में चर्चा का विषय बन गई।
कार्यक्रम दस बजे शुरू हो गया था और साढ़े 12 बजे ख्त्म हो गया। इस दौरान 25 महिलाओं में से 15 का बीपी चेक किया गया। जो नार्मल निकला। अन्य किसी प्रकार की जांच होने के बाबत जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
- डॉ. अभिषेक साहू, प्रभारी सीएमएस महिला अस्पताल
विज्ञापन
जांच के नाम पर सिर्फ बीपी चेक कर की खाना पूर्ति
लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री मोदी का महत्वाकांक्षी अभियान को जिले में किस तरह से पलीता लगाया जा रहा है इसकी नजीर रविवार को महिला अस्पताल में देखने को मिला। जिम्मेदारों ने कागजी खानापूर्ति कर दो घंटे में ही अभियान का पहला दिन निपटा दिया, जो वहां मौजूद लोगों में चर्चा का विषय का बना रहा। वहीं सभी के मन में एक सवाल भी गूंजता रहा है कि यदि इसी तरह अभियान के साथ खिलवाड़ होता रहा तो प्रधानमंत्री का सपना साकार होना मुमकिन नहीं है।
सुरक्षित मातृत्व अभियान को लेकर महिला अस्पताल में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसका उद्घाटन भाजपा के आशू मिश्रा ने किया। करीब दो घंटे तक चले कार्यक्रम में मात्र 25 महिलाओं में से 15 का ही बीपी चेक किया गया, जबकि अन्य दस महिलाओं को आयरन, फोलिक एसिड आदि दवाएं दी गई, जबकि सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर के अनुसार अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं की खून जांच कर सात से 11 ग्राम हीमोग्लोबिन वाली महिलाओं को चिह्नित करना था, जिससे इनकी खून की कमी दूर कर सामान्य प्रसव कराया जा सके। मगर, महिला अस्पताल के जिम्मेदारों ने न तो खून की जांच कराई और न ही अन्य कोई। प्रधानमंत्री के अभियान में बरती गई लापरवाही वहां पर मौजूद महिलाओं में चर्चा का विषय बन गई।
विज्ञापन
कार्यक्रम दस बजे शुरू हो गया था और साढ़े 12 बजे ख्त्म हो गया। इस दौरान 25 महिलाओं में से 15 का बीपी चेक किया गया। जो नार्मल निकला। अन्य किसी प्रकार की जांच होने के बाबत जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
- डॉ. अभिषेक साहू, प्रभारी सीएमएस महिला अस्पताल