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Lakhimpur Kheri News: पहले पकड़ी, फिर पांच घंटे बाद छोड़ दी मांस भरी गाड़ी

Mon, 01 Apr 2024 01:09 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 01 Apr 2024 01:09 AM IST
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First caught, then after five hours abandoned the car full of meat
लखीमपुर खीरी। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद रामापुर चौकी पुलिस ने शनिवार सुबह करीब नौ बजे मांस भरी गाड़ी पकड़ी, लेकिन सिफारिशी दौर ऐसा शुरू हुआ कि दोपहर करीब दो बजे ड्राइवर, मांस कारोबारी सहित गाड़ी छोड़ दी गई।
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चौकी पुलिस ने जब गोमांस के शक में एक पिकअप गाड़ी पकड़ी तो काफी मात्रा में मांस बरामद हुआ था। रामापुर पुलिस चौकी ने बिल पर अंकित गाड़ी नंबर का मौके पर पकड़ी मांस की पिकअप की नंबर प्लेट से मिलान करना भी जरूरी नहीं समझा। आनन फानन में पशु चिकित्सक को मौके पर बुलाया। पशु चिकित्सक ने जांच कर बताया कि मांस भैंस का है। इसके बाद पुलिस ने क्लीन चिट देते हुए मांस से भरी पिकअप छोड़ दी। कस्बा खीरी से लेकर विभाग तक में रामापुर पुलिस चौकी की कार्य प्रणाली को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
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कोतवाल बोले- गाड़ी में कुछ नाजायज नहीं था
पुलिस ने कारोबारी से बिल के पर्चे मांगे तो बरेली स्लाटर हाउस से जुड़े दूसरी वैन के बिल के पर्चे पेश किए थे। इस पर कोतवाली पुलिस ने सफाई दी कि जिस वैन से मांस आ रहा था, वह खराब हो गई थी। लिहाजा दूसरी वैन में मांस को ले जाया जा रहा था। वहीं, कोतवाली प्रभारी अंबर सिंह का कहना है कि मांस की वैन में कुछ भी नाजायज नहीं था, पूछताछ करने के बाद रामापुर चौकी पुलिस ने मांस की गाड़ी को छोड़ दिया।
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खाद्य निरीक्षक को नियुक्त किया जांच अधिकारी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त कौशलेंद्र ने बताया कि मांस कारोबारियों के लिए सख्त नियम और कानून हैं। जिनके अधीन ही मांस का परिवहन किया जा सकता है। संबंधित गाड़ी के बिल पर्चे पर ही मांस को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है। इसके लिए रेफ्रिजेरेटर वैन चालू हालत में होनी चाहिए, जिसका सालाना पंजीकरण और नवीनीकरण अवश्य होना चाहिए। उन्होंने बताया कि खाद्य निरीक्षक को रामापुर चौकी प्रकरण में जांच के लिए नियुक्त किया है।




कच्चे मांस का कारोबार टैक्स फ्री, पूजा सामग्री पर 12 प्रतिशत जीएसटी

पिछले दिनों एक मेसेज वायरल हुआ था कि कच्चे मांस के कारोबार पर टैक्स नहीं लिया जाता, जबकि पूजा सामग्री पर जीएसटी लिया जा रहा है। शनिवार को इस मेसेज की पड़ताल की गई तो सच साबित हुई। जीएसटी के सहायक आयुक्त सचल दल मनीष राय ने बताया कि कच्चे मांस को लेकर जीएसटी को शून्य रखा गया है। इसके चलते कच्चे मांस पर कोई जीएसटी नहीं वसूल की जाती है। वहीं ,अन्य वस्तुओं पर विभागीय टेबल के अनुसार टैक्स वसूला जाता है। जिसमें अगरबत्ती और धूपबत्ती पर 12 प्रतिशत की जीएसटी दर से टैक्स वसूली किए जाने के नियम है।
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