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थारू क्षेत्र में जंगली हाथियों ने मचाया जमकर उत्पात
अमर उजाला ब्यूरो गौरीफंटा-चंदनचौकी।
Updated Sun, 01 Jan 2017 12:15 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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- कई एकड़ गन्ना और गेहूं की फसल रौंदी
बीती रात दुधवा नेशनल पार्क के जंगल से निकले करीब तीन दर्जन हाथियों के झुंड ने थारू ग्राम भूड़ा हिम्मतनगर और बजाही में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने भूड़ा गांव निवासी सूरज राना की चार एकड़ गेहूं और एक एकड़ खड़ी गन्ने की फसल को खाकर, पैरों तले रौंद कर नष्ट कर डाला। हाथियों ने पूरी रात भूड़ा और हिम्मत नगर तथा बजाही के खेतिहर इलाके में जमकर तबाही मचाई। ग्रामीणों के जाग जाने तथा गोला पटाखा आदि दगाकर हाथियों के झुंड को वापस जंगल में खदेड़ा। थोड़ी देर बाद यही झुंड बजाही गांव के खेतिहर इलाके में घुस गया और कई किसानों की फसल उजाड़ दी। खेतों को रातभर रौंदने के बाद वो पिपरौला की ओर भाग गए। मौके पर पहुंचे सैकड़ों गांव वासियों ने पटाके, बर्तन, ढोल मजीरे लेकर हाथियों को भगाया। पार्क कर्मचारियों और अधिकारियों को ग्रामीणों ने सूचना दी, लेकिन मौके पर वन विभाग को कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त हैं। बजाही के राधा कृष्ण, वीरबल, हरी कृष्ण, द्वारिका, लल्लन, लक्ष्मण, सुरची मथुरा, भोज राज आदि थारू किसानों का काफी नुकसान हुआ है।
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बीती रात दुधवा नेशनल पार्क के जंगल से निकले करीब तीन दर्जन हाथियों के झुंड ने थारू ग्राम भूड़ा हिम्मतनगर और बजाही में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने भूड़ा गांव निवासी सूरज राना की चार एकड़ गेहूं और एक एकड़ खड़ी गन्ने की फसल को खाकर, पैरों तले रौंद कर नष्ट कर डाला। हाथियों ने पूरी रात भूड़ा और हिम्मत नगर तथा बजाही के खेतिहर इलाके में जमकर तबाही मचाई। ग्रामीणों के जाग जाने तथा गोला पटाखा आदि दगाकर हाथियों के झुंड को वापस जंगल में खदेड़ा। थोड़ी देर बाद यही झुंड बजाही गांव के खेतिहर इलाके में घुस गया और कई किसानों की फसल उजाड़ दी। खेतों को रातभर रौंदने के बाद वो पिपरौला की ओर भाग गए। मौके पर पहुंचे सैकड़ों गांव वासियों ने पटाके, बर्तन, ढोल मजीरे लेकर हाथियों को भगाया। पार्क कर्मचारियों और अधिकारियों को ग्रामीणों ने सूचना दी, लेकिन मौके पर वन विभाग को कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त हैं। बजाही के राधा कृष्ण, वीरबल, हरी कृष्ण, द्वारिका, लल्लन, लक्ष्मण, सुरची मथुरा, भोज राज आदि थारू किसानों का काफी नुकसान हुआ है।