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Lakhimpur Kheri News: बुखार पीड़ितों की होगी जांच, पढ़ाया जाएगा जागरूकता का पाठ
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लखीमपुर खीरी। मलेरिया की रोकथाम को एक से 30 जून तक मलेरिया रोधी अभियान चलाया जा रहा है। आमजन को मलेरिया से बचाव का पाठ पढ़ाया जाएगा। बुखार पीड़ितों और गर्भवती की मलेरिया जांच कराई जाएगी।
जिले में 100 से ज्यादा ऐसे स्थान हैं, जहां मलेरिया के मरीज अधिक निकलते हैं। पिछले वर्ष जिले के 140 से ज्यादा गांव और मोहल्लों में डेंगू और मलेरिया के मरीज अधिक मिले थे। इन स्थानों का हॉटस्पॉट भी घोषित किया गया था। इनमें लखीमपुर, फरधान और बेहजम में सबसे अधिक स्थान हॉट स्पॉट घोषित किए गए थे।
एक से 30 अप्रैल तक चले संचारी रोग नियंत्रण और 10 से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान में भी 100 से अधिक मलेरिया के संदिग्ध मरीज चिह्नित किए गए थे। अपर निदेशक मलेरिया के निर्देश पर सीएमओ ने सभी चिकित्सा अधीक्षक और प्रभारी चिकित्साधिकारियों को पत्र जारी किया है। मलेरिया से बचाव के उपायों का प्रचार-प्रसार करने और बुखार पीड़ितों की मलेरिया जांच कराने को कहा है। एएनसी जांच को आने वाली गर्भवती महिलाओं की मलेरिया जांच कराई जाएगी।
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मरीज को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाएं आशा कार्यकर्ता और एएनएम
ग्राम स्तर पर मलेरिया रोग की पहचान और मरीज को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ता और एएनएम संभालेंगी। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति की ओर से कराए जा रहे दवा छिड़काव की सतत निगरानी को भी कहा गया है।
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जिले में 100 से ज्यादा ऐसे स्थान हैं, जहां मलेरिया के मरीज अधिक निकलते हैं। पिछले वर्ष जिले के 140 से ज्यादा गांव और मोहल्लों में डेंगू और मलेरिया के मरीज अधिक मिले थे। इन स्थानों का हॉटस्पॉट भी घोषित किया गया था। इनमें लखीमपुर, फरधान और बेहजम में सबसे अधिक स्थान हॉट स्पॉट घोषित किए गए थे।
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एक से 30 अप्रैल तक चले संचारी रोग नियंत्रण और 10 से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान में भी 100 से अधिक मलेरिया के संदिग्ध मरीज चिह्नित किए गए थे। अपर निदेशक मलेरिया के निर्देश पर सीएमओ ने सभी चिकित्सा अधीक्षक और प्रभारी चिकित्साधिकारियों को पत्र जारी किया है। मलेरिया से बचाव के उपायों का प्रचार-प्रसार करने और बुखार पीड़ितों की मलेरिया जांच कराने को कहा है। एएनसी जांच को आने वाली गर्भवती महिलाओं की मलेरिया जांच कराई जाएगी।
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मरीज को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाएं आशा कार्यकर्ता और एएनएम
ग्राम स्तर पर मलेरिया रोग की पहचान और मरीज को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ता और एएनएम संभालेंगी। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति की ओर से कराए जा रहे दवा छिड़काव की सतत निगरानी को भी कहा गया है।