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ग्रामीण खुद करेंगे कटे कच्चे बंधे का निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो/पलियाकलां।
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:29 PM IST
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किशाऊ बांध साइट
- फोटो : file
बद्धापुरवा गांव के पास बाढ़ में कट गया था सुहेली का बंधा
बुद्धापुरवा के पास बाढ़ और बारिश के दौरान कटे कच्चे बंधे को बनाने के लिए ग्रामीण खुद आगे आए हैं। एसडीएम ने यहां निरीक्षण कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी थी लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
भारी बारिश के चलते सुहेली नदी की तेज धारों से बुद्धापुरवा गांव में परवतियाघाट के निकट बंधा कट गया था। जिससे पानी की धार यहां से होते हुए ग्राम बसंतापुर, मलिनिया, इटैया, खैराना, बिजौरया, बेलाटापर, बेला कलां आदि गांवों में पहुंचने लगी थी। इससे सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई। बंधे का एसडीएम शादाब असलम ने भी मौका मुआयना किया था। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी थी। कई दिन इंतजार करने के बाद भी प्रशासनिक अफसरों ने लापरवाही पूर्ण रवैया अपनाते हुए इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। जिसके बाद तमाम ग्रामों के सैकड़ों ग्रामीणों ने खुद ही बंधा निर्माण शुरू कर दिया है। इसके लिए ग्रामीणों द्वारा बालू भरी बोरियां कटे बंधे के पास लगाई जा रही हैं, जिससे बंधे को मजबूती मिल सके। बंधा करीब 500 मीटर लंबा है। सभी ने ग्रामीणों के हौसले की सराहना की है।
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बुद्धापुरवा के पास बाढ़ और बारिश के दौरान कटे कच्चे बंधे को बनाने के लिए ग्रामीण खुद आगे आए हैं। एसडीएम ने यहां निरीक्षण कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी थी लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
भारी बारिश के चलते सुहेली नदी की तेज धारों से बुद्धापुरवा गांव में परवतियाघाट के निकट बंधा कट गया था। जिससे पानी की धार यहां से होते हुए ग्राम बसंतापुर, मलिनिया, इटैया, खैराना, बिजौरया, बेलाटापर, बेला कलां आदि गांवों में पहुंचने लगी थी। इससे सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई। बंधे का एसडीएम शादाब असलम ने भी मौका मुआयना किया था। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी थी। कई दिन इंतजार करने के बाद भी प्रशासनिक अफसरों ने लापरवाही पूर्ण रवैया अपनाते हुए इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। जिसके बाद तमाम ग्रामों के सैकड़ों ग्रामीणों ने खुद ही बंधा निर्माण शुरू कर दिया है। इसके लिए ग्रामीणों द्वारा बालू भरी बोरियां कटे बंधे के पास लगाई जा रही हैं, जिससे बंधे को मजबूती मिल सके। बंधा करीब 500 मीटर लंबा है। सभी ने ग्रामीणों के हौसले की सराहना की है।
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