Lakhimpur Kheri: 1.78 करोड़ रुपये के राशन घोटाले का आरोपी गोदाम प्रभारी दिनेश सिंह लखनऊ से गिरफ्तार
लखीमपुर खीरी की क्राइम ब्रांच टीम ने वर्ष 2022 से फरार अभियुक्त दिनेश कुमार सिंह को बृहस्पतिवार सुबह लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। दिनेश कुमार सिंह के विरुद्ध थाना मैलानी में गंगा प्रसाद प्रबंधक उप्र राज्य खाद्य ने सरकारी धनराशि गबन करने समेत कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
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लखीमपुर खीरी के बांकेगंज क्षेत्र में 134 सरकारी स्कूलों के बच्चों का राशन बेचकर मोटी रकम हड़पने वाला गोदाम प्रभारी आखिरकार दो साल के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। एमडीएम के राशन घोटाले के आरोपी गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार सिंह को पुलिस ने लखनऊ से पकड़ा। इसके खिलाफ थाना मैलानी में उप्र राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम (एसएफसी) के प्रबंधक गंगा प्रसाद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मूलरूप से कुशीनगर जिले का रहने वाला दिनेश कुमार सिंह जानकीपुरम विस्तार लखनऊ में रहता है। उसने बांकेगंज में तैनाती के दौरान 1.78 करोड़ रुपये का एमडीएम (मिडडे मील) का राशन बेचकर रकम हड़प ली थी। मैलानी थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि दिनेश कुमार सिंह को बुधवार की रात उसके लखनऊ के जानकीपुरम स्थिति आवास से गिरफ्तार किया है। बृहस्पतिवार को न्यायालय पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया है।
यह था मामला
वर्ष 2022 में भारतीय खाद्य निगम से संबंधित विभिन्न योजनाओं के गेहूं, चावल, चना, नमक, चीनी व खाद्य तेल आदि वितरण के लिए बांकेगंज ब्लॉक मुख्यालय पर उचित दर विक्रेताओं को आवंटन के लिए जारी किया था। गोदाम का निरीक्षण किया गया तो पाया गया कि आरोपी ने अभिलेखों में खाद्यान्न का वितरण होना दिखा दिया है, जबकि हकीकत में खाद्यान्न का वितरण नहीं कराया। धोखाधड़ी और कालाबाजारी करते हुए राशन की दुकानों का करीब 4700 क्विंटल राशन बाजार में बेच दिया था। मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा था। मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही थी।
प्रधानाध्यापकों की शिकायत पर खुला था घोटाला
खाद्यान्न घोटाले का खुलासा उस समय हुआ, जब अप्रैल 2022 में बांकेगंज ब्लॉक के बीईओ राकेश कुमार को कुछ स्कूलों से मिडडे मील का राशन न मिलने की शिकायत स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से मिली। उन्होंने क्षेत्र के 185 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों का निरीक्षण कराया तो पता चला कि 134 स्कूल ऐसे हैं जहां पर जनवरी, फरवरी और मार्च 2022 में एमडीएम का राशन नहीं पहुंचा। उन्होंने जानकारी एसडीएम गोला और बीएसए को दी। तब यह बात उच्चाधिकारियों तक पहुंची।
डीएम के निर्देश पर टीम गठित कर मामले की जांच कराई गई तो पता चला कि गोदाम से खाद्यान्न तो रिलीज हुआ है, लेकिन एजेंसियों तक नहीं पहुंचा। जांच में पौने दो करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला सामने आया। एसएफसी के जिला प्रबंधक गंगा प्रसाद ने गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार सिंह और ऑडीटर रमाशंकर के खिलाफ मैलानी थाने में खाद्यान्न घोटाला करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में भ्रष्टाचार के जडे़ं खुलती गईं और जिला प्रबंधक भी लपेटे में आ गए थे। एसएफसी के एमडी ने जिला प्रबंधक को भी निलंबित किया था।