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किसानों ने महापंचायत में लिया इंडेंट बंद रखने का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो पलियाकलां।
Updated Sat, 10 Dec 2016 11:42 PM IST
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इंडेंट बंद
- फोटो : अमर उजाला
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11 दिसंबर तक ही हुआ था इंडेंट, यही स्थिति रही तो 13 के बाद मिल हो जाएगी नोकेन
एसडीएम और मिल अधिकारियों की वार्ता का नहीं निकला कोई नतीजा
केन सोसायटी में हुई किसानों की महापंचायत में इंडेंट बंद रखने का फैसला लिया गया है। किसानों ने प्रशासन और मिल को चेतावनी दी है कि वह सीधे पर्ची बांटने की कोशिश करेंगे तो परिणाम घातक होंगे।
तयशुदा महापंचायत केन सोसायटी में शुरू हुई। इसमें किसान नेताओं ने चीनी मिल प्रबंधन की जम कर खिंचाई की। कहा कि हर साल मिल किसानों का उत्पीड़न करती है और उनको भुगतान के लिए तरसा दिया जाता है। किसान अपने ही गन्ने का मूल्य भिखारियों की तरह मांगते हैं लेकिन सुनवाई कोई नहीं होती। कहा कि इस मांग के साथ वह तत्काल संपूर्ण डिफर, नवीन सत्र की तोल में अच्छी किश्त के भुगतान की मांग पर कायम है। इस बीच पहुंचे एसडीएम शादाब असलम ने किसानों से वार्ता की और मिल से जीएम केन ओपी चौहान को बुलवाया। श्री चौहान ने 25 दिसंबर तक संपूर्ण डिफर करने की बात कही, लेकिन इस पर किसान सहमत नहीं हुए। किसानों ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती है तब तक इंडेंट बंद रहेगा और चेतावनी दी कि इस बीच प्रशासन और मिल ने अगर सीधे पर्चियां देने की कोशिश की तो परिणाम घातक होंगे। बता दें कि मिल का इंडेंट 11 दिसंबर तक ही जारी हुआ और इस पर तोल 13 तक हो सकती है। इसके बाद मिल नोकेन होकर बंद हो जाएगी। बैठक में सोसायटी चेयरमेन विकास कपूर, उपाध्यक्ष फरजंद अली बुंदु मियां, किसान मजदूर पार्टी विधानसभाध्यक्ष मनप्रीत सिंह, हरेंद्र सिंह सोनी, तरसेम सिंह, रामनरेश, गुरुदेव सिंह, सिराजुद्दीन, रामपाल, जीवन सिंह, सुखदेव सिंह, पूर्व पालिकाध्यक्ष महमूद हुसैन खां, इंद्रजीत सिंह, श्याम आनंद, सुहैल खान, राजू चौरसिया, समीर कपूर आदि कई किसान मौजूद रहे।
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एसडीएम और मिल अधिकारियों की वार्ता का नहीं निकला कोई नतीजा
केन सोसायटी में हुई किसानों की महापंचायत में इंडेंट बंद रखने का फैसला लिया गया है। किसानों ने प्रशासन और मिल को चेतावनी दी है कि वह सीधे पर्ची बांटने की कोशिश करेंगे तो परिणाम घातक होंगे।
तयशुदा महापंचायत केन सोसायटी में शुरू हुई। इसमें किसान नेताओं ने चीनी मिल प्रबंधन की जम कर खिंचाई की। कहा कि हर साल मिल किसानों का उत्पीड़न करती है और उनको भुगतान के लिए तरसा दिया जाता है। किसान अपने ही गन्ने का मूल्य भिखारियों की तरह मांगते हैं लेकिन सुनवाई कोई नहीं होती। कहा कि इस मांग के साथ वह तत्काल संपूर्ण डिफर, नवीन सत्र की तोल में अच्छी किश्त के भुगतान की मांग पर कायम है। इस बीच पहुंचे एसडीएम शादाब असलम ने किसानों से वार्ता की और मिल से जीएम केन ओपी चौहान को बुलवाया। श्री चौहान ने 25 दिसंबर तक संपूर्ण डिफर करने की बात कही, लेकिन इस पर किसान सहमत नहीं हुए। किसानों ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती है तब तक इंडेंट बंद रहेगा और चेतावनी दी कि इस बीच प्रशासन और मिल ने अगर सीधे पर्चियां देने की कोशिश की तो परिणाम घातक होंगे। बता दें कि मिल का इंडेंट 11 दिसंबर तक ही जारी हुआ और इस पर तोल 13 तक हो सकती है। इसके बाद मिल नोकेन होकर बंद हो जाएगी। बैठक में सोसायटी चेयरमेन विकास कपूर, उपाध्यक्ष फरजंद अली बुंदु मियां, किसान मजदूर पार्टी विधानसभाध्यक्ष मनप्रीत सिंह, हरेंद्र सिंह सोनी, तरसेम सिंह, रामनरेश, गुरुदेव सिंह, सिराजुद्दीन, रामपाल, जीवन सिंह, सुखदेव सिंह, पूर्व पालिकाध्यक्ष महमूद हुसैन खां, इंद्रजीत सिंह, श्याम आनंद, सुहैल खान, राजू चौरसिया, समीर कपूर आदि कई किसान मौजूद रहे।
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