Lakhimpur Kheri: आवास विकास परिषद से मुक्त कराई जाए जमीन, जबरन किया अधिग्रहण, किसानों का आरोप
लखीमपुर शहर से सटे गांव राजापुर की 317 एकड़ भूमि का आवास विकास परिषद की ओर से जबरन अधिग्रहण कर लिया गया है। यह आरोप है यहां के ग्रामीणों और किसान संगठनों का। इसी मामले को लेकर सोमवार को भारतीय किसान मजदूर यूनियन दशहरी के पदाधिकारियों ने कमिश्नर को संबोधित ज्ञापन आवास विकास के उपायुक्त को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि जमीन को मुक्त कराया जाए। इस जमीन के बिना किसानों के जीवन यापन को दिक्कत हो रही है। खेती वाली जमीन ही उनका सहारा है।
ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि तहसील सदर के राजापुर व पिपरिया गांव के 498 किसानों की 317 एकड़ कृषि योग्य भूमि को 2010 में आवास विकास परिषद द्वारा अधिग्रहण करके किसानों को भूमिहीन कर दिया गया है। जबकि ग्रामीणों का मुख्य पेशा खेताबाड़ी ही है। किसान अपनी जमीनों पर फल-फूल, सब्जी आदि फसलें उगा कर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे।
उनका आरोप है कि आवास विकास परिषद द्वारा विधि विरुद्ध तरीके से राजापुर के किसानों की पूरी जमीनों का अधिग्रहण कर भूमिहीन बनाया जा रहा है। पीड़ित किसान पिछले पांच साल से धरना प्रदर्शन, पद यात्रा, भूख हड़ताल आदि कर चुके हैं। सैकड़ों बार लखनऊ में संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन आदि दिया है पर अभी तक किसी भी अधिकारी के द्वारा कोई भी निराकरण नहीं किया गया।
पांच बार हो चुका इस गांव की जमीन का अधिग्रहण
पहले भी ग्रामीणों की कृषि योग्य जमीनों का पांच बार विभिन्न कारणों से अधिग्रहण किया जा चुका है, जिसमें पहली बार मंडी समिति के लिए, दूसरी बार डायट, तीसरी बार आईटीआई, चौथी बार इंडस्ट्रियल एरिया व पांचवी बार आवास विकास परिषद के आवासों के लिए जमीनों का अधिग्रहण किया जा चुका है। अब फिर से छठी बार जबरन अधिग्रहण कर लिया गया है।