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Lakhimpur Kheri News: किसानों ने जाम कराया खंभार खेड़ा मिल का चक्का
Sun, 11 Jan 2026 11:05 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 11 Jan 2026 11:05 PM IST
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डोंगे में बैठे किसान। स्रोत: किसान
महेवागंज। बजाज ग्रुप की खंभार खेड़ा चीनी मिल में रविवार को किसानों ने गन्ना भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर चक्का जाम करा दिया। कुछ किसान चेन कैरियर में कूद गए।
दोपहर होते-होते सैकड़ों किसान मिल परिसर में इकट्ठा हो गए। किसानों ने भुगतान में लेटलतीफी और गन्ने की 9,709 प्रजाति को सामान्य में खरीदने को लेकर प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। मिल प्रबंधन मौके पर पहुंचा और वार्ता शुरू की। सूचना पर पुलिस फोर्स भी पहुंच गई। पुलिस ने किसानों से शांतिपूर्वक अपनी बात रखने के लिए कहा।
किसानों ने मिल प्रबंधन पर आरोप लगाकर बताया कि रविवार को जिस 9,709 की प्रजाति को मिल प्रबंधन रिजेक्ट श्रेणी का बता रहे हैं। शुरुआत में इसी प्रजाति को मिल प्रबंधन ने अर्ली में खरीदा है। साथ ही किसानों ने समय पर भुगतान न देने का भी आरोप लगाया। पेराई बंद होने से गन्ना भरे वाहनों का जाम लगा रहा। यूनिट हेड अवधेश कुमार गुप्ता, महाप्रबंधक गन्ना पुष्पेंद्र ढाका और चीनी मिल के अधिकारी लगातार किसानों को समझाने और मनाने की कोशिश में जुटे रहे।
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वर्जन-
पिछला कोई बकाया नहीं है। इस सीजन में खरीदे गन्ने का भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। 9,709 गन्ने की प्रजाति को शासन ने ही रिजेक्ट श्रेणी में रखा है। आरोप निराधार हैं। समस्या का जल्द निराकरण किया जाएगा।
सतीश चंद्र श्रीवास्तव, पीआरओ बीएचएल
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दोपहर होते-होते सैकड़ों किसान मिल परिसर में इकट्ठा हो गए। किसानों ने भुगतान में लेटलतीफी और गन्ने की 9,709 प्रजाति को सामान्य में खरीदने को लेकर प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। मिल प्रबंधन मौके पर पहुंचा और वार्ता शुरू की। सूचना पर पुलिस फोर्स भी पहुंच गई। पुलिस ने किसानों से शांतिपूर्वक अपनी बात रखने के लिए कहा।
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किसानों ने मिल प्रबंधन पर आरोप लगाकर बताया कि रविवार को जिस 9,709 की प्रजाति को मिल प्रबंधन रिजेक्ट श्रेणी का बता रहे हैं। शुरुआत में इसी प्रजाति को मिल प्रबंधन ने अर्ली में खरीदा है। साथ ही किसानों ने समय पर भुगतान न देने का भी आरोप लगाया। पेराई बंद होने से गन्ना भरे वाहनों का जाम लगा रहा। यूनिट हेड अवधेश कुमार गुप्ता, महाप्रबंधक गन्ना पुष्पेंद्र ढाका और चीनी मिल के अधिकारी लगातार किसानों को समझाने और मनाने की कोशिश में जुटे रहे।
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वर्जन-
पिछला कोई बकाया नहीं है। इस सीजन में खरीदे गन्ने का भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। 9,709 गन्ने की प्रजाति को शासन ने ही रिजेक्ट श्रेणी में रखा है। आरोप निराधार हैं। समस्या का जल्द निराकरण किया जाएगा।
सतीश चंद्र श्रीवास्तव, पीआरओ बीएचएल