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बजाज चीनी मिल में घटतौली पर किसानों का गुस्सा फूटा
लखीमपुर, ब्यूरो
Updated Fri, 24 Mar 2017 10:39 PM IST
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बजाज चीनी मिल में घटतौली पर किसानों का गुस्सा फूटा
- फोटो : अमर उजाला
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विधायक के समर्थन से किसानों को मिला बल, रातभर होता रहा बवाल
एसडीएम के निर्देेश पर सील हुए गन्ना तौल कांटे, सामने आई घटतौली, रिपोर्ट दर्ज कराने पर अड़े किसान
बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल में घटतौली के मामले आम होते जा रहे हैं। दो दिन पहले घटतौली को लेकर हुए बवाल के बाद फिर मिल में किसानों का घटतौली के कारण गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते किसानों की गुस्से के आगे न मिल प्रबंधन की चली और न प्रशासन की। रात में ही विधायक अरविंद गिरि अपने समर्थकों के साथ मिल परिसर पहुंच गए। जिससे किसानों को बल मिल गया। किसानों के बवाल करने की सूचना पर एसडीएम, सीओ, कोतवाल सहित तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूरी रात किसानों को समझाने में अधिकारी लगे रहे लेकिन किसान नहीं माने और रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने पर अड़े रहे। रात में ही एसडीएम के निर्देश पर मिल का कांटा नंबर एक और दो को एसआई आशुतोष कुमार त्रिपाठी ने सील कर दिया। बवाल के चलते 23 मार्च की रात 10 बजे से मिल और तौल बंद हो गई। गन्ना लदे वाहनों से जाम लग गया।
हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव छितौनियां निवासी किसान चंद्रसेन वर्मा के पुत्र कपिल वर्मा 23 मार्च की रात अपना गन्ना ट्रॉली में लेकर मिल आए थे। मिल के कांटे पर तौल होने से पहले ही उन्होंने अपनी ट्रॉली को नगर के खुटार रोड स्थित मिल द्वारा अधिकृत धर्मकांटे पर तुलवा लिया था। जिसका वजन 116-70 क्विंटल था, मिल के कांटे पर पहुंचने पर जब ट्रॉली तुली तो वजन तीन क्विंटल कम निकला। इसी तरह सेखवापुर के किसान ढाकनलाल की ट्रॉली में 2-25 और सतीश कुमार की ट्रॉली के वजन में 2-40 क्विंटल अंतर होने से घटतौली का मामला पुन: प्रकाश में आया। किसानों ने मिल कांटों पर हो रही घटतौली का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते किसान अपने वाहन छोड़कर मिल परिसर में एकत्र होने लगे, जिससे मिल अधिकारियों में हड़कंप मच गया और वह अपने कार्यालयों में दुबक गए। जहां किसानों की सुनने वाला कोई नहीं था।
किसानों ने फोन कर विधायक अरविंद गिरि को बुला लिया जिनके पहुंचने पर किसानों को बल मिला। विधायक भी किसानों के साथ डेरा जमाकर मिल परिसर में ही बैठ गए। इतने में एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी, सीओ अशोक कुमार यादव, तहसीलदार राजेश चंद्र, कोतवाल अजय कुमार सिंह और संतोष कुमार तिवारी, सचिव भूपेशचंद्र राय मौके पर पहुंच गए और किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान कार्रवाई को लेकर अड़ गए। किसानों के बवाल के चलते गन्ना तौल और मिल बंद कर दी गई। विधायक ने घटतौली जांचने के लिए तीनों ट्रॉलियों का नगर के अन्य धर्मकांटों पर तौलवाया जिसमें घटतौली सामने आयी। जिससे विधायक की मिल प्रबंधन और अधिकारियों के साथ नोकझोंक भी हुई। एसडीएम ने घटतौली सामने आने पर तौल कांटा एक और दो को सील करवा दिया।
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जिला गन्नाधिकारी को दी घटतौली की तहरीर
कांटा सील होने के बाद भी किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वह मिल प्रबंधन पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग पर डटे रहे। 24 मार्च को भी किसानों का बवाल जारी रहा। सुबह खांडसारी अधिकारी सीतापुर चंद्रशेखर सिंह, ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक अमर प्रताप सिंह, वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विज्ञान एसके सिंह और एसके गिरि ने किसानों की मांग पर मिल के सभी कांटे चेक करवाए जिसमें मिल के कांटो पर माप में काफी अंतर मिला। दोपहर को जिला गन्नाधिकारी जगदीशचंद्र यादव मिल पहुंचे जिनके सामने किसान रिपोर्ट दर्ज कराने को अड़े रहे। गन्ना विकास सचिव भूपेश राय और किसान कपिल वर्मा ने मिल प्रबंधन पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए जिला गन्नाधिकारी को तहरीर दी है।
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समिति सचिव गोला भूपेशराय की तहरीर पर मिल प्रबंधन पर धारा 420, 419, 120बी, 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। मिल के सभी कांटे मानक बांट रखकर चेक कराए गए हैं। जिनमें लगभग एक क्विंटल 60 किग्रा का अंतर मिला है। जिसकी रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
जगदीशचंद्र यादव जिला गन्नाधिकारी।
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मिल में किसानों ने घटतौली को लेकर बबाल किया है। मिल में अक्सर घटतौली की शिकायतें मिल रही हैं, जांच कराने पर तौल कांटा नंबर एक और दो पर घटतौली सामने आयी है। जिसे सील करा दिया गया है। मिल प्रबंधन पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
-घनश्याम त्रिपाठी एसडीएम गोला।
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बोले विधायक
विधायक अरविंद गिरि ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में मिल मालिकों द्वारा किसानों को लूटा गया है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वह चाहें घटतौली, पर्चियों की खरीद फरोख्त हो या गन्ने का भुगतान। किसानों की समस्याओं का निराकरण कराना उनकी प्राथमिकता है। मिल में किसानों के साथ घटतौली दुर्भाग्यपूर्ण है। दोषी मिल अधिकारियों के विरुद्घ कार्रवाई कराई जाएगी।
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एसडीएम के निर्देेश पर सील हुए गन्ना तौल कांटे, सामने आई घटतौली, रिपोर्ट दर्ज कराने पर अड़े किसान
बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल में घटतौली के मामले आम होते जा रहे हैं। दो दिन पहले घटतौली को लेकर हुए बवाल के बाद फिर मिल में किसानों का घटतौली के कारण गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते किसानों की गुस्से के आगे न मिल प्रबंधन की चली और न प्रशासन की। रात में ही विधायक अरविंद गिरि अपने समर्थकों के साथ मिल परिसर पहुंच गए। जिससे किसानों को बल मिल गया। किसानों के बवाल करने की सूचना पर एसडीएम, सीओ, कोतवाल सहित तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूरी रात किसानों को समझाने में अधिकारी लगे रहे लेकिन किसान नहीं माने और रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने पर अड़े रहे। रात में ही एसडीएम के निर्देश पर मिल का कांटा नंबर एक और दो को एसआई आशुतोष कुमार त्रिपाठी ने सील कर दिया। बवाल के चलते 23 मार्च की रात 10 बजे से मिल और तौल बंद हो गई। गन्ना लदे वाहनों से जाम लग गया।
हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव छितौनियां निवासी किसान चंद्रसेन वर्मा के पुत्र कपिल वर्मा 23 मार्च की रात अपना गन्ना ट्रॉली में लेकर मिल आए थे। मिल के कांटे पर तौल होने से पहले ही उन्होंने अपनी ट्रॉली को नगर के खुटार रोड स्थित मिल द्वारा अधिकृत धर्मकांटे पर तुलवा लिया था। जिसका वजन 116-70 क्विंटल था, मिल के कांटे पर पहुंचने पर जब ट्रॉली तुली तो वजन तीन क्विंटल कम निकला। इसी तरह सेखवापुर के किसान ढाकनलाल की ट्रॉली में 2-25 और सतीश कुमार की ट्रॉली के वजन में 2-40 क्विंटल अंतर होने से घटतौली का मामला पुन: प्रकाश में आया। किसानों ने मिल कांटों पर हो रही घटतौली का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते किसान अपने वाहन छोड़कर मिल परिसर में एकत्र होने लगे, जिससे मिल अधिकारियों में हड़कंप मच गया और वह अपने कार्यालयों में दुबक गए। जहां किसानों की सुनने वाला कोई नहीं था।
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किसानों ने फोन कर विधायक अरविंद गिरि को बुला लिया जिनके पहुंचने पर किसानों को बल मिला। विधायक भी किसानों के साथ डेरा जमाकर मिल परिसर में ही बैठ गए। इतने में एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी, सीओ अशोक कुमार यादव, तहसीलदार राजेश चंद्र, कोतवाल अजय कुमार सिंह और संतोष कुमार तिवारी, सचिव भूपेशचंद्र राय मौके पर पहुंच गए और किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान कार्रवाई को लेकर अड़ गए। किसानों के बवाल के चलते गन्ना तौल और मिल बंद कर दी गई। विधायक ने घटतौली जांचने के लिए तीनों ट्रॉलियों का नगर के अन्य धर्मकांटों पर तौलवाया जिसमें घटतौली सामने आयी। जिससे विधायक की मिल प्रबंधन और अधिकारियों के साथ नोकझोंक भी हुई। एसडीएम ने घटतौली सामने आने पर तौल कांटा एक और दो को सील करवा दिया।
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जिला गन्नाधिकारी को दी घटतौली की तहरीर
कांटा सील होने के बाद भी किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वह मिल प्रबंधन पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग पर डटे रहे। 24 मार्च को भी किसानों का बवाल जारी रहा। सुबह खांडसारी अधिकारी सीतापुर चंद्रशेखर सिंह, ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक अमर प्रताप सिंह, वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विज्ञान एसके सिंह और एसके गिरि ने किसानों की मांग पर मिल के सभी कांटे चेक करवाए जिसमें मिल के कांटो पर माप में काफी अंतर मिला। दोपहर को जिला गन्नाधिकारी जगदीशचंद्र यादव मिल पहुंचे जिनके सामने किसान रिपोर्ट दर्ज कराने को अड़े रहे। गन्ना विकास सचिव भूपेश राय और किसान कपिल वर्मा ने मिल प्रबंधन पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए जिला गन्नाधिकारी को तहरीर दी है।
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समिति सचिव गोला भूपेशराय की तहरीर पर मिल प्रबंधन पर धारा 420, 419, 120बी, 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। मिल के सभी कांटे मानक बांट रखकर चेक कराए गए हैं। जिनमें लगभग एक क्विंटल 60 किग्रा का अंतर मिला है। जिसकी रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
जगदीशचंद्र यादव जिला गन्नाधिकारी।
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मिल में किसानों ने घटतौली को लेकर बबाल किया है। मिल में अक्सर घटतौली की शिकायतें मिल रही हैं, जांच कराने पर तौल कांटा नंबर एक और दो पर घटतौली सामने आयी है। जिसे सील करा दिया गया है। मिल प्रबंधन पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
-घनश्याम त्रिपाठी एसडीएम गोला।
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बोले विधायक
विधायक अरविंद गिरि ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में मिल मालिकों द्वारा किसानों को लूटा गया है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वह चाहें घटतौली, पर्चियों की खरीद फरोख्त हो या गन्ने का भुगतान। किसानों की समस्याओं का निराकरण कराना उनकी प्राथमिकता है। मिल में किसानों के साथ घटतौली दुर्भाग्यपूर्ण है। दोषी मिल अधिकारियों के विरुद्घ कार्रवाई कराई जाएगी।