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Lakhimpur Kheri News: खनन पट्टे को लेकर किसान और व्यापारी आए सामने
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पलिया तहसील में तहसीलदार को खनन पट्टा से संबंधित जानकारी देते किसान। संवाद
पलियाकलां। प्रशासन की तरफ से अतरिया गांव में खनन के लिए जारी किए गए पट्टे का विरोध आम लोग और संगठन खुलकर करने लगे हैं।
पलिया नगर व्यापार मंडल के साथ ही राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है और खनन को ही पलिया क्षेत्र में बाढ़ आने का मुख्य कारण बताया जा रहा है। मंगलवार को दोनों संगठनों की तरफ से मुख्यमंत्री व डीएम को संबोधित अलग-अलग ज्ञापन तहसीलदार को दिए गए हैं।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने डीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार आरती यादव को दिया है। जिसमें कहा गया है कि अतरिया में गाटा संख्या 504 में खनन का पट्टा स्वीकृत किया गया है, लेकिन यह गाटा नदी के काफी करीब है और यहां से खनन होने के बाद आगे मानसून सत्र में बाढ़ आने की संभावनाएं बनी रहेंगी।
कहा कि खनन के कारण नदी अपना मार्ग बदल रही है और रेलवे लाइन के पूरब की ओर दर्जनों ग्राम पंचायतों में नुकसान कर रही है। मामले में अतरिया के गाटा संख्या 504 पर दिए गए खनन पट्टे को निरस्त करने की मांग की गई है।
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इस दौरान संगठन के तहसील अध्यक्ष तरसेम सिंह, जिला उपाध्यक्ष तेंजेद्र सिंह तेजी, निर्मल सिंह, बलवीर सिंह, गुरदयाल सिंह, सतनाम सिंह, देवेंद्र सिंह, आरएन निषाद समेत अन्य कई किसान मौजूद रहे।
उधर, नगर व्यापार मंडल मिश्रा गुट ने भी मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को दिया है। जिसमें कहा गया है कि शारदा नदी के किनारे पलिया शहर बसा है और यहां दुधवा नेशनल पार्क है। जहां सैलानियों की लगातार आवाजाही होती है। लेकिन पिछले वर्ष खनन की वजह से हुए भारी नुकसान की तरफ इस साल भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे पलिया फिर से टापू बनने की कगार पर खड़ा हो गया है।
बाढ़ का सबक न लेते हुए भी खनन का लाइसेंस दिया गया है और इसका व्यापार मंडल विरोध करता है। साथ ही खनन पट्टा निरस्त करने की मांग करता है। इस दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष अनूप मिश्रा, महामंत्री संदीप बंसल, अनिल वर्मा, फुरकान अंसारी, जफर अहमद टीटू, अमर गुप्ता, आशीष अग्निहोत्री, अमन गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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पलिया नगर व्यापार मंडल के साथ ही राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है और खनन को ही पलिया क्षेत्र में बाढ़ आने का मुख्य कारण बताया जा रहा है। मंगलवार को दोनों संगठनों की तरफ से मुख्यमंत्री व डीएम को संबोधित अलग-अलग ज्ञापन तहसीलदार को दिए गए हैं।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने डीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार आरती यादव को दिया है। जिसमें कहा गया है कि अतरिया में गाटा संख्या 504 में खनन का पट्टा स्वीकृत किया गया है, लेकिन यह गाटा नदी के काफी करीब है और यहां से खनन होने के बाद आगे मानसून सत्र में बाढ़ आने की संभावनाएं बनी रहेंगी।
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कहा कि खनन के कारण नदी अपना मार्ग बदल रही है और रेलवे लाइन के पूरब की ओर दर्जनों ग्राम पंचायतों में नुकसान कर रही है। मामले में अतरिया के गाटा संख्या 504 पर दिए गए खनन पट्टे को निरस्त करने की मांग की गई है।
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इस दौरान संगठन के तहसील अध्यक्ष तरसेम सिंह, जिला उपाध्यक्ष तेंजेद्र सिंह तेजी, निर्मल सिंह, बलवीर सिंह, गुरदयाल सिंह, सतनाम सिंह, देवेंद्र सिंह, आरएन निषाद समेत अन्य कई किसान मौजूद रहे।
उधर, नगर व्यापार मंडल मिश्रा गुट ने भी मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को दिया है। जिसमें कहा गया है कि शारदा नदी के किनारे पलिया शहर बसा है और यहां दुधवा नेशनल पार्क है। जहां सैलानियों की लगातार आवाजाही होती है। लेकिन पिछले वर्ष खनन की वजह से हुए भारी नुकसान की तरफ इस साल भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे पलिया फिर से टापू बनने की कगार पर खड़ा हो गया है।
बाढ़ का सबक न लेते हुए भी खनन का लाइसेंस दिया गया है और इसका व्यापार मंडल विरोध करता है। साथ ही खनन पट्टा निरस्त करने की मांग करता है। इस दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष अनूप मिश्रा, महामंत्री संदीप बंसल, अनिल वर्मा, फुरकान अंसारी, जफर अहमद टीटू, अमर गुप्ता, आशीष अग्निहोत्री, अमन गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

पलिया तहसील में तहसीलदार को खनन पट्टा से संबंधित जानकारी देते किसान। संवाद