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लखीमपुर खीरी: चकपुरवा का पंचायतघर भी शारदा में समाया, मिट गया गांव का वजूद; 56 परिवार हुए बेघर

Mon, 25 Sep 2023 06:59 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 25 Sep 2023 06:59 PM IST
सार

ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत करसौर के मजरा चकपुरवा में शारदा नदी के कटान से ऐसा कहर बरपा, जिससे पूरे गांव का वजूद भी मिट गया। गांव के 56 घर नदी में समा गए। पीड़ित परिवार रिश्तेदारियों में दिन काट रहे हैं। 

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existence of the village got erased due to erosion of Sharda river in lakhimpur kheri
शारदा नदी में समाया पंचायतघर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखीमपुर खीरी के ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत करसौर के मजरा चकपुरवा का वजूद पूरी तरह मिट चुका है। गांव का पंचायत घर भी नदी में समा गया है। कटान से बेघर हुए पीड़ित अपनी रिश्तेदारियों में दिन काट रहे हैं। उनके पास न रहने को छत है न खाने को राशन। उधर, प्रशासन का दावा है कि अब तक कुल 56 परिवारों में 34 लोगों को पुनर्वास की जगह उपलब्ध कराई है। 35 लोगों के खाते में बाढ़ कटान की राहत राशि पहुंचाई गई है।

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गोला तहसील और ब्लॉक बिजुआ के ग्राम पंचायत करसौर के मजरा चकपुरवा के सभी 56 घर और सिद्धबाबा का धार्मिक स्थल शारदा नदी में समा जाने के बाद चकपुरवा गांव का वजूद पूरी तरह मिट गया है। गांव की आखिरी निशानी के रूप में बचा पंचायत घर भी धीरे-धीरे कटकर शारदा नदी में समा गया। 

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खेतों में पन्नी तानकर काट रहे वक्त 

शारदा नदी के कटान से बेघर हुए चकपुरवा गांव के लोग आसपास के गांवों में अपनी रिश्तेदारियों में समय काट रहे हैं। कुछ लोग तटबंध और खेतों में पन्नी तानकर वक्त गुजार रहे हैं। इनके बच्चों की पढाई, दवाई आदि सब बंद है। अब गांव के बाहर सड़क के दूसरी तरफ बने सिर्फ तीन घर बचे हैं।

लेखपाल अविनाश मिश्रा ने बताया कि कटान पीड़ितों को आवासीय भूमि आवंटित कर दी गई है, इसमें 19 लोगों को करसौर गांव में जमीन दी गई है। अन्य 15 लोगों को मुड़िया पूजागांव के उत्तर में जमीन दी गई है। कटान पीड़ितों का कहना है कि अभी और बाढ़ आने की संभावना है। यदि उस जमीन में मिट्टी आदि पाटकर घर बनाना शुरू करते हैं तो आने वाली बाढ़ में फिर सब कुछ समाप्त हो जाएगा।

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