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Lakhimpur Kheri News: कवायद बेअसर... धान खरीद ने नहीं पकड़ी रफ्तार
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राजापुर मंडी में धान खरीद का निरीक्षण करते डीएम एसपी
लखीमपुर खीरी। एक अक्तूबर से चल रही धान खरीद अब भी पांच प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकी है। ऐसे में शासन का लक्ष्य पूरा होता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। अधिकारी निरीक्षण करते हुए किसानों को जागरूक करने की बात भी कह रहे हैं, लेकिन किसान सरकारी तामझाम से बचता हुआ दिखाई दे रहा है। तमाम तरह की कागजी कार्रवाई और एक सप्ताह से ज्यादा दिन बाद भुगतान मिलने को लेकर भी किसान क्रय केंद्रों पर फसल नहीं बेचने पहुंच रहा है। ऐसे में क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ दिखाई दे रहा है।
शुरुआती दिनों में फसल लेकर मंडी समिति पहुंचने वाले किसानों का धान क्रय केंद्रों के मानकों पर नहीं खरा उतरा रहा था। इससे एक पखवाड़े तक खरीद नहीं हो सकी। वहीं, प्राइवेट आढ़तों पर किसान लाइन लगाकर अपनी फसल को बेंच रहा था। जिले में बनाए गए क्रय केंद्रों पर धान की कम आवक को देखकर अधिकारियों ने चिंता जताई थी। पिछले दिनों खाद्य आयुक्त ने निरीक्षण करते हुए धान खरीद तेज गति से किए जाने, किसानों को जागरूक करने और तय समय पर भुगतान करने के निर्देश जारी किए थे।
इसके बाद भी खरीद ने गति नहीं पकड़ी। बीते बृहस्पतिवार को भी खाद्य एवं रसद मंत्री सतीश कुमार शर्मा ने भी मंडी का निरीक्षण किया था। कम खरीद होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई थी। तमाम अधिकारी और मंत्रियों के निरीक्षण के बाद भी धान खरीद की गति नहीं बढ़ पा रही है। किसानों का कहना है कि फसल बेचने से पहले रजिस्ट्रेशन कराओ। धान मानक पर खरा उतरना चाहिए, भुगतान के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है। इन्हीं सबसे बचने के लिए किसान सरकारी दाम से कुछ कम रेटों पर धान आढ़तों पर बेच रहा ह। डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी महज 16000 मीट्रिक टन धान खरीद हो सकी है।
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डीएम-एसपी ने किया धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण
शनिवार को डीएम महेंद्र बहादुर सिंह, एसपी गणेश प्रसाद साहा मंडी समिति पहुंचे। एजेंसी मार्केटिंग के सात, पीसीएफ और पीसीयू के 12-12, यूपीएसएस के दो, एफसीआई के एक धान केंद्र का निरीक्षण किया। डीएम ने क्रय केंद्रों पर जरूरी संसाधनों, बोरों की उपलब्धता, धान की आवक, भुगतान तथा किसानों को मिलने वाली सुविधा के बाबत जानकारी एकत्र की। किसान राम खिलावन से वार्ता करते हुए अन्य किसानों को भी क्रय केंद्रों पर ही धान बेचने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। डीएम ने केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया कि वह किसानों से फोन पर बात करें और किसानों से धान बेचने का आग्रह करें। जिलाधिकारी ने मंडी सचिव सुधांशु शेखर को निर्देश दिया कि मंडी आने वाले कृषकों को पराली जलाने के बजाय उसका बेहतर एवं वैज्ञानिक विधि से प्रबंधन करने के लिए जागरूक किया जाय।
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शुरुआती दिनों में फसल लेकर मंडी समिति पहुंचने वाले किसानों का धान क्रय केंद्रों के मानकों पर नहीं खरा उतरा रहा था। इससे एक पखवाड़े तक खरीद नहीं हो सकी। वहीं, प्राइवेट आढ़तों पर किसान लाइन लगाकर अपनी फसल को बेंच रहा था। जिले में बनाए गए क्रय केंद्रों पर धान की कम आवक को देखकर अधिकारियों ने चिंता जताई थी। पिछले दिनों खाद्य आयुक्त ने निरीक्षण करते हुए धान खरीद तेज गति से किए जाने, किसानों को जागरूक करने और तय समय पर भुगतान करने के निर्देश जारी किए थे।
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इसके बाद भी खरीद ने गति नहीं पकड़ी। बीते बृहस्पतिवार को भी खाद्य एवं रसद मंत्री सतीश कुमार शर्मा ने भी मंडी का निरीक्षण किया था। कम खरीद होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई थी। तमाम अधिकारी और मंत्रियों के निरीक्षण के बाद भी धान खरीद की गति नहीं बढ़ पा रही है। किसानों का कहना है कि फसल बेचने से पहले रजिस्ट्रेशन कराओ। धान मानक पर खरा उतरना चाहिए, भुगतान के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है। इन्हीं सबसे बचने के लिए किसान सरकारी दाम से कुछ कम रेटों पर धान आढ़तों पर बेच रहा ह। डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी महज 16000 मीट्रिक टन धान खरीद हो सकी है।
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डीएम-एसपी ने किया धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण
शनिवार को डीएम महेंद्र बहादुर सिंह, एसपी गणेश प्रसाद साहा मंडी समिति पहुंचे। एजेंसी मार्केटिंग के सात, पीसीएफ और पीसीयू के 12-12, यूपीएसएस के दो, एफसीआई के एक धान केंद्र का निरीक्षण किया। डीएम ने क्रय केंद्रों पर जरूरी संसाधनों, बोरों की उपलब्धता, धान की आवक, भुगतान तथा किसानों को मिलने वाली सुविधा के बाबत जानकारी एकत्र की। किसान राम खिलावन से वार्ता करते हुए अन्य किसानों को भी क्रय केंद्रों पर ही धान बेचने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। डीएम ने केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया कि वह किसानों से फोन पर बात करें और किसानों से धान बेचने का आग्रह करें। जिलाधिकारी ने मंडी सचिव सुधांशु शेखर को निर्देश दिया कि मंडी आने वाले कृषकों को पराली जलाने के बजाय उसका बेहतर एवं वैज्ञानिक विधि से प्रबंधन करने के लिए जागरूक किया जाय।

राजापुर मंडी में धान खरीद का निरीक्षण करते डीएम एसपी