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साहब! ये तो 'अंधेर' है: गांव रहा न घर... 10 साल से आ रहा बिजली बिल, पोल तक समां गए थे नदी में
Sun, 02 Oct 2022 12:49 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 Oct 2022 12:49 AM IST
सार
क्षेत्र के महादेव मुड़िया गांव के बाढ़ कटान पीड़ित ग्रामीण शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में गुहार लगाने पहुंचे। लोगों को बिजली पहुंचाने के लिए लगाए गए पोल तक नदी में समा गए थे। बिना बिजली जलाए बिल देखकर परेशान ग्रामीणों ने महकमे के अफसरों से मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग की।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र के महादेव मुड़िया गांव के बाढ़ कटान पीड़ित ग्रामीण शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में गुहार लगाने पहुंचे। उनका दर्द यह है कि उनका गांव 2010 में शारदा नदी की बाढ़ में कट गया था। गांव के सारे घर और जमीन शारदा नदी में समां गए थे। गांव में लगाए गए बिजली के पोल तक नदी में कट गए थे। इसके बावजूद सात साल पहले गांव के लोगों को बिजली के बिल मिले तो वे अफसरों के पास दौड़े। उनको बिल खत्म करने का भरोसा दिया गया। अब 12 साल बाद उनके नाम आरसी कट गई है।
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महादेव मुड़िया गांव के सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके गांव के लोगों को बिजली देने के लिए पोल लगाकर कनेक्शन दिए गए थे। वर्ष 2010 में शारदा की बाढ़ में उनका पूरा गांव कटकर नदी में समा गया था। वहां न घर बचे और न जमीन। लोगों को बिजली पहुंचाने के लिए लगाए गए पोल तक नदी में समा गए थे। वहां रहने वाले ग्रामीणों ने इलाके के रानीगंज, चूरा टांडा, निघासन, बम्हनपुर आदि गांवों से लेकर दूर भीरा कस्बे तक रिश्तेदारों के यहां पनाह ली है। उनका न गांव रहा और न घर।
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वर्ष 2015 में उनमें से कई लोगों को बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बिजली के बिल पहुंचाए। बिना बिजली जलाए बिल देखकर परेशान ग्रामीणों ने महकमे के अफसरों से मुलाकात की। वहां से कोई खास मदद न हासिल होने पर उन्होंने तहसील दिवस में शिकायतें कीं। बिजली अफसरों ने उनको इसका शपथपत्र देने पर उनके कनेक्शन काटने का आश्वासन दिया। शपथपत्र देकर ग्रामीण निश्चिंत हो गए। अब सात साल बाद तीन-चार दिन पहले तहसील से पहुंचे अमीन ने उनके नाम बिजली की आरसी कटी होने की बात कहकर बकाया जमा करने की ताकीद की। इससे उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
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शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे सुरेंद्र सिंह, कुंवर सिंह, बेचेलाल, राकेश, दुशासन, साधूराम, चक्रपाल, चरन सिंह, राजकुमार, श्यामनंदन, मिलाप सिंह आदि ग्रामीणों ने शिकायत देकर आरसी निरस्त करने की मांग की। इस पर बिजली विभाग के अफसरों से जानकारी मांगी गई है।