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इंटरनेट बंद होने से अटक गई बच्चों की डाटा फीडिंग
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लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पंजीकृत बच्चों को यूनिफार्म, जूता, स्वेटर का वितरण नहीं किया जाएगा, बल्कि सीधे धनराशि डीबीटी के जरिए दी जाएगी।
जिले के स्कूलों में कुल 5,67,853 बच्चे पंजीकृत हैं, जिसके सापेक्ष अभी तक 1,62,852 बच्चों का डाटा सत्यापित हो पाया है। शेष डाटा को फीड करने में इंटरनेट का बार-बार बंद किया जाना विभाग के लिए परेशानी का सबब बन गया है। अक्तूबर तक डाटा फीड करने का लक्ष्य पूरा करने में दिक्कत हो सकती है। हालांकि शिक्षकों द्वारा डाटा फीड करने के मामले में खीरी प्रदेश में पांचवें स्थान पर है, जबकि बीईओ द्वारा डाटा सत्यापित करने में तीसरे स्थान पर है।
तिकुनिया कांड के कारण तीन से नौ अक्तूबर तक कई बार जनपद में इंटरनेट सेवाएं बंद रही थीं, जिससे बच्चों को यूनिफार्म, जूता, स्वेटर आदि का पैसा समय से मिलने में देरी होना तय है। डीबीटी के जरिए बच्चों को पैसा ट्रांसफर करने के लिए डीबीटी प्रेरणा ऐप पर आधार नंबर व खाता संख्या फीड कराया जाना है। परिषदीय स्कूलों में कुल 5,67,853 बच्चे पंजीकृत हैैं, जिसके सापेक्ष अब तक 3,21,838 बच्चों का डाटा शिक्षकों द्वारा फीड कराया गया है। इनमें से बीईओ स्तर से 1,62,852 बच्चों का डाटा सत्यापित किया जा चुका है। विभाग ने निर्धारित अवधि में काम पूरा करने के लिए ब्लॉक स्तर पर टेक् िनकल टीमें भी लगाई हैं, जो इंटरनेट बंद होने के दौरान वाईफाई का प्रयोग करके डाटा फीडिंग का कार्य पूर्ण कराने में सहयोग करती रहीं।
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बीएसए डॉ लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि 15 अक्तूबर तक डाटा फीडिंग का कार्य पूर्ण कराने का लक्ष्य है, लेकिन कई दिनों तक इंटरनेट बंद होने के कारण कार्य में देरी हुई है।
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जिले के स्कूलों में कुल 5,67,853 बच्चे पंजीकृत हैं, जिसके सापेक्ष अभी तक 1,62,852 बच्चों का डाटा सत्यापित हो पाया है। शेष डाटा को फीड करने में इंटरनेट का बार-बार बंद किया जाना विभाग के लिए परेशानी का सबब बन गया है। अक्तूबर तक डाटा फीड करने का लक्ष्य पूरा करने में दिक्कत हो सकती है। हालांकि शिक्षकों द्वारा डाटा फीड करने के मामले में खीरी प्रदेश में पांचवें स्थान पर है, जबकि बीईओ द्वारा डाटा सत्यापित करने में तीसरे स्थान पर है।
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तिकुनिया कांड के कारण तीन से नौ अक्तूबर तक कई बार जनपद में इंटरनेट सेवाएं बंद रही थीं, जिससे बच्चों को यूनिफार्म, जूता, स्वेटर आदि का पैसा समय से मिलने में देरी होना तय है। डीबीटी के जरिए बच्चों को पैसा ट्रांसफर करने के लिए डीबीटी प्रेरणा ऐप पर आधार नंबर व खाता संख्या फीड कराया जाना है। परिषदीय स्कूलों में कुल 5,67,853 बच्चे पंजीकृत हैैं, जिसके सापेक्ष अब तक 3,21,838 बच्चों का डाटा शिक्षकों द्वारा फीड कराया गया है। इनमें से बीईओ स्तर से 1,62,852 बच्चों का डाटा सत्यापित किया जा चुका है। विभाग ने निर्धारित अवधि में काम पूरा करने के लिए ब्लॉक स्तर पर टेक् िनकल टीमें भी लगाई हैं, जो इंटरनेट बंद होने के दौरान वाईफाई का प्रयोग करके डाटा फीडिंग का कार्य पूर्ण कराने में सहयोग करती रहीं।
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बीएसए डॉ लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि 15 अक्तूबर तक डाटा फीडिंग का कार्य पूर्ण कराने का लक्ष्य है, लेकिन कई दिनों तक इंटरनेट बंद होने के कारण कार्य में देरी हुई है।