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सिर्फ हाजिरी लगाकर शिक्षकों को घर बैठे मिल रहा वेतन
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लखीमपुर खीरी। स्कूल-कॉलेज खुल चुके हैं, लेकिन बेेसिक शिक्षा विभाग के 264 शिक्षकों को कई महीने बीतने के बाद भी स्कूलों में तैनाती नहीं मिल पाई है। जबकि कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। स्कूल का आवंटन न किए जाने के कारण यह शिक्षक बीएसए दफ्तर में हाजिरी लगाकर वापस घर चले जाते हैं। कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं, जो कभी-कभार आकर रजिस्टर में हाजिरी भर जाते हैं। लिहाजा इन शिक्षकों को स्कूल में बच्चों को बिना पढ़ाए ही घर बैठे वेतन मिल रहा है।
फरवरी-मार्च 2021 में हुए पारस्परिक तबादले के चलते दूसरे जनपदों से 103 शिक्षक लखीमपुर आए थे। इन शिक्षकों को स्कूल आवंटित करने के लिए शासन से दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार करते हुए तब तक इन शिक्षकों को बीएसए दफ्तर में हाजिरी लगाने के निर्देश बीएसए ने दिए थे। तब से यह शिक्षक बीएसए दफ्तर में हाजिरी लगा रहे हैं, लेकिन इन्हेे स्कूल का आवंटन करने के लिए शासन स्तर से बीएसए को अब तक दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। ऐसे ही 69 हजार भर्ती के तहत करीब चार माह पहले नियुक्ति पाए 156 शिक्षकों को भी अब तक स्कूलों का आवंटन नहीं किया जा सका है। लिहाजा यह शिक्षक भी बीएसए दफ्तर में हाजिरी लगाकर वापस घर लौट जाते हैं। इसके बाद पिछले महीने प्रथम और द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में छूटे हुए पांच शिक्षकों की भर्ती की गई थी, जिसके बाद से इन्हें भी स्कूल आवंटित नहीं किए गए हैं। इस प्रकार कुल 264 शिक्षक बीएसए दफ्तर में हाजिरी लगाकर घर लौट जाते हैं। स्कूल आवंटित न किए जाने से कई शिक्षक तनाव में भी हैं, क्योंकि स्कूल आवंटित न होने के कारण उन्होंने भी अपना ठिकाना निश्चित नहीं किया है। लिहाजा ऐसे कई शिक्षकों को काफी दूर से बीएसए दफ्तर में हाजिरी लगाने के लिए आना पड़ता है। हालांकि सूत्रों की माने तो कुछ शिक्षकों ने प्रतिदिन हाजिरी लगाने के झंझट से बचने के लिए जुगाड़ का सहारा लिया है, जिससे वह सप्ताह में एक-दो बार आकर अन्य दिनों की भी हाजिरी लगा जाते हैं।
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पारस्परिक तबादले पर आए 103 शिक्षकों को स्कूल आवंटित किए जाने के लिए अभी शासन से निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। इसके अलावा 69 हजार भर्ती के तहत नियुक्ति पाए 161 शिक्षकों को स्कूल आवंटन किए जाने हैं। इसके लिए भी शासन से निर्देश प्राप्त होने की प्रतीक्षा है।
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-डॉ लक्ष्मी कांत पांडेय, बीएसए
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फरवरी-मार्च 2021 में हुए पारस्परिक तबादले के चलते दूसरे जनपदों से 103 शिक्षक लखीमपुर आए थे। इन शिक्षकों को स्कूल आवंटित करने के लिए शासन से दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार करते हुए तब तक इन शिक्षकों को बीएसए दफ्तर में हाजिरी लगाने के निर्देश बीएसए ने दिए थे। तब से यह शिक्षक बीएसए दफ्तर में हाजिरी लगा रहे हैं, लेकिन इन्हेे स्कूल का आवंटन करने के लिए शासन स्तर से बीएसए को अब तक दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। ऐसे ही 69 हजार भर्ती के तहत करीब चार माह पहले नियुक्ति पाए 156 शिक्षकों को भी अब तक स्कूलों का आवंटन नहीं किया जा सका है। लिहाजा यह शिक्षक भी बीएसए दफ्तर में हाजिरी लगाकर वापस घर लौट जाते हैं। इसके बाद पिछले महीने प्रथम और द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में छूटे हुए पांच शिक्षकों की भर्ती की गई थी, जिसके बाद से इन्हें भी स्कूल आवंटित नहीं किए गए हैं। इस प्रकार कुल 264 शिक्षक बीएसए दफ्तर में हाजिरी लगाकर घर लौट जाते हैं। स्कूल आवंटित न किए जाने से कई शिक्षक तनाव में भी हैं, क्योंकि स्कूल आवंटित न होने के कारण उन्होंने भी अपना ठिकाना निश्चित नहीं किया है। लिहाजा ऐसे कई शिक्षकों को काफी दूर से बीएसए दफ्तर में हाजिरी लगाने के लिए आना पड़ता है। हालांकि सूत्रों की माने तो कुछ शिक्षकों ने प्रतिदिन हाजिरी लगाने के झंझट से बचने के लिए जुगाड़ का सहारा लिया है, जिससे वह सप्ताह में एक-दो बार आकर अन्य दिनों की भी हाजिरी लगा जाते हैं।
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पारस्परिक तबादले पर आए 103 शिक्षकों को स्कूल आवंटित किए जाने के लिए अभी शासन से निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। इसके अलावा 69 हजार भर्ती के तहत नियुक्ति पाए 161 शिक्षकों को स्कूल आवंटन किए जाने हैं। इसके लिए भी शासन से निर्देश प्राप्त होने की प्रतीक्षा है।
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-डॉ लक्ष्मी कांत पांडेय, बीएसए