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सहमति पत्र देने पर भी बच्चों को स्कूल भेजने की हिम्मत नहीं जुटा सके अभिभावक
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शहाबुद्दीनपुर के रानी लक्ष्मीबाई कालेज में आटो सेनिटाइज होती छात्रा।
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। कोरोनाकाल में करीब साढ़े छह माह बाद सोमवार को कक्षा नौ से 12 तक के स्कूल तो खुले मगर विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम रही। सहमति पत्र देने के बावजूद कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने की हिम्मत नहीं जुटा सके। कोरोनाकाल में स्कूल खोलने को लेकर दिए गए निर्देशों का कुछ विद्यालयों में बेहतर तरीके से पालन होता मिला तो कुछ जगहों पर लापरवाही भी देखने को मिली। सभी जगह सैनिटाइजिंग के साथ बच्चों का तापमान लिया गया। सामाजिक दूरी का पालन कराने के साथ शासन की गाइड लाइन का गंभीरता से पालन करने पर जोर दिया गया।
सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य शिप्रा बाजपेई ने बताया कि कक्षा नौ से 12 तक 842 छात्राएं पंजीकृत हैं। इसमें से 267 छात्राओं के अभिभावकों ने सहमति पत्र दिए थे। मगर, पहले 115 छात्राएं ही उपस्थित हुईं। उन्होंने बताया कि पहले दिन 50 प्रतिशत छात्राओं को ही बुलाया गया था। जीजीआईसी की कार्यवाहक प्रधानाचार्य शशि प्रभा तिवारी ने बताया कि पंजीकृत 843 छात्राओं में से 129 के अभिभावकों ने ही सहमति दी थी, जिसमें से पहले दिन 48 छात्राएं हीं उपस्थित हुई। उधर ज्ञान स्थली एकेडमी के प्रबंधक रघुवीर सिह यादव ने बताया कि चारों कक्षाओं में 339 छात्र छात्राएं पंजीकृत थे। इसमें से 136 के ही सहमति पत्र आए थे। पहले दिन सिर्फ 31 छात्र छात्राएं स्कूल आए। जबकि जीआईसी में पहले दिन कोई भी कक्षा नहीं चल सकी। प्रधानाचार्य डॉ. आरके आर्य ने बताया कि कुछ छात्र बिना सहमति पत्र लिए आए थे इसलिए उन्हें घर भेज दिया गया। दूसरे कोविड जांच केंद्र हटने के बाद विद्यालय में साफ सफाई और सैनिटाइजेशन का काम भी कराया जा रहा है। इधर, यहां रविवार से डेरा डाले जेडी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने सोमवार को पहले दिन कस्बा खीरी के जीजीआईसी, अमीरूल मोमनीन इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। अमीरूल मोमनीन में थर्मल स्कैनर से अपना तापमान चेक कराकर उसकी गुणवत्ता परखी। इसके बाद वह शहर के अजमानी इंटरनेशनल स्कूल पहुंचे। उन्होंने इंतजामों परखने के बाद छात्राओं से ऑनलाइन पढ़ाई और स्कूल खुलने के संबंध में बातचीत की।
गोला गोकर्णनाथ। श्री राजेंद्र गिरि मेमोरियल एकेडमी में कक्षाएं प्रारंभ होने से पहले आचार्य रामदेव मिश्र शास्त्री ने हवन कराया। एमडी विधायक अरविंद गिरि, प्रधानाचार्य आलोक मिश्र मय स्टाफ मौजूद रहे। कृषक समाज इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. लखपत राम वर्मा ने बताया कि प्रथम पाली में 200 और दूसरी में 297 छात्र उपस्थित रहे। सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज में 622 छात्र उपस्थित हुए। प्रधानाचार्य महेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि अभिभावकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। कोरोना से बचाव के समस्त उपाय हैं। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में प्रबंधक डॉ. आदित्य पुरवार ने विद्यालय का निरीक्षण किया। डॉ. ममता पुरवार ने छात्रों को कोरोना से बचाव की जानकारी दी।
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अमीरनगर। पंडित रामचंद्र स्मारक विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बस्तौली के प्रधानाचार्य प्रताप शंकर शुक्ला ने बताया कि प्रथम पाली में 10 छात्र उपस्थित हुए।
ममरी। सरदार पटेल स्मारक इंटर कॉलेज में पहली पाली में मात्र दो छात्र उपस्थिति हुए। पटेल शांति निकुंज इंटर कॉलेज में 71 बच्चे उपस्थित रहे। सरस्वती विद्या मंदिर में कोरोना से बचाव की व्यवस्था अधूरी होने के कारण एक भी बच्चा स्कूल नहीं आया। प्रधानाचार्य ओमप्रकाश यादव ने बताया कि मंगलवार से छात्रों को बुलाया है।
रेहरिया। सरदार बाबा सिंह पब्लिक स्कूल में कक्षा नौ, 10 के बच्चों का शिक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया गया। प्रबंध समिति अध्यक्ष एसके चड्ढा, प्रबंधक नीतू चड्ढा, प्रधानाचार्य अंकुर सक्सेना आदि मौजूद रहे
पलियाकलां। गोल्डन फ्लावर स्कूल में अभिभावकों के साथ बैठक कर प्रबंधन ने सुझाव मांगे ।
निघासन। द्वारिका प्रसाद गायत्री इंटर कॉलेज में मात्र दो सौ बच्चे उपस्थित हुए। जिला पंचायत इंटर कॉलेज में 110 बच्चे उपस्थित रहे। द्वारिका प्रसाद इंटर कॉलेज के प्रबंधक विनोद सिंह ने बताया कि कोविड-19 गाइड लाइन का पालन किया गया है। तिकुनियां के आरएन इंटरनेशनल स्कूल में नियमों का पालन करते पढ़ाई हुई।
मैलानी। श्री लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज में सिर्फ दस बच्चे पहुंचे। प्रिंसिपल जगदंबा प्रसाद वर्मा ने बताया कि बच्चों से सहमति पत्र भरवाए जा रहे हैं। फिलहाल करीब 50 अभिभावकों ने ही सहमति पत्र भेजे हैं।
शिक्षिका ने कहा-ग्लब्स पहनकर बैठो
जीजीआईसी में बारहवीं की एक छात्रा बिना ग्लब्स क्लासरूम में बैठी मिली। शिक्षिका शिशि प्रभा तिवारी ने उसे ग्लब्स पहनने के साथ कोरोना से बचाव को लेकर एहतियात बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए छात्राओं को कक्षा में बैठने को कहा।
जीजीआईसी में बिना मास्क मिलीं शिक्षिकाएं
शासन ने कोविड-19 से बचाव को लेकर गाइड लाइन के तहत स्कूल खोलने की अनुमति दी है, लेकिन जीजीआईसी में पहले ही दिन इसका उल्लंघन होता मिला। जिन शिक्षिकाओं की जिम्मेदारी छात्राओं को मास्क लगाने के लिए प्रेरित करने की थी, वही सभागार में बिना मास्क बैठी मिलीं।
छात्राएं बोलीं-कोरोना संक्रमण का है डर पर पढ़ाई भी जरूरी
ऑनलाइन पढ़ाई करने में नेटवर्क की दिक्कत रहती थी। क्लास रूम में अच्छे से समझ आता है। कोरोना से डर तो लगता है, लेकिन पढ़ाई भी जरूरी है। स्कूल आते जाते समय सतर्कता रखेंगे।
- करिश्मा गिरि, कक्षा-12 जीजीआईसी
मम्मी पापा तैयार नहीं थे, लेकिन बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने के लिए हमने स्कूल जाने के लिए मन बना लिया। सैनिटाइजर साथ रखकर और मास्क, ग्लब्स पहनकर पूरी एहतियात रखेंगे।
-कहकशां, बेगमबाग, कक्षा-12, जीजीआईसी
ऐसी स्थिति में मम्मी पापा स्कूल भेजने को कतई तैयार नहीं थे। मगर, स्कूल के इंतजाम से संतुष्ट होकर सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। हमें भी मास्क, सेनिटाइजर आदि लेकर दिया है।
-दृष्टि शुक्ला, कक्षा -12, सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज
कोरोना का डर है, लेकिन क्लास रूम का विकल्प ऑनलाइन पढ़ाई नहीं हो सकती है। अपनी सुरक्षा अपने हाथ के तहत पूरी सतर्कता के साथ स्कूल आएंगे।
-शिवांगी, कक्षा -11, सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज
स्कूल खोलने के लिए कोविड-19 को लेकर जारी दिशा निर्देश सभी प्रधानाचार्यों को भेज दिए हैं। इसका सभी को पालन करना अनिवार्य है। उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-हयात अली अंसारी, डीआईओएस
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सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य शिप्रा बाजपेई ने बताया कि कक्षा नौ से 12 तक 842 छात्राएं पंजीकृत हैं। इसमें से 267 छात्राओं के अभिभावकों ने सहमति पत्र दिए थे। मगर, पहले 115 छात्राएं ही उपस्थित हुईं। उन्होंने बताया कि पहले दिन 50 प्रतिशत छात्राओं को ही बुलाया गया था। जीजीआईसी की कार्यवाहक प्रधानाचार्य शशि प्रभा तिवारी ने बताया कि पंजीकृत 843 छात्राओं में से 129 के अभिभावकों ने ही सहमति दी थी, जिसमें से पहले दिन 48 छात्राएं हीं उपस्थित हुई। उधर ज्ञान स्थली एकेडमी के प्रबंधक रघुवीर सिह यादव ने बताया कि चारों कक्षाओं में 339 छात्र छात्राएं पंजीकृत थे। इसमें से 136 के ही सहमति पत्र आए थे। पहले दिन सिर्फ 31 छात्र छात्राएं स्कूल आए। जबकि जीआईसी में पहले दिन कोई भी कक्षा नहीं चल सकी। प्रधानाचार्य डॉ. आरके आर्य ने बताया कि कुछ छात्र बिना सहमति पत्र लिए आए थे इसलिए उन्हें घर भेज दिया गया। दूसरे कोविड जांच केंद्र हटने के बाद विद्यालय में साफ सफाई और सैनिटाइजेशन का काम भी कराया जा रहा है। इधर, यहां रविवार से डेरा डाले जेडी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने सोमवार को पहले दिन कस्बा खीरी के जीजीआईसी, अमीरूल मोमनीन इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। अमीरूल मोमनीन में थर्मल स्कैनर से अपना तापमान चेक कराकर उसकी गुणवत्ता परखी। इसके बाद वह शहर के अजमानी इंटरनेशनल स्कूल पहुंचे। उन्होंने इंतजामों परखने के बाद छात्राओं से ऑनलाइन पढ़ाई और स्कूल खुलने के संबंध में बातचीत की।
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गोला गोकर्णनाथ। श्री राजेंद्र गिरि मेमोरियल एकेडमी में कक्षाएं प्रारंभ होने से पहले आचार्य रामदेव मिश्र शास्त्री ने हवन कराया। एमडी विधायक अरविंद गिरि, प्रधानाचार्य आलोक मिश्र मय स्टाफ मौजूद रहे। कृषक समाज इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. लखपत राम वर्मा ने बताया कि प्रथम पाली में 200 और दूसरी में 297 छात्र उपस्थित रहे। सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज में 622 छात्र उपस्थित हुए। प्रधानाचार्य महेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि अभिभावकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। कोरोना से बचाव के समस्त उपाय हैं। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में प्रबंधक डॉ. आदित्य पुरवार ने विद्यालय का निरीक्षण किया। डॉ. ममता पुरवार ने छात्रों को कोरोना से बचाव की जानकारी दी।
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अमीरनगर। पंडित रामचंद्र स्मारक विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बस्तौली के प्रधानाचार्य प्रताप शंकर शुक्ला ने बताया कि प्रथम पाली में 10 छात्र उपस्थित हुए।
ममरी। सरदार पटेल स्मारक इंटर कॉलेज में पहली पाली में मात्र दो छात्र उपस्थिति हुए। पटेल शांति निकुंज इंटर कॉलेज में 71 बच्चे उपस्थित रहे। सरस्वती विद्या मंदिर में कोरोना से बचाव की व्यवस्था अधूरी होने के कारण एक भी बच्चा स्कूल नहीं आया। प्रधानाचार्य ओमप्रकाश यादव ने बताया कि मंगलवार से छात्रों को बुलाया है।
रेहरिया। सरदार बाबा सिंह पब्लिक स्कूल में कक्षा नौ, 10 के बच्चों का शिक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया गया। प्रबंध समिति अध्यक्ष एसके चड्ढा, प्रबंधक नीतू चड्ढा, प्रधानाचार्य अंकुर सक्सेना आदि मौजूद रहे
पलियाकलां। गोल्डन फ्लावर स्कूल में अभिभावकों के साथ बैठक कर प्रबंधन ने सुझाव मांगे ।
निघासन। द्वारिका प्रसाद गायत्री इंटर कॉलेज में मात्र दो सौ बच्चे उपस्थित हुए। जिला पंचायत इंटर कॉलेज में 110 बच्चे उपस्थित रहे। द्वारिका प्रसाद इंटर कॉलेज के प्रबंधक विनोद सिंह ने बताया कि कोविड-19 गाइड लाइन का पालन किया गया है। तिकुनियां के आरएन इंटरनेशनल स्कूल में नियमों का पालन करते पढ़ाई हुई।
मैलानी। श्री लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज में सिर्फ दस बच्चे पहुंचे। प्रिंसिपल जगदंबा प्रसाद वर्मा ने बताया कि बच्चों से सहमति पत्र भरवाए जा रहे हैं। फिलहाल करीब 50 अभिभावकों ने ही सहमति पत्र भेजे हैं।
शिक्षिका ने कहा-ग्लब्स पहनकर बैठो
जीजीआईसी में बारहवीं की एक छात्रा बिना ग्लब्स क्लासरूम में बैठी मिली। शिक्षिका शिशि प्रभा तिवारी ने उसे ग्लब्स पहनने के साथ कोरोना से बचाव को लेकर एहतियात बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए छात्राओं को कक्षा में बैठने को कहा।
जीजीआईसी में बिना मास्क मिलीं शिक्षिकाएं
शासन ने कोविड-19 से बचाव को लेकर गाइड लाइन के तहत स्कूल खोलने की अनुमति दी है, लेकिन जीजीआईसी में पहले ही दिन इसका उल्लंघन होता मिला। जिन शिक्षिकाओं की जिम्मेदारी छात्राओं को मास्क लगाने के लिए प्रेरित करने की थी, वही सभागार में बिना मास्क बैठी मिलीं।
छात्राएं बोलीं-कोरोना संक्रमण का है डर पर पढ़ाई भी जरूरी
ऑनलाइन पढ़ाई करने में नेटवर्क की दिक्कत रहती थी। क्लास रूम में अच्छे से समझ आता है। कोरोना से डर तो लगता है, लेकिन पढ़ाई भी जरूरी है। स्कूल आते जाते समय सतर्कता रखेंगे।
- करिश्मा गिरि, कक्षा-12 जीजीआईसी
मम्मी पापा तैयार नहीं थे, लेकिन बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने के लिए हमने स्कूल जाने के लिए मन बना लिया। सैनिटाइजर साथ रखकर और मास्क, ग्लब्स पहनकर पूरी एहतियात रखेंगे।
-कहकशां, बेगमबाग, कक्षा-12, जीजीआईसी
ऐसी स्थिति में मम्मी पापा स्कूल भेजने को कतई तैयार नहीं थे। मगर, स्कूल के इंतजाम से संतुष्ट होकर सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। हमें भी मास्क, सेनिटाइजर आदि लेकर दिया है।
-दृष्टि शुक्ला, कक्षा -12, सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज
कोरोना का डर है, लेकिन क्लास रूम का विकल्प ऑनलाइन पढ़ाई नहीं हो सकती है। अपनी सुरक्षा अपने हाथ के तहत पूरी सतर्कता के साथ स्कूल आएंगे।
-शिवांगी, कक्षा -11, सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज
स्कूल खोलने के लिए कोविड-19 को लेकर जारी दिशा निर्देश सभी प्रधानाचार्यों को भेज दिए हैं। इसका सभी को पालन करना अनिवार्य है। उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-हयात अली अंसारी, डीआईओएस

पलिया के गुरुकुल एकेडमी में पढ़ाई करते बच्चे। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR

एक निजी स्कूल में छात्रा से बात करते जेडी सुरेंद्र कुमार तिवारी। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR

जीजीआईसी में छात्रा को ग्लब्स पहनने के निर्देश देतीं शिक्षिका। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR

मैलानी में सहमति पत्र के साथ स्कूल पहुंचीं छात्राएं। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR